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पुराना नियम · उत्पत्ति · अध्याय 10 / 50

उत्पत्ति 10

1नूह के पुत्रों अर्थात् शेम, हाम और येपेत की यह वंशावली है। जलप्रलय के पश्चात् उनसे पुत्र उत्पन्न हुए।

2येपेत के पुत्र ये थेः गोमेर, मागोग, मादै, यावान, तूबल, मेशेक और तीरास।

3तथा गोमेर के पुत्र अश्कनज, रीपत और तोगर्मा थे।

4यावान के पुत्र एलीशा, तर्शीश, कित्ती, तथा दोदानी थे।

5इन्हीं के द्वारा जाति-जाति के तटवर्तीय प्रदेश अपनी-अपनी भाषा, कुल और जाति के अनुसार अपने-अपने देश में अलग हो गए।

6हाम के पुत्र तो ये थेः कूश, मिस्र, फूत, और कनान।

7कूश के पुत्र, सबा, हबीला, सबता, राअमाह और सब्तका थे; तथा राअमाह के पुत्र शबा और ददान हुए।

8कूश से निम्रोद उत्पन्न हुआ; वही पृथ्वी पर एक पराक्रमी वीर बना।

9वह यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकारी था; इसलिए यह कहावत चल पड़ी, “यहोवा की दृष्टि में निम्रोद के समान पराक्रमी शिकारी।”

10उसके राज्य का प्रारम्भ शिनार देश में बाबेल, ऐरेख, अक्कद और कलने से हुआ।

11उस देश से वह अश्शूर को चला गया, और नीनवे, रहोबोतीर तथा कालह को बसाया,

12फिर रेसेन को भी बसाया जो नीनवे और कालह के बीच में है; यही मुख्य नगर है।

13मिस्र इन सबका पिता हुआः लूदी, अनामी, लहाबी, नप्तूही,

14पत्रूसी, कसलूही, जिससे पलिश्ती जाति निकली, तथा कप्तोरी।

15कनान से उसका ज्येष्ठ पुत्र सीदोन उत्पन्न हुआ। तब हित्त,

16यबूसी, एमोरी, गिर्गाशी,

17हिव्वी, अर्की, सीनी,

18अर्वदी, समारी, और हमाती भी उत्पन्न हुए; बाद में कनानियों के कुल दूर-दूर तक फैल गए।

19और कनानियों की सीमा सीदोन से लेकर गरार की ओर गाजा तक तथा सदोम, अमोरा, अदमा और सबोयीम की ओर लाशा तक थी।

20ये ही अपने-अपने कुलों, भाषाओं, देशों और जातियों के अनुसार हाम के वंशज हुए।

21फिर शेम के भी, जो सब एबेर-वंशियों का मूलपुरुष हुआ, और जो येपेत का ज्येष्ठ भाई था, पुत्र उत्पन्न हुए।

22शेम के पुत्र, एलाम, अश्शूर, अर्पक्षद, लूद और अराम थे।

23तथा अराम के पुत्र, ऊस, हूल, गेतेर और मश हुए।

24अर्पक्षद, शेलाह का पिता था और शेलाह का पुत्र एबेर हुआ।

25एबेर के दो पुत्र उत्पन्न हुए; एक का नाम पेलेग था, क्योंकि उसके दिनों में पृथ्वी बंट गई। उसके भाई का नाम योक्तान था।

26योक्तान से अल्मोदाद, शेलेप, हसर्मावेत, येरह,

27हदोराम, ऊजाल, दिक्ला,

28ओबाल, अबीमाएल, शबा,

29ओपीर, हवीला, और योबाब उत्पन्न हुए। ये सब योक्तान के पुत्र थे।

30उनका निवासस्थान मेशा से लेकर सपारा की ओर, जो पूर्व में एक पहाड़ी प्रदेश है, फैला हुआ था।

31ये ही अपने-अपने कुलों, भाषाओं, देशों और जातियों के अनुसार शेम के वंशज हुए।

32ये अपनी-अपनी वंशावलियों और जातियों के अनुसार नूह के पुत्रों के कुल हैं; जलप्रलय के पश्चात् इन्हीं में से जातियां विभाजित होकर पृथ्वी भर मैं फैल गईं।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)