Loading account

पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 25 / 48

यहेजकेल 25

1फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,

2“हे मनुष्य की सन्तान, अम्मोनियों की ओर अपना मुंह करके उनके विरुद्ध नबूवत कर,

3और अम्मोनियों से कह कि प्रभु यहोवा का वचन सुनोः प्रभु यहोवा यों कहता है, क्योंकि जब मेरा पवित्रस्थान अपवित्र किया जा रहा था, तथा इस्राएल का घराना उजाड़ा जा रहा था तथा यहूदा का घराना अपने देश से निकाला जा रहा था, तब तुमने उनके विरुद्ध अहा! अहा! कहा,

4इसलिए देखो, मैं तुम्हें पूर्वियों के अधिकार में कर देने वाला हूं, वे तुम्हारे मध्य अपने शिविर खड़े करेंगे और तुम्हारे मध्य घर बनाएंगे और तुम्हारे यहां के फल खाएंगे और दूध पी जाएंगे।

5मैं रब्बा नगर को ऊंटों के लिए चरागाह और अम्मोनियों के देश को भेड़- बकरियों के लिए विश्रामस्थान बना दूंगा। इस प्रकार तुम जान जाओगे कि मैं यहोवा हू।

6प्रभु यहोवा यों कहता है, क्योंकि तूने इस्राएल देश के विरुद्ध हृदय की सारी घृणा से तालियां बजाईं, नाचा और आनन्द मनाया,

7इसलिए मैंने तेरे विरुद्ध अपना हाथ उठाया है कि मैं तुझे जाति-जाति के अधीन कर दूं कि वे तुझे लूट ले। मैं तुझे जाति-जाति में से काट डालूंगा और देश-देश में से मिटा डालूंगा। मैं तेरा सर्वनाश कर डालूंगा। इस प्रकार तुम जान जाओगे कि मैं यहोवा हू।

8“प्रभु यहोवा यों कहता है; क्योंकि मोआब और सेईर कहते हैं कि देखो, यहूदा का घराना तो अन्य जातियों के समान हो गया है,

9इसलिए देखो, मैं मोआब के किनारों के सीमावर्ती नगरों अर्थात् बेत-यशीमोत, बाल-मोन और किर्यातैम को जो देश के शिरोमणि हैं, खोल दूंगा।

10और मैं मोआब के साथ अम्मोनियों को भी पूर्वियों का भाग होने के लिए दे दूंगा जिससे जाति-जाति में अम्मोनियों का स्मरण भी न हो।

11इस प्रकार मैं मोआब को दण्ड दूंगा, तब वे जान जाएंगे कि मैं यहोवा हू।”

12“प्रभु यहोवा यों कहता हैः क्याेंकि एदोम ने बदला लेकर यहूदा के घराने का विरोध किया है और इस प्रकार बदला लेकर बड़ा दोषी ठहरा है,

13इसलिए प्रभु यहोवा यों कहता हैः मैं भी अपना हाथ एदोम के विरुद्ध बढ़ाकर उसके मनुष्य और पशु दोनों को नष्ट करूंगा और उसे उजाड़ दूंगा। वे तेमान से लेकर ददान तक तलवार से मारे जाएंगे।

14और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के द्वारा एदोम से बदला लूंगा। वे एदोम में मेरे क्रोध और मेरी जलजलाहट के अनुसार कार्य करेंगे, इस प्रकार वे मेरा प्रतिशोध जान लेंगे, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

15“प्रभु यहोवा यों कहता है; पलिश्तियों ने प्रतिशोध की भावना से कार्य किया है और अपनी युग-युग की शत्रुता के कारण घृणा से भरकर बदला लिया है,

16इस कारण प्रभु यहोवा यों कहता हैः देखो, मैं पलिश्तियों के विरुद्ध हाथ बढाने पर हू। मैं करेतियों को मिटा डालूंगा और समुद्र-तट के बचे हुओं को नष्ट कर दूंगा।

17मैं कड़ाई के साथ उनसे महाप्रतिशोध लूंगा और जब मैं उनसे बदला लूंगा तब वे जान जाएंगे कि मैं यहोवा हू।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)