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पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 10 / 29

1 इतिहास 10

1पलिश्तियों ने इस्राएलियों से युद्ध किया; और इस्राएल पुरफ़ष पलिश्तियों के सामने से भाग निकले, और गिलबो पर्वत पर घात किए गए।

2और पलिश्ती शाऊल तथा उसके पुत्रों का पीछा करते रहे, और पलिश्तियों ने शाऊल के पुत्र योनातान, अबीनादाब और मल्कीशू को मार डाला।

3और शाऊल के विरफ़द्ध युद्ध घमासान होता गया। और धनुर्धारियों ने उसे आ घेरा; और वह धनुर्धारियों द्वारा घायल किया गया।

4तब शाऊल ने अपने शस्त्रवाहक से कहा, “अपनी तलवार खींचकर मुझे भोंक दे, ऐसा न हो कि ये ख़तनारहित लोग आकर मेरे साथ दुर्व्यवहार करे।” परन्तु उसके शस्त्रवाहक ने अत्यंत भयभीत होने के कारण इनकार किया। इसलिए शाऊल अपनी तलवार खड़ी करके उस पर गिर गया।

5और जब शाऊल के शस्त्रवाहक ने देखा कि शाऊल की मृत्यु हो गई है; तब वह भी उसी के समान अपनी तलवार खड़ी करके उस पर आप गिरकर मर गया।

6इस प्रकार शाऊल और उसके तीनों पुत्रों की मृत्यु हो गई है उसके घराने के सब लोग एक साथ मर मिटे।

7जब तराई के सब इस्राएलियों ने देखा कि वे भाग गए, और शाऊल और उसके पुत्रों की मृत्यु हो गई है, तो वे भी अपने नगरों का छोड़कर भाग गए; और पलिश्ती आकर उनमें रहने लगे।

8और ऐसा हुआ कि जब पलिश्ती दूसरे दिन मारे गए लोगों का माल लूटने आए, तो गिल्बो पर्वत पर उन्हें शाऊल और उसके पुत्र मृत पड़े मिले।

9तब उन्होंने उसके वस्र उतार लिए और उसके सिर और हथियारों को ले लिया और पलिश्तियों के देश में चारों ओर दूतों को भेजा कि वे उनके देवताओं और लोगों तक यह शुभ संदेश पहुंचा दे।

10और उन्होंने उसके हथियार को अपने देवालय में रखा और उसके सिर को दागोन के मन्दिर में लटका दिया।

11जब याबेश-गिलाद के सब लोगों ने सुना कि पलिश्तियों ने शाऊल के साथ क्या-क्या किया,

12तब सब शूरवीर शाऊल और उसके पुत्रों की लाशों को उठाकर याबेश ले आए और याबेश में उनकी हड्डियों को उन्होंने एक बांज वृक्ष के नीचे गाड़ कर सात दिन का उपवास रखा।

13अतः यहोवा के विरफ़द्ध किए गए अपने अपराध के कारण शाऊल मर गया, क्योंकि उसने यहोवा के वचन का पालन नहीं किया और इसलिए भी कि उसने पूछताछ करके एक भूतसिद्धि करने वाली से परामर्श लिया था।

14और यहोवा से नहीं पूछा था। इसलिए यहोवा ने उसे मारा और उसका राज्य यिशै के पुत्र दाऊद को दे दिया।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)