पुराना नियम · 1 राजा · अध्याय 11 / 22
1 राजा 11
1राजा सुलैमान फि़रौन की पुत्री और अन्य बहुत सी विदेशी स्रियों अर्थात् मोआबी, अम्मोनी, एदोमी, सीदोनी और हित्ती स्रियों से प्रेम करने लगा।
2ये उन जातियों की स्रियां थीं जिनके विषय में यहोवा ने इस्राएलियों से कहा था, “तुम उनके साथ सम्बन्ध न रखना, और न ही वे तुम्हारे साथ सम्बन्ध रखें, क्योंकि वे निःसन्देह तुम्हारे मन को अपने देवताओं की ओर फेर लेंगी।” सुलैमान इन्हीं के साथ प्रेम में लिप्त रहा।
3और उसने सात सौ राजकुमारियों को अपनी पत्नी बना लिया और उसकी तीन सौ रखेलियां थीं, और उसकी स्रियों ने उसका मन बहका दिया।
4और ऐसा हुआ कि जब सुलैमान बूढ़ा हुआ तो उसकी स्रियों ने उसका मन पराए देवताओं की ओर फेर दिया और उसका मन अपने पिता दाऊद के समान अपने परमेश्वर यहोवा पर पूरी रीति से लगा न रहा।
5सुलैमान तो सीदोनियों की अश्तोरेत नामक देवी और अम्मोनियों के घृणित मिल्कोम के पीछे चलने लगा।
6और सुलैमान ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, और जैसे उसका पिता दाऊद पूरी रीति से यहोवा के पीछे चलता था वैसे वह न चला।
7तब सुलैमान ने मोआब के कमोश नामक घृणित देवता के लिए और अम्मोनियों के मोलेक नामक घृणित देवता के लिए यरूशलेम के सामने के पहाड़ पर एक ऊंचा स्थान बनाया।
8और उसने ऐसा ही अपनी सब विदेशी पत्नियों के लिए भी किया जो अपने-अपने देवताओं के लिए धूप जलातीं और बलिदान चढ़ाती थी।
9तब यहोवा सुलैमान से क्रोधित हुआ क्योंकि उसका मन इस्राएल के परमेश्वर यहोवा से फिर गया था जिसने दो बार उसे दर्शन दिया था
10और इसी बात के विषय में उसे आज्ञा दी थी कि वह पराए देवताओं के पीछे न चले, परन्तु उसने यहोवा की आज्ञा नहीं मानी थी।
11अतः यहोवा ने सुलैमान से कहा, “क्योंकि तूने ऐसा किया है और मेरी बन्धाई हुई वाचा और दी हुई विधि को पूरा नहीं किया है, इसलिए मैं तेरे राज्य को निःसन्देह तुझसे छीन कर तेरे एक कर्मचारी को दे दूंगा।
12फिर भी मैं तेरे पिता दाऊद के कारण तेरे दिनों में ऐसा न करूंगा; परन्तु तेरे पुत्र के हाथ से राज्य छीन लूंगा।
13फिर भी मैं पूरे राज्य को न छीनूंगा, परन्तु अपने दास दाऊद के कारण और अपने चुने हुए यरूशलेम के कारण मैं तेरे पुत्र को एक गोत्र दे दूंगा।”
14तब यहोवा ने एदोमी हदद को जो एदोमी राजवंश का था सुलैमान का शत्रु बना दिया
15क्योंकि ऐसा हुआ कि जब दाऊद एदोम में था तो सेनापति योआब मारे हुओं को दफ़नाने गया था, उसने तो एदोम के सब पुरफ़षों को मार डाला था।
16जब तक योआब ने एदोम के प्रत्येक पुरफ़ष का विनाश न कर दिया तब तक वह समस्त इस्राएलियों सहित वहां छः महीने टिका रहा।
17उस समय हदद जो अभी छोटा लड़का की था, अपने पिता के कुछ एदोमी कर्मचारियों के साथ मिस्र की ओर भागा।
18और वे मिघान से निकलकर परान को आए और परान से कुछ पुरफ़षों को लेकर मिस्र में राजा फि़रौन के पास पहुंचे, जिसने उसे एक घर दिया और उसके लिए भोजन का प्रबन्ध किया और कुछ भूमि भी दी।
19तब हदद पर फि़रौन की कृपा दृष्टि हुई, अतः उसने उससे अपनी साली अर्थात् तहपनेस रानी की बहन ब्याह दी।
20और तहपनेस की बहन से गनूबत उत्पन्न हुआ और इसका दूध तहपनेस ने फि़रौन के भवन में ही छुड़ाया और गनूबत फि़रौन के भवन में उसी के पुत्रों के साथ रहा।
21जब हदद ने मिस्र में सुना कि दाऊद अपने पूर्वजों के साथ सो गया है और सेनापति योआब भी मर गया है, तो हदद ने फि़रौन से कहा, “मुुझे भेज कि मैं अपने देश को चला जाऊ।”
22तब फि़रौन ने उससे कहा, “पर मेरे यहां तुझे किस बात की कमी है, कि अब तू अपने देश को चला जाना चाहता है?” और उसने उत्तर दिया, “कुछ नहीं, फिर भी तू मुझे अवश्य जाने दे।”
