पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 35 / 48
यहेजकेल 35
1तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचाः
2“हे मनुष्य की सन्तान, सेईर पहाड़ की ओर अपना मुख करके उसके विरुद्ध नबूवत कर,
3और उससे कह कि प्रभु यहोवा यों कहता हैः हे सेईर पहाड़, देख, मैं तेरे विरुद्ध हू। मै अपना हाथ तेरे विरुद्ध बढ़ाऊंगा, और मैं तुझे उजाड़ और निर्जन कर दूंगा।
4मैं तेरे नगरों को निर्जन कर दूंगा और तू उजाड़ हो जाएगा; तब तू जान जाएगा कि मैं यहोवा हू।
5क्योंकि अपनी चिरकालीन शत्रुता के कारण तूने उनके संकट के समय अर्थात् उनके अंतिम दण्ड के समय इस्राएलियों को तलवार से घात होने के लिए सौंप दियाः
6इसलिए प्रभु यहोवा की वाणी है, मेरे जीवन की शपथ, मैं तुझे रक्तपात के अधीन कर दूंगा और रक्तपात तेरा पीछा करेगा, क्योंकि तुझे रक्तपात से घृणा नहीं इसलिए रक्तपात तेरा पीछा करेगा।
7मैं सेईर पर्वत को निर्जन और उजाड़ कर दूंगा और उसमें से होकर आने-जाने वाले को नष्ट कर दूंगा।
8और मैं उसके पहाड़ों को घात किए हुओं से भर दूंगाः तेरी पहाड़ियों, तेरी तराइयों और तेरी सब घाटियों में तलवार से घात किए गए लोग पड़े रहेंगे।
9मैं तुझे सदाकाल के लिए उजाड़ दूंगा और तेरे नगर फिर न बसाए जाएंगे। तब तुम जान लोेगे कि मैं यहोवा हू।
10“क्योंकि तूने कहा है ये दोनों जातियां और दोनों देश मेरे होंगे, मैं इन पर अधिकार कर लूंगा यघपि यहोवा वहां था।
11इसलिए प्रभु यहोवा यों कहता है कि मेरे जीवन की सौगन्ध तेरा क्रोध और तेरी जलन तूने उनके प्रति घृणा के कारण दिखाई है, उसके अनुसार मैं तुझसे व्यवहार करूंगा। इस प्रकार तेरा न्याय करने के द्वारा मैं अपने आपको उन पर प्रकट करूंगा।
12तब तुम जान लोगे कि मुझ यहोवा ने तुम्हारी सब निन्दा को सुना है जो तुमने इस्राएल के पर्वत के विषय में कही हैं कि वे उजड़ गए और हमारा भोजन बन जाने के लिए हमें दिए गए है।
13और तुमने मेरे विरुद्ध ढिठाई की है और मेरे विरुद्ध बहुत बातें की हैं जिन्हें मैंने सुना है।
14प्रभु यहोवा यों कहता है, “जब सारी पृथ्वी आनन्द मनाएगी, तब मैं तुझे उजाड़ दूंगा।
15जिस प्रकार इस्राएल के घराने की मीरास के उजड़ जाने से तू आनन्दित हुआ, वैसे ही मैं तेरे साथ करूंगा। हे सेईर पर्वत, और हे समस्त एदोम तुम उजाड़ हो जाओगे, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)