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पुराना नियम · होशे · अध्याय 1 / 14

होशे 1

1यहोवा का वचन जो यहूदा के राजा उज्जियाह, योताम, आहाज और हिजकिय्याह तथा इस्राएल के राजा, योआश के पुत्र यारोबाम के दिनों में बेरी के पुत्र होशे के पास पहुंचा।

2जब यहोवा ने पहले होशे से बातें कीं तब यहोवा ने होशे से कहा, “जा, एक वेश्या को अपनी पत्नी बना कर उसके कुकर्म के बच्चों को अपना ले, क्योंकि देश यहोवा को त्याग कर घोर वेश्यावृति में लगा हुआ है।”

3अतः उसने जाकर दिबलैम की पुत्री गोमेर को अपनी पत्नी बना लिया जिसने गर्भधारण करके एक पुत्र को जन्म दिया।

4तब यहोवा ने होशे से कहा, “उसका नाम यिज्रेल रख, क्योंकि कुछ समय पश्चात् मैं यिज्रेल के रक्तपात के लिए येहू के घराने को दण्ड दूंगा तथा इस्राएल के घराने के राज्य को समाप्त कर दूंगा।

5उस दिन ऐसा होगा कि मैं यिज्रेल की घाटी में इस्राएल के धनुष को तोड़ डालूंगा।”

6उस स्री ने फिर गर्भधारण किया और एक पुत्री को जन्म दिया। यहोवा ने होशे से कहा, “उसका नाम लो-रफ़हामा रख, क्योंकि मैं इस्राएल के घराने पर कभी भी तरस न खाऊंगा कि उन्हें क्षमा करू।

7परन्तु मैं यहूदा के घराने पर तरस खाऊंगा और धनुष, तलवार, युद्ध, घोड़ों अथवा सवारों के द्वारा नहीं, परन्तु उनके परमेश्वर यहोवा के द्वारा उनका उद्धार करूंगा।”

8जब उस स्री ने लो-रफ़हामा का दूध छुड़ाया तो फिर गर्भधारण किया और एक पुत्र को जन्म दिया।

9तब यहोवा ने कहा, “उसका नाम लो-अम्मी रख, क्योंकि न तो तुम मेरी प्रजा हो और न मैं तुम्हारा परमेश्वर हू।”

10फिर भी इस्राएलियों की संख्या समुद्र के बालू के समान होगी, जिसकी न तो नाप और न गणना हो सकती है। ऐसा होगा कि उस स्थान में जहां उनसे कहा जाता है, “तुम मेरी प्रजा नहीं हो,” उनसे कहा जाएगा, “तुम जीवित परमेश्वर की सन्तान हो।”

11तब यहूदा की सन्तान और इस्राएल की सन्तान दोनों एकत्र किए जाएंगे और अपना एक अगुवा ठहराएंगे, और देश से निकल आएंगे, क्योंकि यिज्रेल का दिन महान् होगा।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)