पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 20 / 29
1 इतिहास 20
1फिर नए वर्ष के आरम्भ में जब राजा लोग युद्ध करने निकलते हैं, योआब ने भारी सेना ने जाकर अम्मोनियों के देश को उजाड़ डाला और आकर रब्बा पर घेरा डाल दिया। अब दाऊद तो यरूशलेम में रह गया। और योआब ने रब्बा पर आक्रमण करके उसे खण्डहर कर दिया।
2और दाऊद ने उनके राजा के सिर पर से मुकुट उतार लिया जिसका तौल किक्कार भर सोने का पाया गया, और उसमें बहुमूल्य मणि जड़े थें वह दाऊद के सिर पर रखा गया। और उस नगर में से उसने बहुत-सा माल लूट लिया।
3और वह उसमें रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लाया और उसने आरों और लोहे की तेज धार वाले हथियारों और कुल्हाड़ियों से उन्हें काट डाला। और दाऊद ने अम्मोनियों के सब नगरों के साथ ऐसा ही किया। तब दाऊद और सब लोग यरूशलेम को लौट आए।
4इसके बाद ऐसा हुआ कि गेजेर में पलिश्तियों के साथ युद्ध छिड़ गया। तब हूशाई सिब्बकै ने सिप्पै को जो रापा-वंशियों में से एक था, मार डाला; और वे दब गए।
5और पलिश्तियों के साथ फिर युद्ध हुआ, तब याईर के पुत्र एल्हानान ने गत-वासी गोलियात के भाई लहमी को मार डाला जिसके भाले की छड़, जुलाहे की धरनी के समान थी।
6फिर गत में भी युद्ध हुआ, जहां बड़े डील-डौल वाला पुरफ़ष था जिसके चौबीस अर्थात् हाथों में छः छः और पांवों में छः छः उंगलियां थीं; और वह भी रापा-वंशी था।
7और जब उसने इस्राएलियों पर ताना मारा, तब दाऊद के भाई शिमा के पुत्र योनातान ने उसको मार डाला।
8ये गत में रापा-वंशी थे, और दाऊद और उसके सेवकों के हाथों मार डाले गए।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)