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पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 4 / 48

यहेजकेल 4

1“अब हे मनुष्य की सन्तान, तू एक ईंट लेकर उसे अपने सामने रख और उस पर एक नगर अर्थात् यरूशलेम का चित्र अंकित कर।

2तब उसे घेर, उसकी मोर्चाबन्दी कर, दमदमा बान्ध, पड़ाव डाल और चारों ओर युद्ध के यन्त्र लगा।

3फिर एक लोहे का तवा ले और उसे लोहे की दीवार मान कर अपने तथा नगर के बीच खड़ा कर। तब अपना मुख उसकी ओर ऐसा कर मानो उसे घेर लिया गया हो, और उसकी घेराबन्दी कर। यह इस्राएल के घराने के लिए एक चिह्न है।

4“और तू बाईं करवट लेट जाना और इस्राएल के घराने के अधर्म को अपने ऊपर ले लेना। जितने दिन तू उस करवट लेटा रहे, उतने दिन तू इस्राएल के अधर्म का भार सहता रहेगा।

5क्योंकि मैंने उनके अधर्म के वर्षों के अनुसार तेरे लिए दिन निर्धारित किए हैं अर्थात् तीन सौ नब्बे दिन; इस प्रकार तू इस्राएल के घराने के अधर्म का भार सहता रहेगा।

6जब तू इन्हें पूरा कर ले तब तू दूसरी बार लेट जाना परन्तु इस बार दाहिनी करवट, और यहूदा के घराने का अधर्म अपने ऊपर उठाना। मैंने तेरे लिए चालीस दिन ठहराए हैं, अर्थात् प्रत्येक वर्ष के लिए एक दिन।

7तब तू अपनी बांह उघाड़े हुए यरूशलेम की घेराबन्दी की ओर मुंह करना और उसके विरुद्ध नबूवत करना।

8अब देख, मैं तुझे रस्सियों से जकडूंगा जिससे कि जब तक घेराबन्दी के दिन पूरे न हो जाएं, तू करवट न बदल सकेगा।

9“पर तू गेहूं, जौ, सेम, मसूर, बाजरा और कठिया गेहूं लेना, उन्हें एक ही बर्तन में रखना और उनसे अपने लिए रोटी बनाया करना, जितने दिन तक तू एक करवट पर लेटा रहे अर्थात् तीन सौ नब्बे दिन तक उनकी रोटी खाया करना।

10और तू प्रतिदिन तौल-तौलकर बीस शेकेल भोजन खाया करना। तू उसे समय≤ पर खाना।

11और जो पानी तू पीए वह माप में हीन का छठवां भाग होगा। तू उसे समय≤ पर पीना।

12तू इसे जौ की रोटी के समान खाया करना। तू उनके देखते-देखते मनुष्य की विष्ठा के कंडों पर इसे पकाया करना।”

13तब यहोवा ने कहा, “इसी प्रकार इस्राएल उन जातियों के बीच अपना अशुद्ध भोजन खाएंगे जहां मैं उन्हें खदेड़ दूंगा।”

14पर मैंने कहा, “आह! प्रभु यहोवा, देख, मैं कभी भ्रष्ट नहीं हुआ; क्योंकि बचपन से लेकर अब तक मैंने कभी मरे हुए या हिंसक पशु द्वारा फाड़े हुए का मांस नहीं खाया और न कभी अशुद्ध मांस मेरे मुंह में गया।”

15तब उसने मुझसे कहा, “देख, मनुष्य की विष्ठा के बदले मैं तुझे गाय का गोबर दूंगा जिस पर तू अपनी रोटी पकाया करे।”

16इसके अतिरिक्त उसने मुझसे कहा, “हे मनुष्य की सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में रोटी का आधार तोड़ने वाला हू। अब लोग तौल-तौल कर चिन्ता के साथ रोटी खाया करेंगे, तथा नाप-नाप कर व्याकुलता से पानी पीया करेंगे,

17क्योंकि रोटी और पानी दुर्लभ रहेंगे। लोग एक-दूसरे से भयभीत रहेंगे और अपने ही अधर्म में नष्ट हो जाएंगे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)