पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 20 / 66
यशायाह 20
1जिस वर्ष अश्शूर के राजा सर्गोन ने अपना सेनापति भेजा और उसने अशदोद में आकर उससे युद्ध किया और अशदोद को अपने अधिकार में ले लिया,
2उसी वर्ष यहोवा ने आमोस के पुत्र यशायाह के द्वारा कहा, “जा और अपनी कमर से टाट खोल और अपने पैरों से जूतियां उतार।” और उसने वैसा ही किया, वह नंगा और नंगे पैर घूमने-फिरने लगा।
3यहोवा ने कहा, “जिस प्रकार मेरा दास यशायाह तीन वर्ष तक मिस्र और इथियोपिया के लिए चिह्न और प्रतीक स्वरूप नंगा और नंगे पैर घूमता फिरा,
4उसी प्रकार अश्शूर का राजा मिस्र के कैदियों तथा इथियोपिया के बन्दियों, क्या जवान क्या बूढ़े, सबको नंगे और नंगे पैर तथा खुले नितम्ब बन्धुवाई में ले जाएगा और यह मिस्र के लिए लज्जाजनक होगा।
5तब वे इथियोपिया के कारण जो उनकी आशा थी, और मिस्र के कारण जिस पर वे फूलते थे, व्याकुल और लज्जित होंगे।
6अतः समुद्र के इस तट के निवासी उस दिन कहेंगे, ‘देखो, यह है हमारी आशा! हम अश्शूर के राजा से बचने को सहायता पाने के लिए भाग कर किधर आ गए? अब हम कैसे बचेंगे’?”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)