तुम जगत की ज्योति हो,
D
hindiOriginal Key: Dworship
तुम जगत की ज्योति हो,
Key: D
Instrument: guitar
Dतुम जगत की ज्योति Aहो, तुम धरा Gके Aनमक भी Dहो-2
Dतुमको Gपैदा इसलिये Dकिया,
तुमको Gजीवन इसलिये Dमिला
उसकी Aमर्जी़ कर सको Dसदा
Dवो नगर Gजो बसे शिखर Dपर,
छिपता ही Gनहीं, किसी की Dनज़र
तुम्हारे भले Aकाम चमके इस Dतरह
Dपड़ोसी से Gप्रेम, तुमने सुना Dहै,
दुश्मनों से Gप्रेम मेरा कहना Dहै
तब ही तुम Aसंतान, परमेश्वर Dसमान
Dआँख के बदले Gआँख, बुराई का सामना Dहै,
फेरो दूसरा Gगाल सह लो सब Dअन्याय
ऐसा जीवन Aही, पिता को भाता Dहै।