Tu hi yogya hai
A
hindiOriginal Key: Aworship
Tu hi yogya hai
Key: A
Instrument: guitar
प्रभु मैं A ख़ुद को, तेरे D क़रीब लाऊँ,
और तेरे F#m नाम को धन्य E कहूँ –(2)
तू ही F#m योग्य है,
आदर के D योग्य है,
महिमा E मिले तुझे,
और आराधDना भी…..A –(2)
तूने ही A तो प्रभु, मुझे मेरे D पापों से
क्रूस की E मौत के द्वारा, बचा D लिया..E..A–(2)
तूने मेरे D जीवन में, एक नयी A आशा देकर,
अपने स्वर्ग D राज्य का, वारिस बनाD लिया..E..A
तू ही योग्य ………. |
मेरे धन्यवाद A की भेंट, तेरे सन्मुख D प्रभु,
पूरे तन मन E से मैं, तुझको चढ़ाता D हूँ ..E..A –(2)
मेरा सब D कुछ प्रभु, मैं तुझे A देता हूँ
अपने इस D जीवन को भी, तुझको मैं सौंपता D हूँ ..E..A
तू ही योग्य ………. |