है दी आवाज़
A
hindiOriginal Key: Achristmas
है दी आवाज़
Key: A
Instrument: guitar
Aहै दी आवाज़ फरिश्तों ने ज़मीं के F#mलोगों Dको,
उतर Aआया जहां में F#mआज खुदा A-E-A//इंसान बन कर।
1. Aवह आया है गुनाह की कैद से Dआज़ाद करने को,
जो उजड़े Eज़िन्दगी के बाग उन्हें आबाद Aकरने को।
Aन हो मायूस खुदा आया, उम्मीदों F#mका जहां बन Dकर
उतर Aआया जहां में F#mआज खुदा A-E-A//इंसान बन कर।
2. Aजो बैठे हैं अन्धेरे में वह आयें Dरोशनी देखें,
गमों में Eरहने वाले ज़िन्दगी की हर Aखुशी ले ले।
Aवह आया है खुदा इंसान, मेहरF#mबान बन Dकर।
उतर Aआया जहां में F#mआज खुदा A-E-A//इंसान बन कर।
3. Aहमारे वास्ते वह आसमानी Dप्यार लाया है,
नया जीEवन नया राहें नया संAसार लाया है।
Aकभी जो खत्म ना हो आज, ऐसी F#mदास्तां बन Dकर।
उतर Aआया जहां में F#mआज खुदा A-E-A//इंसान बन कर।