23परमेश्वर ने उसके एक और विरोधी को भी खड़ा किया अर्थात् एल्यादा के पुत्र रजोन को; वह तो अपने स्वामी सोबा के राजा हददेजेर के पास से भागा था।
24जब दाऊद ने सोबा के लोगों को घात किया तो रजोन अपने पास कई पुरफ़षों को एकत्र करके लूट-पाट करने वाले एक दल का प्रधान हो गया; और वे दमिश्क में जाकर रहने लगे, वह दमिश्क पर राज्य करने लगा।
25उस हानि के साथ-साथ जो हदद ने की, रजोन भी सुलैमान के जीवन भर इस्राएल का शत्रु बना रहा। और वह इस्राएल के प्रति घृणा रखता हुआ सीरिया पर राज्य करता रहा।
26फिर सरेदाह के एक एप्रैमी, नबात के पुत्र यारोबाम ने, जो सुलैमान का एक कर्मचारी था और जिसकी माता का नाम सरूआह था जो विधवा थी-उसने भी राजा से विद्रोह कर दिया।
27राजा से उसके विद्रोह करने का कारण यह थाः सुलैमान ने मिल्लो को बनाया और अपने पिता दाऊद के नगर की दरार को बन्द कर दिया।
28यारोबाम तो एक शूरवीर था और जब सुलैमान ने देखा कि यह जवान परिश्रमी है तो उसने उसे यूसुफ के घराने के सब बेगार करने वालों पर मुखिया ठहरा दिया।
29और उस समय ऐसा हुआ कि जब यारोबाम यरूशलेम से बाहर जा रहा था तो मार्ग में शीलोवासी अहिय्याह नबी उससे मिलने आया। अहिय्याह तो एक नई चादर ओढ़े था। और केवल वे ही दोनों मैदान में थे।
30तब अहिय्याह ने अपनी नई चादर को फाड़कर उसके बारह टुकड़े कर दिए।
31उसने यारोबाम से कहा, “अपने लिए दस टुकड़े ले ले, क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता हैः ‘सुन, मैं राज्य को सुलैमान के हाथ से छीन कर दस गोत्र तुझे दे दूंगा।
32परन्तु मेरे दास दाऊद के कारण और यरूशलेम अर्थात् उस नगर के कारण जिसे मैंने इस्राएल के सब गोत्रों में से चुना है, उसका एक गोत्र बना रहेगा।
33उन्होंने तो मुझे त्याग कर सीदोनियों की देवी अश्तोरेत, और मोआबियों के देवता कमोश, और अम्मोनियों के देवता मिल्कोम की उपासना की, और जो कुछ मेरी दृष्टि में ठीक है, वे उसके अनुसार अर्थात् मेरे मार्ग में नहीं चले और जिस प्रकार उसका पिता दाऊद मेरी विधियों और मेरे नियमों को मानता रहा वैसा उन्होंने नहीं किया।
34फिर भी मैं उसके हाथ से पूरा राज्य तो नहीं लूंगा, परन्तु मेरी आज्ञाओं और विधियों को मानने वाले मेरे चुने हुए दास दाऊद के कारण मैं उसे जीवन भर शासक बनाए रखूंगा।
35परन्तु मैं उसके पुत्र के हाथ से राज्य अर्थात् दस गोत्र लेकर तुझे दे दूंगा।
36फिर भी मैं उसके पुत्र को एक गोत्र दूंगा जिससे कि यरूशलेम अर्थात् उस नगर में जिसे मैंने अपने नाम रखने को चुना है, मेरे दास दाऊद का दीपक सदा मेरे सामने बना रहे।
37और मैं तुझे चुनूंगा और तू जहां चाहे वहां राज्य करेगा। तू इस्राएल का राजा होगा।
38तब ऐसा होगा कि यदि तू मेरी सब आज्ञाओं को माने और मेरे मार्गों पर चले और मेरी विधियों और आज्ञाओं को मानकर जो मेरी दृष्टि में ठीक है वही करे, जैसा कि मेरे दास दाऊद ने किया, तो मैं तेरे साथ रहूंगा और जैसा मैंने दाऊद के लिए किया, वैसा तेरे लिए भी एक स्थाई घराना स्थापित करूंगा, और इस्राएल को तेरे हाथ में कर दूंगा।
39इस प्रकार मैं दाऊद के वंश को इसके कारण पीड़ित तो करूंगा, परन्तु सदा के लिए नहीं’।”
40इस कारण सुलैमान ने यारोबाम को मार डालना चाहा, परन्तु यारोबाम उठकर मिस्र को, राजा शीशक के पास गभाग गया, और वह सुलैमान की मृत्यु तक मिस्र में ही रहा।
41सुलैमान के अन्य सब कार्य और जो कुछ उसने किया और उसकी बुद्धिमानी का वर्णन, क्या ये सब सुलैमान के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे है?
42इस प्रकार सुलैमान ने यरूशलेम में इस्राएल पर चालीस वर्ष तक राज्य किया।
43और सुलैमान अपने पूर्वजों के साथ सो गया अैर उसे उसके पिता दाऊद के नगर में मिट्टी दी गई और उसके स्थान पर उसका पुत्र रहूबियाम राज्य करने लगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)