पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 6 / 48
यहेजकेल 6
1तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
2‘हे मनुष्य की सन्तान, इस्राएल के पर्वताें की ओर मुंह करके उनके विरुद्ध नबूवत कर
3और कह, हे इस्राएल के पर्वतो, प्रभु, यहोवा का वचन सुनो, पर्वतों, पहाड़ियों, नालाें और घाटियों से प्रभु यहोवा याें कहता हैः देखो, मैं स्वयं तुम पर तलवार चलवाऊंगा, और मैं तुम्हारे ऊंचे स्थानों को नष्ट कर दूंगा।
4अतः तुम्हारी वेदियां उजाड़ हो जाएंगी और तुम्हारी धूप-वेदियां तोड़ दी जाएंगी और मैं तुम्हारे घात किए हुओं को तुम्हारी मूर्तियों के सामने डाल दूंगा।
5मैं इस्राएलियों की लोथों को भी उनकी मूर्तियों के सामने फेंक दूंगा और तुम्हारी हड्डियां तुम्हारी वेदियों के आस-पास छितरा दूंगा।
6जहां-जहां तुम रहते हो वहां-वहां नगर उजाड़ और ऊंचे स्थान वीरान हो जाएंगे जिससे कि तुम्हारी वेदियां भी उजाड़ और वीरान हो जाएं, तुम्हारी मूर्तियां तोड़ी और मिटा दी जाएं, तुम्हारी धूप-वेदियां ढा दी जाएं और तुम्हारे कार्य मिटा दिए जाए।
7तुम्हारे मध्य लोग घात होकर गिरेंगे और तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हू।
8“फिर भी मैं कुछ लोगों को जीवित छोड़ दूंगा, अर्थात् उन लोगों को जो तुम्हारे बीच तलवार से बच जाएंगे। जब तुम भिन्न-भिन्न देशों तथा अन्य जातियों में तितर-बितर हो जाओगे।
9तब तुममें से जो बच निकलेंगे वे मुझे उन जातियों के बीच स्मरण करेंगे जिनमें वे बन्दी बनाकर ले जाए जाएंगे, और यह भी कि ‘हमारे व्यभिचारी हृदय उससे कैसे भटक गए, और हमारी व्यभिचारिणी की सी आंखें मूर्तियों पर कैसी लगी रहीं जिससे यहोवा को ठेस पहुंची है।’ वे अपनी की हुई बुराइयों अर्थात् समस्त घृणित कार्यों के कारण अपने आपसे घृणा करेंगे।
10तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं; मैंने व्यर्थ ही नहीं कहा कि मैं उन पर यह विपत्ति डालूंगा।
11“प्रभु यहोवा यों कहता हैः हाथ पर हाथ मारो और पैर पटक कर कहो कि इस्राएल के घराने के सब घृणित कार्यों के कारण हाय! वह तो तलवार, अकाल और महामारी से नष्ट हो जाएगा!
12वह जो दूर है मरी से मरेगा, जो पास है वह तलवार से मरेगा, और वह जो बच कर नगर में घिर जाए, अकाल से मरेगा। इस प्रकार मैं अपना क्रोध उन पर ठंडा करूंगा।
13प्रत्येक ऊंची पहाड़ी पर, प्रत्येक पर्वत की चोटी पर, प्रत्येक हरे-भरे वृक्ष के नीचे और प्रत्येक घने बांजवृक्ष के नीचे जहां उन्होंने अपने देवताओं के लिए सुखदायक सुगन्ध चढ़ाया, जब वहाँ उनके घात किए गए लोग उनकी मूर्तियों के बीच वेदियों के चारों ओर होंगे, तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हू।
14अतः जहां-जहां वे रहते हैं वहां-वहां मैं उनके विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाकर देश को दिबला के जंगल से अधिक उजाड़ और ऊसर बना दूंगा। इस प्रकार वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)