Loading account

1 यूहन्ना 4:16

जो प्रेम परमेश्वर हमसे रखता है, उसे हम जान गए हैं और हमने उस पर विश्वास किया है। परमेश्वर प्रेम है; जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है, और परमेश्वर उसमे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: 1 यूहन्ना 4

13इसी से हम जानते हैं कि हम उसमें बने रहते हैं और वह हम में, क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।

14हमने उसे देखा है, और साक्षी देते हैं कि पिता ने पुत्र को संसार का उद्धारकर्ता कर के भेजा।

15जो कोई यह मान लेता है कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र है तो परमेश्वर उसमें और वह परमेश्वर में बना रहता है।

16जो प्रेम परमेश्वर हमसे रखता है, उसे हम जान गए हैं और हमने उस पर विश्वास किया है। परमेश्वर प्रेम है; जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है, और परमेश्वर उसमे।

17इसी से प्रेम हम में सिद्ध होता है कि न्याय के दिन हमें साहस हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही हम भी संसार में है।

18प्रेम में भय नहीं होता; परन्तु सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय में दण्ड निहित है, और जो भय करता है वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ।

19हम इसलिए प्रेम करते हैं, क्योंकि उसने पहिले हमसे प्रेम किया।

पूरा अध्याय पढ़ें: 1 यूहन्ना 4

संबंधित पद

  • 1 यूहन्ना 3:24

    जो उसकी आज्ञाओं का पालन करता है, वह परमेश्वर में बना रहता है, और वह उसमे। और इसी से, अर्थात् उस आत्मा से जिसे उसने हमें दिया है, हम जानते हैं कि वह हम में बना रहता है।

  • 1 यूहन्ना 3:1

    देखो, पिता ने हमें कैसा महान् प्रेम प्रदान किया है कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं; और वही हम है। इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि संसार ने उसे भी नहीं जाना।

  • 1 यूहन्ना 4:8–10

    वह जो प्रेम नहीं करता परमेश्वर को नहीं जानता, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।

  • 1 यूहन्ना 4:12–13

    परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम एक दूसरे से प्रेम करें तो परमेश्वर हम में बना रहता है, और उसका प्रेम हम में सिद्ध होता है।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).