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पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 21 / 66

यशायाह 21

1समुद्री तट के निर्जन प्रदेश के विषय में नबूबत। जैसे मरुभूमि की प्रचंड आंधी चली आती है, वैसे ही यह निर्जन प्रदेश अर्थात् डरावने देश से चली आती है।

2एक भयानक दर्शन मुझे दिखाया गया, विश्वासघाती विश्वासघात ही करता रहता है, नष्ट करने वाला नष्ट ही करता जाता है। हे एलाम, चढ़ाई कर! हे मादै, घेर ले! उसके कारण जो भी कराहना हुई है वह सब मैं बन्द कर देता हू।

3इस कारण मेरी कटि में भयंकर पीड़ा है, मुझे जच्चा की सी पीड़ा ने आ दबोचा है। मैं इतना घबरा गया हूं कि मुझे सुनाई नहीं देता, इतना भयभीत हूं कि देख नहीं सकता।

4मेरा जी घबरा गया है, आतंक मुझ पर छा गया है, जिस गोधूलि बेला की मैं आशा संजोए था उसने मुझे थरथरा दिया है।

5वे मेज लगाते, वे कपड़े बिछाते, वे खाते-पीते है। “हे प्रधानो उठो, ढालों पर तेल लगाओ!”

6प्रभु मुझसे यह कहता है, “जा, पहरेदार को तैनात कर। वह जो कुछ देखे आकर बताए।

7जब वह सवारों को देख्ो, दो-दो की कतारों में घुड़सवारों को, तथा गदहों और ऊंटों की पंक्तियों को तब वह ध्यान दे, हां अत्यधिक ध्यान दे।”

8तब पहरेदार सिंह के समान दहाड़ा, “हे प्रभु, मैं प्रतिदिन लगातार बुर्ज पर खड़ा रहा, और प्रति रात्रि पहरे पर तैनात रहा।

9अब देख, यहां सवारों का दल अर्थात् दो-दो की पंक्ति में घुड़सवारों का दल आ रहा है।” तब एक बोल उठा, “गिर पड़ा बेबीलोन, गिर पड़ा। उसके देवताओं की समस्त मूर्तियां भूमि पर चकनाचूर कर दी गई है।”

10हे मेरे रौंदे हुए लोगों और खलिहान में दाँये गए मेरे पुत्रे, जो कुछ मैंने सेनाओं के यहोवा, इस्राएल के परमेश्वर से सुना है, वह मैंने तुम्हें बता दिया है।

11एदोम के विषय में नबूवत। सेईर से कोई मुझे पुकार रहा है, “हे पहरुए, रात कितनी बीत गई है? हे पहरुए, रात कितनी बीत गई है?”

12पहरुआ कहता है, “सुबह होती तो है पर रात भी आएगी। यदि तुम पूछना चाहते हो, तो पूछो; फिर लौटकर आना।”

13अरब के विषय में नबूवत। हे ददानी कारवां, तुम्हें अरब की घनी झाड़ियों में रात बितानी होगी।

14हे तेमा देश के निवासियों प्यासों के लिए जल लाओ और भगोड़ों के लिए रोटी का प्रबन्ध करो।

15क्योंकि वे तलवार से अर्थात् म्यान से निकली तलवार से तथा ताने हुए धनुष से और युद्ध के दबाव से भागे है।

16क्योंकि प्रभु ने मुझसे यों कहा है, “मजदूर के वर्षों के अनुसार, एक ही वर्ष में केदार का समस्त वैभव मिट जाएगा;

17और केदार के धनुर्धारी शूरवीर थोड़े से रह जाएंगे; क्योंकि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने ऐसा ही कहा है।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)