पुराना नियम · होशे · अध्याय 7 / 14
होशे 7
1“जब-जब मैं अपनी प्रजा को बन्धुवाई से लौटा ले आना चाहता हूं, और जब जब मैं इस्राएल को चंगा करना चाहता हूं, एप्रैम के अधर्म और सामरिया के दुष्कर्म उघड़ जाते हैं, क्योंकि वे छलपूर्ण व्यवहार करते हैं: भीतर चोर घुसता है और बाहर डाकू दल हमला करता है।
2वे अपने हृदय में विचार नहीं करते कि उनकी सारी कुटिलता मुझे स्मरण है। उनके कार्य उनके चारों ओर हैं, वे मेरे सम्मुख है।
3अपनी कुटिलता से वे राजा को और अपने झूठ से प्रधानों को हर्षित करते है।
4वे सब व्यभिचारी है। वे उस तन्दूर के समान जलते रहते हैं जो आटा गूंधने से लेकर उसके ख़मीरा हो जाने तक रसोइये द्वारा धधकाया नहीं जाता।
5हमारे राजा के उत्सव के दिन प्रधान भी मदिरा से मतवाले हो गए। उसने निन्दकों के साथ हाथ फैलाए।
6क्योंकि उनके हृदय तन्दूर के समान हैं-षड्यन्त्र रचते-रचते उनका क्रोध रात भर उनमें सुलगता रहता और भोर को लौ के साथ भड़क उठता है।
7वे सब के सब तन्दूर के समान तप्त हैं और अपने ही प्रधानों को भस्म कर डालते है। उनके सब राजा मारे गए है। कोई मेरी दुहाई नहीं देता।
8“एप्रैम देश-देश के लोगों से मिल-जुल गया है। एप्रैम ऐसी चपाती ठहरा है जो पलटी नहीं गई।
9परदेशी उसका बल निगल गए पर उसे पता नही। उसके बाल भी पकने लगे पर उसे पता नही।
10इस्राएल का अहंकार उसी के विरफ़द्ध साक्षी देता है, परन्तु इन सब बातों के रहते हुए भी न तो वे अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरे और न उन्होंने उसकी खोज की।
11इसलिए एप्रैम के लोग भोली कबूतरी के समान अर्थात् नासमझ है। कभी तो वे मिस्र को बुलाते, कभी अश्शूर की ओर जाते है।
12जब वे जाएं मैं अपना जाल उन पर फैलाऊंगा, मैं उन्हें आकाश के पक्षियों के समान नीचे खींच लूंगा। जैसा उनकी सभा सुन चुकी है, मैं उन्हें ताड़ना दूंगा।
13उन पर हाय, क्योंकि वे मुझसे भटक गए है। उन पर विनाश आए, क्योंकि उन्होंने मेरे विरफ़द्ध किया है। मैं उन्हें छुड़ा लेता, परन्तु वे मेरे विरफ़द्ध झूठ बोलते है।
14वे मन से मुझे नहीं पुकारते पर अपने बिछौने पर विलाप करते रहते है। अन्न और दाखरस के लिए तो वे भीड़ लगाते हैं पर मुझसे मुंह मोड़ते है।
15यघपि मैंने उन्हें प्रशिक्षित किया और उनके हाथ मज़बूत किए, फिर भी वे मेरे विरफ़द्ध बुराई की युक्ति करते है।
16वे फिरते तो हैं परन्तु परमप्रधान की ओर नही। वे धोखा देने वाले धनुष के समान हैं, इसलिए उनके प्रधान अपनी जीभ की धृष्टता के कारण तलवार से मारे जाएंगे। मिस्र देश में उनके उपहास का यही कारण होगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)