पुराना नियम · 2 इतिहास · अध्याय 11 / 36
2 इतिहास 11
1अब, जब कि रहूबियाम यरूशलेम में आया तो उसने यहूदा और बिन्यामीन के घरानों को अर्थात् जिसमें एक लाख अस्सी हजार चुने हुए वीर पुरफ़ष थे, इकट्ठा किया कि वे इस्राएलियों से युद्ध करके राज्य रहूबियाम को लौटा दे।
2परन्तु यहोवा का वचन परमेश्वर के जन शमायाह के पास पहुंचा;
3“यहूदा के राजा, सुलैमान के पुत्र रहूबियाम से तथा यहूदा और बिन्यामीन के समस्त इस्राएल से इस प्रकार कह,
4‘यहोवा यों कहता है, “तुम अपने भाइयों के विरफ़द्ध चढ़ाई अथवा युद्ध न करना; प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने घर लौट जाए, क्योंकि यह बात मेरी ओर से है”।’” अतः उन्होंने यहोवा की बात मान ली और यारोबाम पर चढ़ाई किए बिना लौट गए।
5रहूबियाम यरूशलेम में रहने लगा। उसने रक्षा के लिए यहूदा में ये नगर बनाएः
6इस प्रकार उसने बैतलहम, एताम, तकोआ,
7बेत-सूर, सोको, अदुल्लाम,
8गत, मारेशा, जीप,
9अदोरैम, लाकीश, अजेका,
10सोरा, अय्यालोन तथा हेब्रोन को बनाया जो यहूदा और बिन्यामीन के गढ़वाले नगर है।
11उसने किलों को भी सुदृढ़ किया और उनमें अधिकारी नियुक्त करके वहां भोजन-सामग्री, तेल तथा दाखरस के भंडार रखवाए।
12और प्रत्येक नगर में ढालें और भाले रखवाकर उनको अत्यन्त सुदृढ़ कर दिया। अतः वह यहूदा और बिन्यामीन को अपने अधिकार में रखे रहा।
13यहां तक कि समस्त इस्राएल के याजक और लेवीय भी, अपने-अपने क्षेत्र से आकर उसके साथ हो लिए।
14क्योंकि लेवीय अपनी चरागाह और जमीन जायदाद छोड़कर यहूदा और यरूशलेम में आए, क्योंकि यारोबाम तथा उसके पुत्रों ने उनको यहोवा की याजकीय सेवा से वंचित कर दिया था।
15और अपने बनाए हुए ऊंचे स्थानों, अज देवताओं तथा बछड़ों के लिए उसने याजक नियुक्त किए।
16और इस्राएल के गोत्रों के वे समस्त लोग जिनका हृदय इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की खोज में लगा हुआ था, वे लेवियों के पीछे-पीछे यरूशलेम आए कि वे अपने पूर्वजों के परमश्वर यहोवा के लिए बलिदान चढ़ाए।
17और उन्होंने यहूदा के राज्य को सुदृढ़ कर दिया और तीन वर्ष तक सुलैमान के पुत्र रहूबियाम का साथ दिया, क्योंकि वे तीन वर्ष तक दाऊद और सुलैमान के मार्ग पर चलते रहे।
18तब रहूबियाम ने महलत को ब्याह लिया। वह दाऊद के पुत्र यरीमोत की बेटी थी। उसकी माता यिशै के पुत्र एलीआब की बेटी अबीहैल थी।
19और उससे उसके यूश, शमर्याह और जाहम नामक पुत्र उत्पन्न हुए।
20और उसके पश्चात् उसने अबशालोम की बेटी माका को ब्याह लिया, और उससे उसके अबिय्याह, अत्ते, जीजा और शलोमीत उत्पन्न हुए।
21रहूबियाम अपनी अन्य सभी पत्नियों तथा रखैलों से अधिक अबशालोम की बेटी माका से प्रेम करता था। उसने तो अठारह पत्नियां और साठ रखैलें रख ली थीं और उसके अट्ठाइस पुत्र तथा साठ पुत्रियां उत्पन्न हुईं।
22और रहूबियाम ने माका के पुत्र अबिय्याह को उसके भाइयों में मुख्य तथा प्रधान ठहराया, क्योंकि वह उसे राजा बनाना चाहता था।
23उसने बुद्धि से काम लिया और अपने कुछ पुत्रों को यहूदा और बिन्यामीन के सम्पूर्ण राज्य-क्षेत्र के प्रत्येक गढ़ में फैला दिया, और उनको प्रचुर मात्र में खाघ-सामग्री प्रदान की। और उसने उनके लिए बहुत सी पत्नियां ढूंढ़ी।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)