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पुराना नियम · आमोस · अध्याय 6 / 9

आमोस 6

1हाय उन पर जो सिय्योन में निश्चिन्त रहते और उन पर जो सामरिया के पर्वत पर अपने आपको सुरक्षित समझते हैं, हां, श्रेष्ठ जाति के उन प्रतिष्ठित जनों पर जिनके पास इस्राएल का घराना आता है!

2कलने नगर को जाकर देखो, और वहां से बड़े नगर हमात को जाओ, फिर पलिश्तियों के गत नगर को जाओ। क्या वे इन राज्यों से अच्छे हैं? क्या उनका राज्य तुम्हारे राज्य से बड़ा है?

3क्या तुम संकट के दिन को ताक पर रखकर हिंसा के शासन को समीप नहीं लाते?

4वे हाथीदांत के पलंगों पर लेटते, और अपनी-अपनी शय्या पर पैर फैलाकर सोते और झुंड में से मेमने और गौशालाओं से बछड़े खाते हैं,

5वे वीणा के स्वर निकालते और दाऊद के समान अपने लिए गीतों की रचना करते हैं,

6वे बलिदान के पात्रों में मदिरा पीते, और उत्तम-उत्तम तेल लगाते हैं, फिर भी वे यूसुफ के विनाश पर शोक नहीं करते।

7इसलिए वे अब बन्धुवाई में सबसे पहले जाएंगे, और पसरकर बैठने वालों की रंगरलियां जाती रहेंगी।

8प्रभु यहोवा ने अपनी ही शपथ खाई है, सेनाओं के परमेश्वर यहोवा की यह वाणी हैः “मैं याकूब की धृष्टता से घृणा करता हूं और उसके गढ़ों से बैर रखता हूं, इसलिए मैं नगर और जो कुछ उसमें है, सब को शत्रु के वश में कर दूंगा।”

9और ऐसा होगा कि यदि किसी घर में दस पुरफ़ष बचे हों तो वे भी मर जाएंगे।

10तब उसका चाचा या उसकी अंत्येष्टि करने वाला उसकी हड्डियां घर से ले जाने के लिए उठाएगा और उससे जो घर के सबसे भीतरी भाग में है पूछेगा, “क्या तेरे साथ कोई और है?” और वह कहेगा, “कोई नहीं,” तब वह उत्तर देगा, “चुप रह, यहोवा का नाम न लिया जाए।”

11क्योंकि देखो, यहोवा यह आज्ञा देने वाला है कि बड़ा भवन चकनाचूर और छोटा भवन टुकड़े-टुकड़े कर दिया जाए।

12क्या घोड़े चट्टानों पर दौड़ते हैं? क्या बैलों से वहां हल चलाया जाता है? फिर भी तुमने न्याय को विष में और धार्मिकता के फल को नागदौना में बदल डाला है।

13तुम तो व्यर्थ बातों पर अभिमान करते हो और कहते हो, “क्या हमने अपने ही बल से करनैम को नहीं ले लिया?”

14हे इस्राएल के घराने, देख, “मैं तेरे विरफ़द्ध एक जाति को खड़ा करूंगा, जो तुम्हें हमात की घाटी से अराबा के नाले तक सताती रहेगी।” सेनाओं के परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)