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पुराना नियम · 2 शमूएल · अध्याय 10 / 24

2 शमूएल 10

1फिर ऐसा हुआ कि अम्मोनियों के राजा की मृत्यु हो गई, और उसके स्थान पर उसका पुत्र हानून राजा हुआ।

2तब दाऊद ने कहा, “मैं नाहाश के पुत्र हानून पर वैसी ही दया दिखाऊंगा जैसी उसके पिता ने मुझ पर दिखाई थी।” अतः दाऊद ने अपने कुछ सेवकों को उसके पिता के विषय में सान्त्वना देने के लिए भेजा। पर जब दाऊद के सेवक अम्मोनियों के देश में आए,

3तब अम्मोन के अधिकारियों ने अपने स्वामी हानून से कहा, “क्या तू समझता है कि सान्त्वना देनेवाला भेजकर दाऊद तेरे पिता का आदर कर रहा है? क्या दाऊद ने उनको तेरे पास इसलिए नहीं भेजा है कि वे नगर की खोजबीन करके जासूसी करें, और इसकी सत्ता उलट दें?”

4अतः हानून ने दाऊद के सेवकों को पकड़ा और उनकी आधी-आधी दाढ़ी मुंड़वा दी, फिर उनकी पोशाकों को बीच में नितंम्ब तक कटवा कर उनको वापस भेज दिया।

5जब उन्होंने दाऊद को इसके विषय में बताया तब उसने उनसे मिलने के लिए लोगों को भेजा, क्योकि उनका बड़ा अपमान किया गया था। और राजा ने कहा, “जब तक तुम्हारी दाढ़ियां बढ़ न जाएं तब तक यरीहो में ही ठहरे रहो, तब लौट आना।”

6जब अम्मोनियों ने देखा कि हम दाऊद की दृष्टि से घृणित ठहरे हैं, तब अम्मोनियों ने सीरिया के बेत-रहोब और सोबा नगरों के बीस हज़ार पैदल सैनिकों को, एक हज़ार पुरुषों के साथ माका के राजा को, तथा तोब के बारह हज़ार पुरुषों को वेतन पर बुलवाया।

7जब दाऊद ने यह सुना तो उसने योआब और शूरवीरों की सारी सेना को भेजा।

8अम्मोनी बाहर निकल आए, और उन्होंने नगर के प्रवेश-द्वार पर ही व्यूह-रचना की, जबकि सोबा और रहोब के सीरियावाले दल तथा तोब और माका के वीर मैदान में पांति बांधे हुए थे।

9जब योआब ने देखा कि मेरे विरुद्ध आगे-पीछे व्यहू-रचना की गई है तो उसने इस्राएल के शूरवीरों में से ही चुनकर इन्हें सीरियावाले उस दल के सामने तैनात किया।

10शेष लोगों को उसने अपने भाई अबीशै के हाथों सौंप दिया, जिसने अम्मोनियों के सामने उनकी पंक्ति बंधाई।

11तब उसने कहा, “यदि सीरियावाले दल मेरे लिए भारी पड़ें तो तू मेरी सहायता करना, और यदि अम्मोनी तेरे लिए भारी पड़ें तो मैं तेरी सहायता के लिए आऊंगा।

12हियाव बांध! आ, हम अपने लोगों के लिए, तथा अपने परमेश्वर के नगरों के लिए पुरुषार्थ करें! यहोवा वही करे जो उसकी दृष्टि में उचित है।”

13अतः योआब और उसके साथ के लोग सीरिया के योद्धाओं से युद्ध छेड़ने के लिए समीप गए पर वे उसके सामने से भाग निकले।

14जब अम्मोनियों ने देखा कि सीरिया के योद्धा भाग गए हैं तब वे भी अबीशै के सामने से भागकर नगर में घुस गए। तब योआब अम्मोनियों को छोड़कर यरूशलेम लौट आया।

15जब सीरिया के लोगों ने देखा कि हम इस्राएल से पराजित हो गए हैं, तब वे फिर इकट्ठे हुए।

16हददेजेर ने सीरिया के उन लोगों को बुलवा लिया जो फरात नदी के उस पार रहते थे। वे हेलाम में आए। हददेजेर के सेनापति शोबक ने उनका संचालन किया।

17जब दाऊद को यह बताया गया तो उसने सम्पूर्ण इस्राएल को एकत्र किया, और यरदन पार कर वह हेलाम पहुंचा। तब सीरिया के योद्धाओं ने दाऊद का सामना करने के लिए पंक्ति बांधी और दाऊद के विरुद्ध युद्ध किया।

18परन्तु सीरिया के योद्धा इस्राएल के सामने से भाग निकले, और दाऊद ने सीरिया के सात सौ रथियों तथा चालीस हज़ार घुड़सवारों को मार डाला ओर सेनापति शोबक को भी ऐसा घायल किया कि वह वहीं मर गया।

19जब उन सब राजाओं ने जो हददेजेर के दास थे देखा कि हम इस्राएल से पराजित हो गए हैं तो उन्होंने इस्राएल के साथ सन्धि कर ली, और उनकी सेवा की। अतः सीरिया के लोग अम्मोनियों की फिर सहायता करने से डर गए।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)