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पुराना नियम · यिर्मयाह · अध्याय 39 / 52

यिर्मयाह 39

1फिर ऐसा हुआ कि यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के नौवें वर्ष के दसवें महीने में जब बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी समस्त सेना के साथ यरूशलेम पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया;

2और सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के चौथे महीने के नौवें दिन उस नगर की शहरपनाह तोड़ दी गई

3तब बेबीलोन के राजा के सब अधिकारी भीतर आकर मध्य फाटक के सामने बैठ गए अर्थात् नेर्गल-सर-एजेर, समगर नबो, खोजों का प्रधान था जेसर-सेकीम और नेर्गल-सर-एजर प्रधान तथा इनके साथ बेबीलोन के राजा के शेष सब अधिकारी भी थे।

4और ऐसा हुआ कि जब यहूदा के राजा सिदकिय्याह और सब योद्धाओं ने उन्हें देखा तो वे रातों-रात राजा के बाग के रास्ते से दो दीवारों के बीच से होते हुए फाटक से बाहर निकल कर भाग निकले और वे अराबा की ओर चले गए।

5परन्तु कसदियों की सेना ने उनको खदेड़ा और पीछा करते हुए यरीहो के मैदान में सिदकिय्याह को धर-दबोचा और उसे पकड़कर बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के पास हमात देश के रिबला में ले गए और उसने उसे दंड की आज्ञा दी।

6तब बेबीलोन के राजा ने सिदकिय्याह के पुत्रों को उसकी आंखों के सामने रिबला में मरवा डाला, बेबीलोन के राजा ने यहूदा के सब कुलीन पुरफ़षों को भी मरवा डाला।

7तब उसने सिदकिय्याह की आंखें फुड़वा डाली और उसे बेबीलोन ले जाने के लिए कांसे की बेड़ियों से जकड़ दिया।

8कसदियों ने राजभवन को और प्रजा के घरों को भी आग लगाकर फूंक डाला तथा यरूशलेम की शहरपनाह को गिरा दिया।

9तब अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान शेष प्रजा को जो नगर में रह गई थी और उन भगोड़ों को जो उसके पास भाग आए थे तथा प्रजा में से जितने रह गए थे उन सबको बन्धुवा बनाकर बेबीलोन ले गया।

10परन्तु प्रजा के कुछ लोग जो कंगाल थे और जिनके पास कुछ भी न था उनको अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान ने यहूदा देश में ही छोड़ दिया और जाते समय उनको दाख की बारियां और खेत भी दे गया।

11तब बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर ने अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान को यिर्मयाह के विषय में यह आज्ञा दीः

12“उसे ले जा और उस पर कृपा-दृष्टि रखना, उसे हानि न पहुंचाना परन्तु जैसा वह तुझसे कहे वैसा ही व्यवहार उसके साथ करना।”

13अतः अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान ने खोजों के प्रधान नबूसजबान और मगों के प्रधान नेर्गल-सरेज़र और बेबीलोन के राजा के सब प्रधानों के साथ मिलकर,

14लोगों को भेजा और यिर्मयाह को पहरे के आंगन में से निकालकर गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्र तथा शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर ले जाए। तब से वह लोगों के मध्य रहने लगा।

15जब यिर्मयाह पहरे के आंगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,

16“इथियोपियावासी एबेदमेल के पास जाकर कह, ‘सेनाओं का यहोवा, इस्राएल का परमेश्वर यों कहता है कि देख, मैं अपने वचन को पूरा करने वाला हूं जो इस नगर के विनाश के लिए है कुशल के लिए नही। ये वचन उस दिन तेरी आंखों के सामने ही पूरे होंगे।

17परन्तु मैं उस दिन तुझे बचाऊंगा,” यहोवा की वाणी है, “और तू उन मनुष्यों के अधीन नहीं किया जाएगा जिनसे तू डरता है।

18क्योंकि मैं तुझे निश्चय ही बचाऊंगा, और तू तलवार से न मरेगा परन्तु तुझे तेरा प्राण मानों लूट में मिल जाएगा क्योंकि तूने मुझ पर भरोसा रखा है,” यहोवा की यही वाणी है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)