पुराना नियम · यिर्मयाह · अध्याय 34 / 52
यिर्मयाह 34
1जब बेबीलोन का राजा नबूकदनेस्सर और उसकी समस्त सेना, उन सब लोगों और पृथ्वी के उन सब राज्यों समेत जो उसके अधीन थे, यरूशलेम और उसके सब नगरों के विरफ़द्ध युद्ध कर रहे थे, तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा,
2“इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता हैः ‘यहूदा के राजा सिदकिय्याह के पास जाकर उससे कहः “यहोवा यों कहता है, ‘देख, मैं इस नगर को बेबीलोन के राजा के हाथ में दे दूंगा और वह इसे आग से फूंक डालेगा।
3परन्तु तू उसके हाथों से बचने नहीं पाएगा, क्योंकि तू निश्चय ही पकड़ा जाएगा और उसके हाथों में सौंपा जाएगा; और तू बेबीलोन के राजा को अपनी आंखों से देखेगा और वह तुझसे आमने-सामने बातें करेगा और तू बेबीलोन को जाएगा।’
4फिर भी हे यहूदा के राजा सिदकिय्याह, यहोवा का वचन सुन! यहोवा तेरे विषय में यह कहता है कि तू तलवार से मारा न जाएगा।
5तू शान्ति के साथ मरेगा, और जैसे तेरे पूर्वजों के लिए अर्थात् जो तुझसे पहले राजा हो चुके हैं उनके लिए लोग सुगन्ध-द्रव्य जलाते थे, वैसे ही वे तेरे लिए भी सुगन्ध-द्रव्य जलाएंगे और ‘हाय, मेरे प्रभु!’ कहकर तेरे लिए विलाप करेंगे, यहोवा की यही वाणी है।”’”
6तब यिर्मयाह नबी ने यरूशलेम में यहूदा के राजा सिदकिय्याह से ये सब वचन उस समय कह दिए,
7जब बेबीलोन के राजा की सेना यरूशलेम और यहूदा के शेष बचे हुए नगरों अर्थात् लाकीश और अजेका से लड़ रही थी, क्योंकि यहूदा के नगरों में किलेबन्दी वाले नगर केवल ये ही रह गए थे।
8यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास उस समय पहुंचा जब सिदकिय्याह यरूशलेम में उन सब लोगों से यह वाचा बांध चुका था कि दासों के स्वतंत्र किए जाने का प्रचार किया जाएः
9कि प्रत्येक व्यक्ति अपने दास और दासी को अर्थात् इब्रानी स्री या पुरफ़ष को स्वतंत्र कर दे जिससे कि कोई भी अपने यहूदी भाई को दास बनाकर अपने पास न रखे।
10तब समस्त अधिकारियों और समस्त प्रजा ने जिन्होंने यह वाचा बांधी थी कि उनमें से प्रत्येक अपने दास और अपनी दासी को स्वतंत्र कर देगा ऐसा ही किया कि भविष्य में कोई भी उनको दासत्व में कभी न रखे। उन्होंने वाचा का पालन करके उन्हें स्वतन्त्र कर दिया।
11परन्तु कुछ समय पश्चात् वे मुकर गए और उन दास और दासियों को जिन्हें उन्होंने स्वतंत्र कर दिया था वापस ले आए और फिर से उन्हें दास और दासी बना लिया।
12तब यहोवा की ओर से यिर्मयाह के पास यहोवा का यह वचन पहुंचाः
13“इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता हैः ‘उस दिन जब मैें तुम्हारे पूर्वजों को मिस्र देश से अर्थात् बन्धुवाई के देश से छुड़ा कर लाया था, मैंने उनके साथ यह वाचा बांधी थी कि,
14सातवें वर्ष के अन्त में तुम में से प्रत्येक अपने इब्री भाई को जो तुम्हारे हाथों में बेचा गया है और जिसने तुम्हारी सेवा छः वर्ष तक की है, उसे तुम अपने पास से स्वतंत्र करके जाने देना। परन्तु तुम्हारे पूर्वजों ने न तो मेरी आज्ञा का पालन किया और न अपने कान मेरी ओर लगाए।
15यघपि हाल ही में तुम फिरे तो थे और तुमने वह किया था जो मेरी दृष्टि में उचित है अर्थात् प्रत्येक ने अपने पड़ोसी को दासत्व से स्वतंत्र करने का प्रचार किया था और तुमने उस भवन में जो मेरे नाम का कहलाता है मेरे सम्मुख वाचा बांधी थी,
16फिर भी तुमने विमुख होकर मेरे नाम को अशुद्ध किया और प्रत्येक मनुष्य अपने दास और दासी को लौटा ले आया जिन्हें तुमने उनकी इच्छा के अनुसार स्वतंत्र कर दिया था, तुमने उनको अपने अधीन करके अपने दास और दासी बना लिया है।
17“इस कारण यहोवा यों कहता हैः ‘तुम में से प्रत्येक ने अपने-अपने भाई और अपने-अपने पड़ोसी के स्वतंत्र किए जाने का प्रचार करने के सम्बन्ध में मेरी आज्ञा का पालन नहीं किया है, सुनो, यहोवा की वाणी है, मैं तुम्हारे लिए ऐसी स्वतंत्रता का प्रचार करता हूं कि तुम तलवार, मरी और अकाल के हाथ में पड़ो और मैं तुम्हें पृथ्वी भर के राज्यों के लिए आतंक का कारण बनाऊंगा।
18मैं उन मनुष्यों को, जिन्हाेंंने मेरी वाचा का उल्लंघन किया। उन्होंने उस वाचा का पालन नहीं किया जिसे उन्होंने बछड़े को दो भागों में काटकर और उन भागों के मध्य से गुजर कर मुझसे बांधी थी-
19अर्थात् यहूदा के अधिकारी, यरूशलेम के अधिकारी, खोजे, याजक और देश के उन सब लोेगों को जो बछड़े के दोनों भागों में से होकर गुजरे-
20उनके शत्रुओं के हाथों में, अर्थात् जो उनके प्राण के खोजी हैं उन सबको उनके हाथों में कर दूंगा, और उनके शव आकाश के पक्षियों और मैदान के पशुओं का आहार हो जाएंगे।
21मैं यहूदा के राजा सिदकिय्याह और उसके अधिकारियों को उनके शत्रुओं के और उनके प्राण के खोजियों के अर्थात बेबीलोन के राजा की सेना के हाथों में कर दूंगा, जो तुम्हारे पास से चली गई है।
22यहोवा का वचन है, देखो, मैं आज्ञा देने वाला हूं और मैं उन्हें इस नगर में लौटा ले आऊंगा। वे इस नगर के विरफ़द्ध युद्ध करेंगे, इसे जीत लेंगे और जलाकर फूंक डालेंगे, और मैं यहूदा के नगरों को ऐसा उजाड़ डालूंगा कि इसमें कोई बसने न पाएगा।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)