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पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 39 / 48

यहेजकेल 39

1“हे मनुष्य की सन्तान, गोग के विरुद्ध नबूवत कर और कह कि प्रभु यहोवा यों कहता हैः हे गोग, रोश, मेशेक और तूबल के प्रधान, देख, मैं तेरे विरुद्ध हू।

2मैं तुझे घुमा दूंगा और हांक-हांक कर सुदूर उत्तर से इस्राएल के पर्वतों के विरुद्ध चढ़ा ले आऊंगा।

3मैं तेरे बाएं हाथ से धनुष गिरा दूंगा और तेरे दाहिने हाथ के तीरों को झटक कर गिरा दूंगा।

4तू अपनी सारी सेना तथा साथ की अनेक जातियों सहित इस्राएल के पर्वतों पर मार डाला जाएगा। मैं तुझे भांति-भांति के मांसाहारी पक्षियों और वन-पशुओं का आहार बना दूंगा।

5तू खुले मैदान में मरेगा, क्योंकि मैंने ऐसा कहा है। प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

6मैं मागोग पर और समुद्र-तट के निर्भय निवासियों पर आग बरसाऊंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।

7“मैं अपना पवित्र नाम अपनी प्रजा इस्राएल के मध्य प्रकट करूंगा; और मैं अपने पवित्र नाम को फिर कभी अपवित्र न होने दूंगा। तब जाति-जाति के लोग जान लेंगे कि मैं ही यहोवा अर्थात् इस्राएल का पवित्र हू।

8देखो, यह होने वाला है और ऐसा ही किया जाएगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है, यह वही दिन है जिसकी मैंने चर्चा की है।

9“तब वे जो इस्राएल के नगरों में बसे हैं बाहर निकलेंगे और अस्त्र-शस्त्रें को आग लगा कर जला देंगे। वे ढाल और फरी, धनुष और तीर, गदे और भाले-सबको सात वर्ष तक जलाते रहेंगे।

10वे न तो मैदान से लकड़ी और न जंगलों से ईंधन इकट्ठा करेंगे, क्योंकि वे उन हथियारों से ही आग जलाया करेंगे। वे अपने लूटने वालों को लूटेंगे और अपने छीनने वालों से छीनेंगे, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

11“उस समय ऐसा होगा कि मैं गोग को इस्राएल अर्थात् समुद्र के पूर्व की ओर आने-जाने वालों की घाटी में कब्रिस्तान दूंगा, और आने-जाने वालों का मार्ग इससे बन्द हो जाएगा। अतः वे गोग और उसके सारे दलों को वहां मिट्टी देंगे और वह स्थान हामोन-गोग की घाटी कहलाएगा।

12सात माह तक इस्राएल का घराना देश को शुद्ध करने के लिए उन्हें गाड़ता रहेगा।

13यहां तक कि देश के सब लोग मिलकर उन्हें गाड़ते रहेंगे; जिस दिन मैं अपनी महिमा प्रकट करूंगा वह उनके लिए बड़ाई का दिन होगा।” प्रभु यहोवा की यही वाणी है। “

14देश को शुद्ध करने के लिए वे ऐसे लोगों को नियुक्त करेंगे जो देश में निरन्तर घूमते रहेंगे और आने-जाने वालों को तथा भूमि की सतह पर पड़े हुओं को गाड़ते जाएंगे। सात महीने बीतने पर वे खोज करेंगे।

15और देश में उन घूमने वालों में से यदि किसी को मनुष्य की हड्डी दिखे, तो वह वहां एक चिह्न उस समय तक के लिए खड़ा कर देगा, जब तक कि गाड़ने वाले आकर उसे हामोन-गोग की घाटी में गाड़ न देंगे।

16उस नगर का नाम ही हामोन होगा। इस प्रकार देश शुद्ध किया जाएगा।”

17“हे मनुष्य की सन्तान, तुझसे प्रभु यहोवा यों कहता हैः हर प्रकार के पक्षी और वन-पशु से कह, ‘एकत्र होकर आओ!’ चारों ओर से आकर मांस खाने और लहू पीने के लिए उस बड़े यज्ञ में उपस्थित हो जाओ जो मैं तुम्हारे लिए इस्राएल के पर्वतों पर करने वाला हू।

18तुम बलवान मनुष्यों का मांस ऐसे खाओगे और पृथ्वी के शासकों का रक्त ऐसे पीओगे मानो वे मेढ़ों, मेमनों, बकरों और बैलों, हां, सबके सब बाशान के चर्बीदार पशुओं का हो।

19अतः तुम मेरे यज्ञ में जो मैंने तुम्हारे लिए किया है चर्बी खाते-खाते ऊब जाओगे और रक्त पी-पीकर मतवाले हो जाओगे।

20और तुम मेरी मेज पर घोड़ों और सारथियों, शूरवीरों और योद्धाओं से अघा जाओगे,” प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

21“और मैं जाति-जाति के मध्य अपनी महिमा प्रकट करूंगा और सब जातियां मेरे किए हुए न्याय और अपने ऊपर पड़े मेरे हाथ को देखेंगी।

22उस दिन से इस्राएल का घराना जान लेगा कि मैं उनका परमेश्वर यहोवा हू।

23और जाति-जाति के लोग जान लेंगे कि इस्राएल के घराने के लोग अपने अधर्मों के कारण बन्धुवाई में गए थे; क्योंकि उन्होंने मेरे विरुद्ध विश्वासघात किया था और मैंने उनसे अपना मुख फेर लियाः और मैंने उन्हें शत्रुओं के हाथ में कर दिया जिससे वे सब तलवार से मारे गए।

24उनकी अशुद्धता और उनके अपराधों के अनुसार मैंने उनके साथ व्यवहार किया और अपना मुख उनसे फेर लिया।”

25इसलिए प्रभु यहोवा यों कहता हैः अब मैं याकूब को बन्धुवाई से लौटा ले आऊंगा और इस्राएल के सम्पूर्ण घराने पर दया करूंगा और मुझे अपने पवित्र नाम के लिए जलन होगी।

26जब वे अपनी भूमि पर सुरक्षित रहेंगे और डराने वाला कोई न रहेगा तो वे अपनी निन्दा और सब विश्वासघात को जो उन्होंने मेरे विरुद्ध किए भूल जाएंगे।

27जब मैं उन्हें जाति-जाति के लोगों के बीच से वापस ले आऊंगा और उनको शत्रुओं के देश से एकत्र करूंगा तब मैं अनेक जातियों की दृष्टि में उनके द्वारा पवित्र ठहरूंगा।

28तब वे जान लेंगे कि मैं उनका परमेश्वर यहोवा हूं; क्योंकि मैंने उन्हें जाति-जाति के मध्य निर्वासित किया और तब उनके निज देश में फिर एकत्र किया और मैं उनमें से किसी को वहां फिर न छोडूंगा।

29और मैं फिर कभी उनसे अपना मुख न फेरूंगा क्योंकि मैंने इस्राएल पर अपना आत्मा उंडेला है, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)