पुराना नियम · निर्गमन · अध्याय 31 / 40
निर्गमन 31
1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
2“देख, मैंने यहूदा के गोत्र से हूर के पोते और ऊरी के पुत्र बसलेल को नाम लेकर बुलाया है।
3और मैंने उसको बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान और सब प्रकार की शिल्पकारिता की समझ में परमेश्वर के आत्मा से भर दिया है,
4कि वह सोने, चांदी और कांसे की बनावट में शिल्पकारी के कलात्मक नमूने सोच-सोचकर निकाले,
5और जड़ने के लिए पत्थर को काटे, और लकड़ी पर नक्काशी करे और सब प्रकार के शिल्प के कार्य कर सके।
6और देख, मैंने ओहोलीआब को जो अहीसामाक का पुत्र है और दान के गोत्र का है, उसे मैंने स्वयं उसके साथ नियुक्त कर दिया है, और मैंने सब बुद्धिमानों के हृदयों में ऐसी बुद्धि डाली है कि जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैंने तुझे दी है, उन सभों का वे निर्माण करें,
7अर्थात् मिलापवाला तम्बू, साक्षीपत्र का सन्दूक और उस पर प्रायश्चित्त का ढक्कन, और तम्बू के सब सामान,
8और मेज और उसके सब पात्र और सब पात्रों सहित चोखे सोने की दीवट और लोबान जलाने की वेदी,
9सारे पात्रों सहित होमबलि की वेदी, और उसके सब पात्र भी और हौदी और उसके पाए,
10और काढ़े हुए वस्त्र भी, और हारून के पवित्र वस्त्र और उसके पुत्रों के वस्त्र जिनसे याजकीय सेवा की जा सके,
11अभिषेक का तेल भी और पवित्रस्थान के लिए सुगन्धित द्रव्य, इन सभों को वे जैसा मैंने तुझे आज्ञा दी है वैसा बनाए।”
12और यहोवा ने मूसा से कहा,
13“तू तो इस्राएलियों से यह कहना, ‘तुम मेरे सब्त के दिनों को अवश्य मानना, क्योंकि मेरे और तुम्हारे बीच यह एक चिह्न ठहरे, जिससे तुम जानो कि मैं ही यहोवा हूं जो तुम्हें पवित्र करता हू।
14इसलिए तुम सब्त के दिन को मानना, क्योंकि यह दिन तुम्हारे लिए पवित्र है। जो कोई उसको अपवित्र करे वह निश्चय मार डाला जाए, जो कोई उस दिन कोई कार्य करे वह अपने लोगों के बीच से नष्ट किया जाए।
15छः दिन काम-काज किया जाए पर सातवां दिन सब्त का विश्राम दिन और यहोवा के लिए पवित्र है। जो कोई सब्त के दिन कुछ काम करे, वह निश्चय मार डाला जाए।
16अतः इस्राएली सब्त के दिन को माना करें वरन् वे सब्त के दिन को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सनातन वाचा के रूप में मानते रहे।’
17मेरे और इस्राएलियों के बीच सनातन के लिए यह एक चिह्न ठहरेगा; क्योंकि छः दिनों में यहोवा ने आकाश और पृथ्वी को सिरजा किन्तु सातवें दिन उसने विश्राम किया और ताजगी प्राप्त की।”
18और जब परमेश्वर सीनै पर्वत पर मूसा से बातचीत कर चुका, तब उसने मूसा को अपनी उंगली से पत्थर पर लिखी हुई साक्षी की दो पटियाएं दी।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)