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पुराना नियम · मीका · अध्याय 6 / 7

मीका 6

1अब सुन यहोवा क्या कहता हैः “उठ, पर्वतों के सामने अपना पक्ष प्रस्तुत कर, पहाड़ियां तेरी वाणी सुने।

2हे पर्वतों और पृथ्वी की अटल नींवों यहोवा का अभियोग सुनो, क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा पर मुकदमा चलाया है, हां, वह इस्राएल से मुकदमा लड़ेगा।

3हे मेरी प्रजा, मैंने तेरा क्या बिगाड़ा है? मैंने तुझे किस बात में तंग किया है? मुझे उत्तर दे।

4मैं तो तुझको मिस्र से निकाल लाया, हां, दासत्व के घर से दाम देकर छुड़ा लाया, और मैंने तेरी अगुवाई के लिए मूसा, हारून और मरियम को भेजा।

5हे मेरी प्रजा, स्मरण कर कि मोआब के राजा बालाक ने क्या युक्ति की और बोर के पुत्र बिलाम ने उसे क्या उत्तर दिया और शित्तीम से गिलगाल तक क्या-क्या हुआ कि तू यहोवा की धार्मिकता के कार्यों को जान सके।”

6मैं क्या लेकर यहोवा के सामने आऊं और ऊंचे पर विराजमान परमेश्वर के सम्मुख झुकूं? क्या मैं उसके सम्मुख होमबलि लेकर आऊं? या एक-एक वर्ष के बछड़े लेकर आऊं?

7क्या यहोवा हजारों मेढ़ों और तेल की दस हजार नदियों से प्रसन्न होता है? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहलौठे को और अपने प्राण के पाप के बदले में अपनी किसी सन्तान को दे दूं?

8हे मनुष्य, उसने तुझे बता दिया है कि अच्छा क्या है। यहोवा तुझसे इसे छोड़ और क्या चाहता है कि तू न्याय से कार्य करे, कृपा से प्रेम रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?

9यहोवा की आवाज नगर को पुकारेगी, और तेरे नाम का भय मानना सच्ची बुद्धिमानी हैः “हे कुल सुन, इसे किसने नियुक्त किया।

10क्या अभी भी दुष्टता के घर में ऐसा मनुष्य है जिसके पास दुष्टता का ख़जाना और घटिया नपुआ है जो श्रापित है?

11क्या मैं छल के तराजू और झूठे बांटों के थैले के रखने को न्यायसंगत ठहरा सकता हूं?

12क्योंकि इस नगरी के धनी लोग उपद्रव से भरे हैं और उसके निवासी झूठ बोलते हैं, और उनके मुंह में धोखा देने वाली जीभ है।

13इस कारण मैं तुझे मार-मार कर घायल कर दूंगा और तेरे पापों के कारण तुझे उजाड़ दूंगा।

14तू खाएगा पर तृप्त न होगा, तेरा पेट जलता ही रहेगा। तू संचित करना चाहेगा पर कुछ भी बचा न सकेगा। जो कुछ तू बचाएगा, उसे मैं तलवार का कौर बना दूंगा।

15तू बोएगा, पर काट न सकेगा। तू जैतून का तेल तो निकालेगा पर उसे अपनी देह पर मल न पाएगा। तू अंगूर का रस तो निकालेगा पर दाखरस पी न पाएगा।

16क्योंकि ओम्री की विधियों और अहाब के घराने के सब कार्यों का पालन किया जा रहा है और तू उनकी युक्तियों के अनुसार चलता है, इसलिए मैं तुझे नष्ट करने के लिए सौंप दूंगा और तुझ में रहने वालों को उपहास का पात्र बनवाऊंगा और तू मेरी प्रजा की निन्दा सहेगा।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)