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पुराना नियम · 2 राजा · अध्याय 24 / 25

2 राजा 24

1उसके दिनों में बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर ने आक्रमण किया और यहोयाकीम तीन वर्ष तक उसके दासत्व में रहा; तब उसने फिरकर उससे विद्रोह किया।

2और यहोवा ने उसके विरुद्ध यहूदा को नष्ट करने के लिए कसदियों, सीरियाइयों, मोआबियों और अम्मोनियों के दल के दल भेजे। यहोवा ने यह अपने उस वचन के अनुसार किया जो उसने अपने दास नबियों के द्वारा कहा था।

3निःसन्देह यह सब यहूदा पर यहोवा ही के आदेश से हुआ, जिससे वह उनको अपनी दृष्टि से दूर करे। यह सब मनश्शे के पापों के कारण हुआ जो उसने किए,

4तथा निर्दोषों के खून के कारण भी जो उसने बहाया, क्योंकि उसने यरूशलेम को निर्दोषों के खून से भर दिया था और यहोवा ने उसे क्षमा करना न चाहा।

5यहोयाकीम के शेष कार्य तथा सब जो उसने किया क्या वह सब यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है?

6सो यहोयाकीम अपने पूर्वजों के साथ सो गया तथा उसका पुत्र यहोयाकीन उसके स्थान पर राजा बना।

7और मिस्र का राजा अपने देश से फिर कभी बाहर न निकला क्योंकि बेबीलोन के राजा ने मिस्र के नाले से फ़रात नदी तक जितना देश मिस्र के राजा का था वह सब अपने अधिकार में ले लिया था।

8जब यहोयाकीन अठारह वर्ष का था, तब वह राजा बना। उसने यरूशलेम में तीन महीने तक राज्य किया; उसकी माता का नाम नहुश्ता था जो यरूशलेम वासी एलनातान की पुत्री थी।

9उसने अपने पूर्वजों के अनुसार ठीक वही किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।

10उस समय बेबीलोन के राजा के कर्मचारियों ने यरूशलेम पर आक्रमण करके नगर को घेर लिया।

11जब बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के कर्मचारी नगर को घेरे हुए थे, तब उसने नगर में प्रवेश किया।

12और यहूदा का राजा यहोयाकीन अपनी माता, कर्मचारियों, सेना-नायकों तथा अपने अधिकारियों सहित बेबीलोन के राजा के पास गया। इस प्रकार बेबीलोन के राजा ने अपने राज्यकाल के आठवें वर्ष में उसे बन्दी बना लिया।

13तब जैसा कि यहोवा ने कहा था, उसने यहोवा के भवन का सब धन और राजभवन के कोषागार का सब धन निकाल लिया तथा इस्राएल के राजा सुलैमान ने यहोवा के भवन के लिए जिन सोने के पात्रों को बनाया था, उन्हें काट कर टुकड़े-टुकड़े कर डाला।

14तब वह पूरे यरूशलेम को तथा सारे सेना नायकों और सब योद्धाओं को तथा सब शिल्पकारों और लोहारों को जिनकी संख्या दस हजार थी बन्धुवाई में ले गया। कंगालों को छोड़ उस देश में कोई न रहा।

15और यह यहोयाकीम को बन्धुवाई में बेबीलोन ले गया और राजा की माता, उसकी पत्नियां, उसके अधिकारीगण, देश के सभी प्रमुख लोगों को बन्धुवाई में यरूशलेम से बेबीलोन ले गया।

16सब योद्धाओं को जो सात हजार थे, सब शिल्पकारों और लोहारों को जो एक हजार थे तथा अन्य सब स्वस्थ एवं समर्थ लोगों को जो युद्ध के योग्य थे, बेबीलोन का राजा बन्धुवाई में बेबीलोन ले गया।

17तब बेबीलोन के राजा ने उसके चाचा मतन्याह को उसके स्थान पर राजा बनाया तथा उसका नाम बदलकर सिदकिय्याह रख दिया।

18जब सिदकिय्याह इक्कीस वर्ष का था तब वह राजा बना। उसने यरूशलेम में ग्यारह वर्ष राज्य किया; उसकी माता का नाम हमूतल था जो लिब्नावासी यिर्मयाह की पुत्री थी।

19और उसने यहोयाकीम की तरह ठीक वही किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था।

20यहोवा के क्रोध के कारण यरूशलेम और यहूदा की यह दशा हुई कि अन्त में उसने उन्हें अपनी उपस्थिति से निकाल दिया। तब सिदकिय्याह ने बेबीलोन के राजा के विरुद्ध विद्रोह किया।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)