Loading account

पुराना नियम · होशे · अध्याय 6 / 14

होशे 6

1“आओ, हम यहोवा के पास लौट चलें क्योंकि उसने फाड़ा तो है, पर वही हमें चंगा भी करेगा; उसने हमें घायल तो किया, पर वही पट्टी भी बान्धेगा।

2दो दिन के पश्चात् वह हमें नया बल देगा वरन् तीसरे दिन हमें उठा खड़ा करेगा कि हम उसके सम्मुख जीवित रहे।

3आओ, ज्ञान की खोज करें, वरन् यहोवा के ज्ञान को यत्न से ढूंढ़े। उसका प्रकट होना भोर के समान निश्चित है; वह वर्षा के समान, हां बसन्त की वर्षा के समान जो धरती को सींचती है हम पर आएगा।”

4“हे एप्रैम, मैं तुझसे क्या करूं? हे यहूदा, मैं तुझसे क्या करूं? तुम्हारी निष्ठा तो भोर के कुहरे के समान, हां, ओस के समान है जो प्रातःकाल जल्दी उड़ जाती है।

5इसलिए मैंने उन्हें नबियों के द्वारा चीर डाला, अपने मुख के वचन से घात किया है। न्याय तुम पर बिजली के समान आ पड़ा है।

6क्योंकि मैं बलिदान से नहीं पर निष्ठा से, और होमबलि से नहीं परन्तु इससे प्रसन्न होता हूं कि परमेश्वर का ज्ञान रखा जाए।

7परन्तु आदम के समान उन्होंने वाचा का उल्लंघन किया है; ऐसा करके उन्होंने मुझसे विश्वासघात किया है।

8गिलाद तो अनर्थ-कारियों का नगर है, जिस पर खून के पद-चिह्न अंकित है।

9जिस प्रकार लुटेरे किसी की घात में बैठते हैं उसी प्रकार याजकाें का दल शेकेम के मार्ग में हत्या करता है। निश्चय ही उन्होंने घोर दुष्कर्म किया है।

10इस्राएल के घराने में मैंने एक भयंकर बात देखी है; वहां एप्रैम की वेश्यावृत्ति है, इस्राएल ने अपने आपको भ्रष्ट कर लिया है।

11हे यहूदा, तेरा प्रतिफल भी निर्धारित है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)