नया नियम · 2 कुरिन्थियों · अध्याय 6 / 13
2 कुरिन्थियों 6
1अतः उसके सहकर्मी होने के नाते, हम भी तुमसे यह आग्रह करते हैं कि परमेश्वर के अनुग्रह को व्यर्थ करने के लिए ग्रहण न करो-
2क्योंकि वह कहता है, “ग्रहण किए जाने के समय मैंने तेरी सुन ली, और उद्धार के दिन मैंने तेरी सहायता की।” देखो, अभी ग्रहण किए जाने का समय है। देखो, अभी वह उद्धार का दिन है।
3हम किसी बात में ठोकर का कारण नहीं बनते जिससे कि हमारी सेवा पर आंच आए,
4परन्तु हर एक बात में परमेश्वर के योग्य सेवकों के सदृश अपने आप को प्रस्तुत करते हैं, अर्थात् बड़े धैर्य में, क्लेशों में, अभावोें में, संकटों में,
5मार खाने में, बन्दी किए जाने में, उत्पातों में, परिश्रम में, जागने में, भूख में,
6पवित्रता में, ज्ञान में, धीरज में, कृपालुता में, पवित्र आत्मा में, सच्चे प्रेम में,
7सत्य के वचन में, परमेश्वर के सामर्थ्य में, धार्मिकता के हथियारों को दाएं-बाएं हाथों में लेकर,
8आदर और निरादर में, यश और अपयश में, बदनामी और सुनामी में, धोखा देने वालों के सदृश समझे जाते हैं फिर भी सच्चे हैं,
9अनजाने के सदृश फिर भी प्रसिद्ध, मरते हुओं के सदृश फिर भी देखो, हम जीवित हैं, ताड़ना पाने वालों के सदृश फिर भी जान से मारे नहीं जाते,
10शोकितों के सदृश परन्तु सदैव आनन्द मनाते हैं, कंगालों के सदृश परन्तु बहुतों को धनी बना देते हैं, ऐसों के सदृश समझे जाते हैं जिनके पास कुछ नहीं, फिर भी हम सब कुछ रखते है।
11हे कुरिन्थियो, हमने तुमसे खुलकर बातें की हैं, हमारे हृदय खुले हुए है।
12हम तुम्हारे लिए रुकावट के कारण नहीं हुए, परन्तु तुम स्वयं अपने में रुकावट पाते हो।
13तुम्हें बच्चे समझकर अब मैं कहता हूं कि तुम भी इसके बदले अपने हृदय हमारे लिए खोल दो।
14अविश्वासियों के साथ असमान जुए में न जुतो, क्योंकि धार्मिकता का अधर्म से क्या मेल? या ज्योति की अन्धकार से क्या संगति?
15और मसीह का बलियाल से क्या लगाव? या विश्वासी का अविश्वासी से क्या सम्बन्ध?
16या मूर्तियों से परमेश्वर के मन्दिर का क्या समझौता? क्योंकि हम तो जीवित परमेश्वर के मन्दिर हैं, जैसा कि परमेश्वर ने कहा, “मैं उन में निवास करूंगा और उनमें चला-फिरा करूंगा और मैं उनका परमेश्वर होऊंगा और वे मेरे लोग होंगे।”
17इसलिए प्रभु कहता है, “उनमें से निकलो और अलग हो जाओ, और जो कुछ अशुद्ध है उसे न छुओ तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा;
18और मैं तुम्हारा पिता होऊंगा और तुम मेरे बेटे और बेटियां होगे।” सर्वशक्तिमान प्रभु यह कहता है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)