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पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 5 / 48

यहेजकेल 5

1हे मनुष्य की सन्तान, तू एक तेज तलवार ले और नाई के उस्तरे के समान उसे काम में लेकर अपने सिर और दाढ़ी के बाल मूंड़। तब तोलने के लिए तराजू लेकर बालों के भाग बना।

2जब नगर के घेराबन्दी के दिन पूरे हो जाएं तब तू एक तिहाई बाल लेकर नगर के मध्य आग में जला देना, एक तिहाई लेकर नगर के चारों ओर तलवार से बिखेर देना; और एक तिहाई को हवा में उड़ा देना। तब मैं तलवार खींचकर उनके पीछे चलाऊंगा।

3तब उनमें से कुछ बाल लेकर उन्हें अपने वस्त्र के छोर में बान्धना।

4फिर उनमें से भी कुछ और लेकर आग में फेंक देना और जला देना; उसमें से आग निकलकर इस्राएल के पूरे घराने में फैल जाएगी।”

5प्रभु यहोवा यों कहता हैः “यह है यरूशलेम, मैंने उसे अन्य जातियों के मध्य रखा है, उसके चारों ओर अन्य देश है।

6परन्तु उसने अन्य जातियों की अपेक्षा अधिक दुष्टता से मेरे नियमों के प्रति विद्रोह किया है और चारों ओर के देशों की अपेक्षा मेरी विधियों का अधिक कुटिलता से उल्लंघन किया है। क्योंकि उन्होंने मेरे नियमों को तुच्छ जाना। वे मेरी विधियों पर नहीं चले।

7अतः प्रभु यहोवा यों कहता है, ‘तुम्हारे यहां चारों ओर की जातियों की अपेक्षा अधिक हुल्लड़ है और तुम मेरी विधियों पर न चले, और न तुमने मेरे नियमों का पालन किया और न अपने चारों ओर की जातियों के नियमों का पालन किया,’

8अतः प्रभु यहोवा यों कहता है, ‘देख, मैं, हां मैं ही, तेरे विरुद्ध हूं, और अन्य जातियों की आंखों के सामने मैं तुझे दण्ड दूंगा।

9और तेरे सब घृणित कार्यों के कारण मैं तेरे मध्य ऐसा करूंगा जैसा मैंने न तो अब तक किया और न फिर कभी ऐसा करूंगा।

10“इसलिए तेरे बीच बाप अपने बेटों को और बेटे अपने बाप को खा जाएंगे; क्योंकि मैं तुम्हें दण्ड दूंगा और तुम्हारे बचे हुओं को चारों ओर बिखेर दूंगा।

11प्रभु यहोवा यों कहता हैः मेरे जीवन की सौगन्ध, क्योंकि तुमने अपनी घृणित मूर्तियों और अपने सब घिनौने कार्यों के द्वारा मेरे पवित्रस्थान को भ्रष्ट कर दिया है इसलिए मैं भी अपने आपको अलग कर लूंगा और मेरी आंखों में दया न होगी और न मैं तुम पर कुछ भी तरस खाऊंगा।

12तुम में से एक तिहाई मरी से मरेंगे या तेरे मध्य अकाल के ग्रास हो जाएंगे, एक तिहाई तलवार से तेरे आस-पास मारे जाएंगे और मैं एक तिहाई को चारों ओर बिखेर दूंगा; और मैं तलवार खींचकर उनका पीछा करूंगा।

13“इस प्रकार मेरा क्रोध शान्त होगा और उन पर भड़का हुआ मेरा कोप ठंडा होगा और तब तुझे शान्ति मिलेगी। जब मेरा कोप उन पर भड़क चुकेगा, तब वे जानेंगे कि मुझ यहोवा ही ने अपनी जलन में आकर यह कहा।

14इसके अतिरिक्त मैं तुझे चारों ओर की जातियों के बीच सब आने-जाने वालों के देखते उजाड़ दूंगा और निन्दा का कारण ठहराऊंगा।

15जब मैं कोप भरी घुड़कियों में और जलजलाहट में तुझे दण्ड दूंगा तब यह तेरे चारों ओर की जातियों के सामने, निन्दा, नामधराई, चेतावनी और भय का कारण ठहरेगा। मुझ यहोवा ने यह कहा है।

16जब मैं तुम पर अकाल के अपने घातक और विनाशक तीर छोडूंगा तो तुम्हें नष्ट करने के लिए ही छोडूंगा। उसी समय मैं तुम पर अकाल और भी बढ़ाऊंगा और तुम्हारी रोटी का आधार तोड़ दूंगा।

17इसके अतिरिक्त मैं तुम पर अकाल और हिंसक पशु भेजूंगा और वे तुम को निस्सन्तान कर देंगे। तुम पर महामारी और रक्तपात आ पड़ेंगे तथा मैं तुम पर तलवार भी चलवाऊंगा। मुझ यहोवा ने यह कहा है।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)