1 तीमुथियुस 4:12
कोई तेरी युवावस्था को तुच्छ न समझे, परन्तु तू वचन, व्यवहार, प्रेम, विश्वास और पवित्रता में विश्वासियों के लिए आदर्श बन जा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: 1 तीमुथियुस 4
9यह बात विशवसनीय और हर प्रकार से ग्रहणयोग्य है।
10हम इसीलिए परिश्रम और प्रयत्न करते हैं, क्योंकि हमारी आशा जीवित परमेश्वर पर स्थिर है, जो सब मनुष्यों का-विशेषकर विश्वासियों का- उद्धारकर्ता है।
11इन्हीं बातों की आज्ञा और शिक्षा दे।
12कोई तेरी युवावस्था को तुच्छ न समझे, परन्तु तू वचन, व्यवहार, प्रेम, विश्वास और पवित्रता में विश्वासियों के लिए आदर्श बन जा।
13मेरे आने तक पवित्रशास्त्र पढ़कर सुनाने, उपदेश देने और सिखाने में लगा रह।
14अपने उस वरदान से जो तुझ में है और जो तुझे प्राचीनों के हाथ रखते समय नबूवत द्वारा प्राप्त हुआ था, निशिचन्त न रह।
15इनके लिए प्रयत्नशील रह और इन पर अपना पूरा मन लगा, जिस से तेरी प्रगति सब पर प्रकट हो जाए।
संबंधित पद
- तीतुस 2:7
भले कार्य कर के तू सब बातों में स्वयं आदर्श बन। तेरा उपदेश शुद्ध, गम्भीरतापूर्ण, खरा और दोषरहित हो,
- 2 तीमुथियुस 2:22
जवानी की अभिलाषाओं से भाग और जो लोग शुद्ध हृदय से प्रभु का नाम लेते हैं उनके साथ धार्मिकता, विश्वास, प्रेम और शान्ति का अनुसरण कर।
- 2 तीमुथियुस 2:15
अपने आपको परमेश्वर के ग्रहणयोग्य ऐसा कार्य करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर जिस से लज्जित होना न पड़े, और जो सत्य के वचन को ठीक-ठीक काम में लाए।
- 1 पतरस 5:3
जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर प्रभुता न जताओ, परन्तु अपने झुण्ड के लिए आदर्श बनो।
- 2 पतरस 1:5–8
इसी कारण से प्रयत्नशील होकर, अपने विश्वास में सद्गुण तथा सद्गुण में ज्ञान,
- 1 कुरिन्थियों 11:1
जैसा मैं मसीह का अनुकरण करता हूं, वैसा ही तुम भी मेरा अनुकरण करो।
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).