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पुराना नियम · यिर्मयाह · अध्याय 27 / 52

यिर्मयाह 27

1योशिय्याह के पुत्र, यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्यकाल के आरम्भ में यहोवा की ओर से यिर्मयाह के पास यह वचन पहुंचा,

2“यहोवा मुझसे यों कहता हैः अपने लिए बन्धन और जुए बना और उन्हेंं अपनी गरदन पर रख,

3तब उन दूतों के द्वारा जो यरूशलेम से यहूदा के राजा सिदकिय्याह के पास आए हैं, एदोम के राजा, मोआब के राजा और अम्मोनवंशियों के राजा और सूर व सीदोन के राजाओं के पास संदेश भेज।

4उन्हेंं आज्ञा दे कि वे अपने-अपने स्वामियों के पास जाकर यह कहें, ‘सेनाओं का यहोवा इस्राएल का परमेश्वर यों कहता है, तुम अपने स्वामियों से यह कहो कि

5पृथ्वी को और पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्य तथा पशुओं को मैंने अपने बड़े सामर्थ्य और अपनी बढ़ाई हुई भुजा से बनाया है और मैं इसे उसी को दूंगा जिसे मैं देना चाहू।

6अब मैंने यह सारा देश अपने दास बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर को दे दिया है। और मैंने वन-पशुओं को भी उसे दे दिया है कि वे उसके काम आए।

7ये सब जातियां उसके और उसके पुत्रों तथा उसके पोतों के अधीन तब तक रहेंगी, जब तक स्वयं उसके देश का समय समाप्त न हो जाए। तब बहुत सी जातियां और सामर्थी राजा उसे अपना दास बनाएंगे।

8और ऐसा होगा कि जो जातियां व राज्य बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के अधीन नहीं होंगे और बेबीलोन के राज्य के जुए को अपनी गरदन पर नहीं लेंगे उनको मैं तलवार, अकाल और मरी से तब तक दण्ड दूंगा जब तक मैं उन्हें उसके हाथ से नष्ट न कर डालूं; यहोवा की यह वाणी है,

9परन्तु तुम अपने उन नबियों, शकुन विचारने वालों, स्वप्न देखने वालों, ओझाओं, और तान्त्रिकों की मत सुनना जो तुमसे कहते हैं, “तुम्हें बेबीलोन के राजा के अधीन नहीं होना पड़ेगा।”

10“क्योंकि वे तुम से झूठी नबूवत करते हैं जिससे कि तुम अपने देश से दूर चले जाओ। मैं तुम्हें बाहर खदेड़ दूंगा और तुम नष्ट हो जाओगे।

11परन्तु जो जाति अपनी गर्दन बेबीलोन के राजा के जुए के नीचे डालकर उसके अधीन रहेगी, उसे मैं उसके देश में रहने दूंगा और उसके लोग उसमें खेती करके बसे रहेंगे,’ यहोवा की यही वाणी है।”

12यही सब बातें मैंने यहूदा के राजा सिदकिय्याह से कहीं अर्थात् यह कि बेबीलोन के राजा के जुए के नीचे अपनी गर्दन लाओ और उसके लोगों के अधीन होकर जीवित रहो।

13तुम और तुम्हारी प्रजा के लोग तलवार, अकाल और मरी से क्यों मरो? जैसा कि यहोवा ने बेबीलोन के राजा के अधीन न हो जाने वाली प्रजा के विषय में कहा है?

14अतः तुम उन नबियों की बात मत सुनो जो तुमसे कहते हैं, कि तुम्हें बेबीलोन के राजा के अधीन न रहना पड़ेगा। वे तो तुमसे झूठी नबूवत करते है।

15यहोवा की वाणी है, “मैंने तो उन्हें नहीं भेजा, परन्तु वे मेरे नाम से झूठी नबूवत करते हैं जिससे कि मैं तुम्हें बाहर खदेड़ दूं और तुम अपने उन नबियों के साथ जो तुमसे नबूवत करते हैं नष्ट हो जाओ।”

16तब मैंने याजकों और सारी प्रजा से कहा, “यहोवा यों कहता हैः तुम अपने उन नबियों की बात मत सुनो जो नबूवत करके तुमसे कहते हैं कि देखो, यहोवा के भवन के पात्र शीघ्र ही बेबीलोन से लौटाकर लाए जाएंगे क्योंकि वे तो तुमसे झूठी नबूवत करते है।

17उनकी मत सुनो; पर बेबीलोन के राजा के अधीन रह कर जीवित रहो! यह नगर क्यों खंडहर बन जाए?

18परन्तु यदि वे नबी हैं और उनके पास यहोवा के वचन हैं तो वे अब सेनाओं के यहोवा से यह विनती करें कि जो पात्र यहोवा के भवन में, यहूदा के राजा के भवन में और यरूशलेम में बचे रह गए हैं, वे बेबीलोन में न पहुंचने पाए।

19सेनाओं का यहोवा उन खम्भों, हौद, कुर्सियों तथा शेष सामग्री के सम्बन्ध में यह कहता है जो इस शहर में बचे रह गए हैं

20और जिन्हें बेबीलोन का राजा नबूकदनेस्सर उस समय नहीं ले गया जिस समय वह यहोयाकीम के पुत्र यहूदा के राजा यकुन्याह और यहूदा और यरूशलेम के सब कुलीनों को यरूशलेम से बेबीलोन बन्दी बना कर ले गया था,

21हां, सेनाओं का यहोवा, इस्राएल का परमेश्वर उन पात्रों के विषय में यों कहता है जो यहोवा के भवन में, यहूदा के राजा के महल में, तथा यरूशलेम में बचे रह गए हैं:

22वे बेबीलोन पहुंचा दिए जाएंगे और जब तक मैं उनकी सुधि न लूं वे वहीं रखे रहेंगे, फिर मैं उनको इस स्थान पर लौटा ले आऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)