Loading account

पुराना नियम · व्यवस्थाविवरण · अध्याय 13 / 34

व्यवस्थाविवरण 13

1यदि तुम्हारे बीच कोई नबी या स्वप्नदर्शी प्रकट होकर चिह्न या चमत्कार दिखाए,

2और वह चिह्न अथवा चमत्कार सच निकले जिसके विषय में उसने तुमसे यह कहा था, ‘आओ, हम पराए देवताओं के जिनसे तुम अनजान रहे अनुगामी हों और उनकी उपासना करें’

3तो तुम उस नबी या स्वप्नदर्शी के वचनों पर ध्यान न देना, क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा यह जानने के लिए तुम्हें परख रहा है कि तुम अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन तथा अपने सारे प्राण से प्रेम रखते हो या नहीं।

4तुम अपने परमेश्वर यहोवा ही के पीछे चलना तथा उसका भय मानना। तुम उसकी आज्ञाओं पर चलना, उसकी सुनना, उसकी उपासना करना, तथा उसी से लिपटे रहना।

5परन्तु ऐसा नबी या स्वप्न-दर्शी मार डाला जाए। क्योंकि उसने तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के विरफ़द्ध, जो तुम्हें मिस्र देश से निकाल कर और दासत्व के घर से छुड़ाकर लाया, तुम्हें उकसाया कि उस मार्ग से जिस पर चलने की आज्ञा तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुमको दी थी, तुम्हें भटकाए। अतः तू ऐसी बुराई को अपने बीच से मिटा डालना।

6“यदि तेरा भाई, हां, तेरा सगा भाई जो तेरी माता का पुत्र है, या तेरा पुत्र, या पुत्री या तेरी प्रिय अर्द्धांगिनी या तेरा कोई प्राण-प्रिय मित्र गुप्त में तुझे फुसलाते हुए कहे, ‘चलो, हम पराए देवताओं की उपासना करें,’ जिनको न तो तू और न तेरे पूर्वज जानते थे,

7अर्थात् उन जातियों के देवताओं की जो तेरे चारों ओर हैं, चाहे तेरे आसपास या दूर हों वरन् पृथ्वी के इस छोर से दूसरे छोर तक हों,

8तो तू उसकी न मानना और न उसकी सुनना। तू उस पर तरस न खाना, तू न उसको बचाना और न उसे छिपाना।

9परन्तु तू उसे निश्चय मार डालना, उसे मार डालने के लिए पहले तेरा ही हाथ उठे, तब अन्य सब लोगों के हाथ उठे।

10अतः तू उस पर ऐसा पथराव करना कि वह मर जाए, क्योंकि उसने तुझको तेरे परमेश्वर यहोवा से जो तुझे दासत्व के घर अर्थात् मिस्र देश से निकाल लाया, बहकाने का प्रयत्न किया।

11तब समस्त इस्राएल यह सुनकर भयभीत होगा, और कोई तुम्हारे बीच ऐसी दुष्टता का काम फिर न करेगा।

12“यदि तू अपने उन नगरों में से जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे रहने के लिए दे रहा है, किसी को यह कहते सुने कि

13कुछ निकम्मे पुरफ़ष तुम्हारे बीच से निकल आए हैं और हमारे नगरवासियों को यह कहकर बहका रहे हैं, कि चलो, पराए देवताओं की जिनसे तुम अनजान रहे, उपासना करें,

14तो तू पूछताछ करना, और खोजबीन करके भली-भॉंति जांच करना। यदि यह बात सच हो और प्रमाणित हो जाए कि तुम्हारे मध्य ऐसा घृणित कार्य किया गया है,

15तो तू उस नगर के निवासियों को निश्चय तलवार के घाट उतारना, और उसको, उसके पशुओं को और जो कुछ उसमें है सब को तलवार के घाट उतारकर पूर्णतः नष्ट कर देना।

16तब उसकी सम्पूर्ण लूट को एकत्र करके चौक के बीच में रखना। फिर उस नगर को उसकी सम्पूर्ण लूट सहित अपने परमेश्वर यहोवा के लिए सर्वांग होमबलि के रूप में जला देना और वह सदा के लिए खंडहर रहे और पुनः बसाया न जाए।

17कोई भी निषिध्द वस्तु तेरे हाथ न लगने पाए जिससे यहोवा अपने भड़के हुए कोप से शान्त होकर तुझ पर दया करे, तुझ पर तरस खाए और तुझको बढ़ाए जैसा कि उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाई है।

18यह तभी होगा यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की वाणी सुने और उसकी उन सब आज्ञाओं को माने जो मैं तुझे आज सुनाता हूं, और जो कुछ तेरे परमेश्वर यहोवा की द्रष्टि में ठीक है वही करे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)