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1 थिस्सलुनीकियों 5:18

प्रत्येक परिस्थिति में धन्यवाद दो, क्योंकि मसीह यीशु में तुम्हारे लिए परमेश्वर की यही इच्छा है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: 1 थिस्सलुनीकियों 5

15ध्यान रखो कि कोई बुराई के बदले किसी से बुराई न करे, परन्तु सर्वदा एक दूसरे की तथा सब लोगों की भलाई करने में प्रयत्नशील रहे।

16सर्वदा आनन्दित रहो,

17निरन्तर प्रार्थना करो,

18प्रत्येक परिस्थिति में धन्यवाद दो, क्योंकि मसीह यीशु में तुम्हारे लिए परमेश्वर की यही इच्छा है।

19आत्मा को न बुझाओ।

20भविष्यद्वाणियों को तुच्छ न जानो।

21सब बातों को सावधानी से परखो; जो अच्छी है उसे दृढ़तापूर्वक थामे रहो।

पूरा अध्याय पढ़ें: 1 थिस्सलुनीकियों 5

संबंधित पद

  • इफिसियों 5:20

    सदैव सब बातों के लिए हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम में परमेश्वर पिता को धन्यवाद दो,

  • फिलिप्पियों 4:6

    किसी भी बात की चिन्ता न करो, परन्तु प्रत्येक बात में प्रार्थना और निवेदन के द्वारा तुम्हारी विनती धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख प्रस्तुत की जाए।

  • कुलुस्सियों 3:17

    वचन या कार्य से जो कुछ करो, सब प्रभु यीशु के नाम से करो और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

  • इब्रानियों 13:15

    अतः हम यीशु के द्वारा स्तुतिरूपी बलिदान परमेश्वर को सर्वदा चढ़ाया करें, अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते है।

  • अय्यूब 1:21

    उसने कहा, “मैं अपनी मां के गर्भ से नंगा निकला और नंगा ही चला जाऊंगा, यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लियाः यहोवा का नाम धन्य हो।”

  • 1 पतरस 4:2

    इसलिए शरीर में अपना शेज जीवन मनुष्यों की अभिलाजाओं में नहीं, वरन् परमेश्वर के इच्छानुसार व्यतीत करो।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).