पुराना नियम · आमोस · अध्याय 8 / 9
आमोस 8
1प्रभु यहोवा ने मुझे दर्शन में यह दिखायाः देखो, ग्रीष्मकाल के फलों से भरी एक टोकरी है।
2और उसने कहा, “हे आमोस, तुझे क्या दिखाई देता है?” और मैंने कहा, “ग्रीष्मकाल के फलों से भरी एक टोकरी।” तब यहोवा ने मुझसे कहा, “मेरी प्रजा इस्राएल का अन्त आ गया है; अब मैं उन्हें दण्ड दिए बिना न छोड़ूंगा।
3उस दिन राजभवन के गीत विलाप में बदल जाएंगे और अनेक शवों के ढेर होंगे और हर एक स्थान में वे उन्हें चुपचाप फेंक देंगे।” यहोवा परमेश्वर की यही वाणी है।
4तुम जो दरिद्राें को कुचलते हो कि देश के नम्र लोगों को मिटा दो, यह बात सुनोः
5तुम कहते हो, “नया चांद कब बीतेगा कि हम अन्न मोल लें? और विश्राम का दिन कब बीते कि हम बाज़ार में गेहूं लाएं और एपा को छोटा और शेेकेल को भारी करें और छल के नाप से ठगें
6और लाचार को चांदी के सिक्कों से और दरिद्र को एक जोड़ी जूते में खरीदें, और गेहूं की फटकन बेचें?”
7यहोवा जिस पर याकूब को घमंड है उसी ने शपथ खाई है, “निश्चय, मैं उनके किसी काम को कभी न भूलूंगा।
8क्या इस कारण देश न थरथराएगा और उसका प्रत्येक निवासी विलाप न करेगा? हां, वह सब निश्चय ही नील नदी के समान उफनेगा, और इधर-उधर हिचकोले खाएगा और फिर मिस्र की नील नदी के समान शान्त हो जाएगा।”
9प्रभु यहोवा की यह वाणी हैः “उस दिन ऐसा होगा कि मैें सूर्य को दिन में ही अस्त कर दूंगा और दिन-दुपहरी पृथ्वी पर अन्धकार कर दूंगा।
10मैं तुम्हारे पर्वों के शोक में और तुम्हारे सब गीतों को विलापगीत में बदल दूंगा, और तुम में से प्रत्येक की कटि पर टाट बन्धवाऊंगा और प्रत्येक सिर पर गंजापन लाऊंगा और तुमसे ऐसा शोक करवाऊंगा जैसा एकलौते के लिए किया जाता है, और उसका अन्त दुखद दिन-सा होगा।”
11प्रभु यहोवा की यह वाणी हैः “देखो, ऐसे दिन आने वाले हैं जबकि मैं इस देश में अकाल भेजूंगा। यह अकाल रोटी या पानी का नहीं वरन् यहोवा के वचन सुनने का होगा।
12और लोग समुद्र से समुद्र तक और उत्तर से पूर्व तक मारे मारे फिरेंगे। वे इधर-उधर यहोवा का वचन खोजेंगे, परन्तु उसे न पाएंगे।
13उस दिन सुन्दर कन्याएं और जवान पुरफ़ष प्यास के मारे मूर्च्छित हो जाएंगे।
14परन्तु वे जो सामरिया की मूर्ति की शपथ खाते हैं, और जो कहते हैं, ‘हे दान, तेरे देवता के जीवन की शपथ,’ और ‘बेर्शेबा के पंथ की शपथ,’ उनका ऐसा पतन होगा कि वे फिर न उठेंगे।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)