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पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 14 / 29

1 इतिहास 14

1और सूर के राजा हीराम ने दाऊद के पास दूत भेजे और भवन बनाने के लिए देवदार की लकड़ी, राज-मिस्त्री और बढ़इयों को भेजा कि वे उसके लिए भवन बनाए।

2और दाऊद को निश्चय हो गया कि यहोवा ने उसे इस्राएल का राजा करके स्थिर कर दिया है, क्योंकि परमेश्वर की प्रजा इस्राएल के निमित्त उसका राज्य अत्यन्त बढ़ गया था।

3दाऊद ने यरूशलेम में और स्रियां ब्याह लीं, और उनसे और भी पुत्र-पुत्रियां उत्पन्न हुईं।

4उसके जो सन्तान यरूशलेम में उत्पन्न हुईं, उनके ये नाम हैं: शम्मू, शोबाब, नातान, सुलैमान;

5यिभार, एलीशू, एलपेलेत;

6नोगह, नेपेग, यापी,

7एलीशामा, बेल्यादा और एलीपेलेद।

8जब पलिश्तियों ने सुना कि समस्त इस्राएल पर राजा होने के लिए दाऊद का अभिषेक किया गया है; तब सब पलिश्तियों ने दाऊद की खोज में चढ़ाई की; और दाऊद यह सुनकर उनका सामना करने को निकला।

9और पलिश्तियों ने आकर रपाईम नामक तराई पर चढ़ाई की।

10तब दाऊद ने परमेश्वर से पूछा, “क्या मैं पलिश्तियों पर चढ़ाई करूं? और क्या तू उन्हें मेरे हाथ में कर देगा?” तब यहोवा ने उससे कहा, “चढ़ाई कर, क्योंकि मैं उन्हें तेरे हाथ में कर दूंगा।”

11अतः वे बालपरासीम को आए, और दाऊद ने वहां उन्हें पराजित किया; तब दाऊद ने कहा, “परमेश्वर मेरे द्वारा मेरे शत्रुओं पर जल की धारा की नाईं टूट पड़ा है।” इसलिए उन्होंने उस स्थान का नाम बालपरासीम रखा।

12और वहां वे अपने देवताओं की मूर्तियों को छोड़ गए; और दाऊद की आज्ञा से उन्हें आग लगाकर फूंक दिया गया।

13और पतिश्तियों ने फिर उस घाटी पर धावा किया।

14और दाऊद ने फिर परमेश्वर से पूछा, और परमेश्वर ने उससे कहा, “उनका पीछा मत कर वरन् उनके पीछे से घूमकर शहतूत के वृक्षों के सामने से उन पर चढ़ाई कर।

15और जब शहतूत के वृक्षों की फुनगियों पर सेना के चलने की सी आहट तुझे सुनाई पड़े, तब युद्ध करने को निकलना क्योंकि परमेश्वर पलिश्तियों की सेना को मारने के लिए तेरे आगे-आगे जा चुका होगा।”

16और जैसा कि परमेश्वर ने आज्ञा दी थी दाऊद ने वैसा ही किया, और उन्होंने पलिश्तियों की सेना का गिबोन से लेकर गेजेर तक संहार किया।

17तब दाऊद की कीर्ति सब देशों में फैल गई; और यहोवा ने सब जातियों में उसका भय भर दिया।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)