पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 27 / 29
1 इतिहास 27
1और इस्राएलियों की गिनती यह है, अर्थात् पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरफ़ष और सहस्रपति और शतपति एवं उनके अधिकारीगण जो वर्ष भर प्रति माह आया-जाया करते थे और जो दलों के सब कार्यों में राजा की सेवा-टहल करते थे, प्रत्येक दल में चौबीस हजार पुरफ़ष थे।
2पहले महीने के पहले दल का अधिकारी जब्दीएल का पुत्र याशोबाम था, और उसके दल में चौबीस हजार थे।
3वह पेरेस वंश का था और पहले महीने के लिए सब सेनापतियों पर अधिकारी था।
4और दूसरे महीने के लिए दल का अधिकारी अहोही दोदै था और उसके दल का प्रधान मिक्लोत था, और उसके दल में चौबीस हजार थे।
5तीसरे महीने के लिए यहोयादा याजक का पुत्र बनायाह तीसरा सेनापति था, और उसके दल में चौबीस हजार थे।
6यह वही बनायाह है जो तीसों में सबसे वीर और तीसों पर अधिकारी था और उसके दल पर उसका पुत्र अम्मीजाबाद था।
7चौथे महीने के लिए चौथा सेनापति योआब का भाई असाहेल था और उसके बाद उसका पुत्र जबघाह था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
8पांचवें महीने के लिए पांचवां सेनापति यिज्राही शम्हूत था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
9छठवें महीने के लिए छठवां सेनापति तकोई इक्केश का पुत्र ईरा था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
10सातवें महीने के लिए सातवां सेनापति एप्रैम के वंश का हेलेस पलोनी था, और उसके दल में चौबीस हजार थे।
11आठवे महीने के लिए आठवां सेनापति जेरहवंशीय हूशाई सिब्बकै था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
12नौवें महीने के लिए नौवां सेनापति बिन्यामीनी अबीएजेर अनातोती था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
13दसवें महीने के लिए दसवां सेनापति जेरही महरै नतोपी था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
14ग्यारहवें महीने के लिए ग्यारहवां सेनापति एप्रैम वंशीय बनायाह पिरातोनी था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
15बारहवें महीने के लिये बारहवां सेनापति ओत्नीएलवंशीय हेल्दै नतोपी था; और उसके दल में चौबीस हजार थे।
16और इस्राएल गोत्रों के अधिकारी ये थे, अर्थात् रूबेनियों का प्रधान जिक्री का पुत्र एलीआज़ार; शिमोनियों का माका का पुत्र शपत्याह;
17लेवियों का कमूएल का हशब्याह; हारूनियों का सादोक;
18यहूदा का एलीहू नामक दाऊद का एक भाई; इस्साकारियों का मीकाएल का पुत्र ओम्री,
19जबूलून का ओबघाह का पुत्र यिशमायाह; नप्ताली का अज्रीएल का पुत्र यरीमोत;
20एप्रैम का अजज्याह का पुत्र होशे; मनश्शे का आधे गोत्र का फदायाह का पुत्र योएल;
21गिलियाद में मनश्शे के आधे गोत्र का जकर्याह का पुत्र इद्दो; बिन्यामीनियों का अब्नेर का पुत्र यासीएल;
22दानियों का यारोहाम का पुत्र अजरेल। ये ही इस्राएल के गोत्रों के प्रधान थे।
23परन्तु दाऊद ने बीस वर्ष या उससे कम आयु के लोगों की गणना नहीं की थी, क्योंकि यहोवा ने कहा था कि मैं इस्राएल को आकाश के तारागणों के बराबर बढ़ाऊंगा।
24सरूयाह के पुत्र योआब ने उनकी गणना आरम्भ तो की पर समाप्त न कर सका, क्याेंकि इसके कारण इस्राएल पर प्रकोप भड़का और इस गणना को दाऊद राजा के इतिहास के हिसाब में सम्मिलत नहीं किया गया।
25फिर अदीएल का पुत्र अजमावेत राजा के भंडारों पर अधिकारी नियुक्त था। और देहाती क्षेत्रों और नगरों और गांवों और गढ़ों के भंडारों का अधिकारी उज्जियाह का पुत्र यहोनातान था।
26और जो खेतिहर मजदूर भूमि जोतते थे उनका अधिकारी कलूब का पुत्र एज्री था।
27और रामाई शिमी दाख की बारियों का अधिकारी था, और दाख की बारियों की उपज जो दाखमधु के भंडारों में रखने के लिए थी, उसका अधिकारी शापामी ज़ब्दी था।
28और निचले प्रदेशों के जैतून और गूलरों के वृक्षों का अधिकारी गदेरी बाल्हानान था; और तेल के भंडारों का अधिकारी योआश था।
29और शारोन में चरनेवाले गाय बेलों का अधिकारी शारोनी शित्रै था; और तराइयों में चरनेवाले गाय बैलों का अधिकारी अदलै का पुत्र शापात था।
30और इश्माएली ओबील ऊंटों का अधिकारी और मेरोनोती येहदयाह गदहों का अधिकारी था।
31और हग्री याजीज भेड़ बकरियों का अधिकारी था। ये सब दाऊद राजा के धन-सम्पत्ति के ऊपर अधिकारी नियुक्त थे।
32और दाऊद का चाचा योनातान एक सलाहकार, समझदार व्यक्ति और शास्री था; और हक्मोनी का पुत्र एहीएल राजपुत्रों के साथ रहा करता था।
33और अहीतोपेल राजा का सलाहकार था; और एरेकी-हूशै राजा का मित्र था।
34और बनायाह का पुत्र यहोयादा और एब्यातार ने अहीतोपेल का स्थान लिया; और योआब राजा की सेना का प्रधान सेनापति था।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)