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पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 23 / 29

1 इतिहास 23

1जब दाऊद वृद्ध हो गया तब उसने अपने पुत्र सुलैमान को इस्राएल का राजा बनाया।

2और उसने इस्राएल के सब अधिकारियों को, याजकों और लेवियों समेत इकट्ठा किया।

3और तीस वर्ष और उससे अधिक अवस्था वाले लेवियों की गणना की गई और उस गणना के अनुसार उन पुरफ़षों की संख्या अड़तीस हजार थी।

4इनमें से चौबीस हजार तो यहोवा के भवन के कार्य की देखभाल के लिए रखे गए और छः हजार अधिकारी और न्यायी थे।

5और चार हजार द्वारपाल थे, और चार हजार उन वाघों से यहोवा की स्तुति करते थे जिनको दाऊद ने स्तुति करने हेतु बनाया था।

6और दाऊद ने उनको गेर्शोन, कहात और मरारी नामक लेवी के पुत्रों के अनुसार अलग-अलग दलों में बांट दिया।

7गेर्शोनियों में से थे लादान और शिमी।

8लादान के पुत्र थे; प्रथम यहीएल, फिर जेतान और योएल, ये तीन।

9और शिमी के पुत्र थेः शलोमीत, हजीएल और हारान, ये तीन। ये लादान के पूर्वजों के कुल के मुख्य पुरफ़ष थे।

10और शिमी के पुत्र थेः यहत, जीजा, यूश और बरीआ। ये चारों शिमी के पुत्र थे।

11यहत प्रथम था और जीजा द्वितीय; परन्तु यूश और बरीआ के बहुत पुत्र न हुए, इस कारण वे सब मिलाकर पूर्वजों के एक ही घराने के ठहरे।

12कहात के चार पुत्र थेः अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल।

13अम्राम के पुत्र हारून और मूसा थे। हारून इसलिए अलग किया गया कि परमपवित्र ठहरने के लिए अपने को और अपने पुत्रों को सर्वदा के लिए शुद्ध करे कि वे यहोवा के सम्मुख सर्वदा धूप जलाया करें, उसकी सेवा टहल करें और उसके नाम से सदा आशीर्वाद दिया करे।

14जहां तक परमेश्वर के भक्त मूसा का सम्बन्ध है उसके पुत्रों के नाम लेवी के गोत्र में गिने गए।

15मूसा के पुत्र गेर्शोम और एलिएजेर थे।

16गेर्शोम का पुत्र शबूएल प्रधान था।

17और एलिएजेर का पुत्र था रहब्याह प्रधान; और एलिएजेर के और कोई पुत्र न हुआ, परन्तु रहब्याह के बहुत से पुत्र हुए।

18यिसहार का पुत्र था प्रधान शलोमीत।

19हेब्रोन के पुत्र थे पहला यरीय्याह, दूसरा अमर्याह, तीसरा यहजीएल और चौथा था यकमाम।

20उज्जीएल के पुत्रों में पहला था मीका और दूसरा था यिश्शिय्याह।

21मरारी के पुत्र थेः महली और मूशी। महली के पुत्र थेः एलीआजार और कीश।

22एलिआजार की मृत्यु हो गई और उसके कोई पुत्र न हुआ परन्तु केवल पुत्रियां ही हुईं। अतः उनके भाईयों कीश के पुत्रों ने उन्हें ब्याह लिया।

23मूशी के पुत्र तीन थे अर्थात् महली, एदेर और यरेमोत।

24अपने पूर्वजों के घरानों के अनुसार लेवी के ये ही वंशज थे, जो पूर्वजों के घरानों के प्रधान थे जिनकी गणना नाम ले लेकर एक एक पुरफ़ष करके की गई और जो बीस वर्ष या उससे अधिक अवस्था से यहोवा के भवन में सेवा किया करते थे।

25क्योंकि दाऊद ने कहा, “इस्राएल के यहोवा परमेश्वर ने अपने लोगों को विश्राम दिया है, और वह यरूशलेम में सर्वदा निवास करता है।

26और लेवियों को अब से उसका तम्बू और उसकी सेवा के पात्रों को फिर कभी उठाना न पड़ेगा।”

27क्योंकि दाऊद के अन्तिम आदेश के अनुसार बीस वर्ष और उससे अधिक अवस्था वाले लेवियों की गणना की गई थी।

28क्योंकि उनका कर्त्तव्य यह था कि वे यहोवा के भवन की सेवा में, आंगनों, कोठरियों में, और सब पवित्र वस्तुओं के शुद्धिकरण में, अर्थात् परमेश्वर के भवन के सेवा-कार्यों में भी हारून की सन्तान की सहायता करे।

29और भेंट की रोटी, अन्नबलियों का मैदा, अख़मीरी पापड़ियां, तवे पर की सिकी हुई वस्तुएं, भली-भाति से मिश्रित वस्तुएं और हर प्रकार के माप और तौल के कार्य में हाथ बटाए।

30और प्रत्येक भोर और इसी प्रकार संध्या को भी वे यहोवा का धन्यवाद और स्तुति करने के लिए खड़े रहे।

31और सब्त के दिनों, नए चांद के दिनों एवं निर्धारित त्योहारों में नियम-द्वारा उनके विषय में ठहराई गई संख्याओं के अनुसार यहोवा के सम्मुख सब होमबलियों को निरन्तर चढ़ाया करे।

32इस प्रकार उनका उत्तरदायित्व यहोवा के भवन की सेवा के लिए मिलापवाले तम्बू, पवित्रस्थान और अपने सम्बन्धी हारून की सन्तानों की देखभाल करना होगा।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)