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पुराना नियम · यिर्मयाह · अध्याय 46 / 52

यिर्मयाह 46

1देश-देश के लोगों के विषय में यहोवा का जो वचन यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा, यह है।

2मिस्र के विषय में, अर्थात मिस्र के राजा फि़रौन नको की सेना के सम्बन्ध में जो फ़रात नदी के किनारे कर्कमीश में खड़ी थी और जिसे योशिय्याह के पुत्र, यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर ने जीत लिया था;

3“ढालें और फरियां तैयार करो और युद्ध करने के लिए निकट चले आओ!

4घोड़ों पर काठी कसो, अश्वों पर सवार हो जाओ और टोप पहने हुए मोर्चा बांधो! भालों को चमकाओ और झिलमों को पहन लो!

5मैंने क्यों यह देखा? वे तो भयभीत हो गए और पीछे हट गए हैं, उनके शूरवीर पराजित हो गए, उतावली करके भाग गए और पीछे देखते भी नहीं; चारों ओर आतंक फैला है!” यहोवा की यही वाणी है।

6तेज धावक भागने न पाए, न शूरवीर बचने पाए। उत्तर दिशा में फ़रात नदी के किनारे वे ठोकर खाकर गिर पड़े है।

7यह कौन है जो नील नदी के समान चढ़ा आता है, अर्थात् उन नदियों के समान जिनका जल उफनता है?

8मिस्र देश नील नदी के समान चढ़ा आता है, अर्थात् उन नदियों के समान जिनका जल उफनता है। उसने तो कहा है, “मैं चढ़ कर पृथ्वी पर छा जाऊंगा, मैं निश्चय ही नगर-नगर को उनके निवासियों समेत नष्ट कर डालूंगा।

9हे घुड़सवारों, चढ़ जाओ! हे रथियो उन्मत होकर हांको कि सामर्थी पुरफ़ष धावा बोलें अर्थात् इथियोपिया और लिबिया के वीर जो ढाल थामते हैं और लूदियाई जो धनुर्धारी हैं, चढ़ आए।

10क्योंकि यह दिन सेनाओं के यहोवा का दिन है, बदला लेने का दिन है कि अपने द्रोहियों से बदला ले। तलवार निगल कर तृप्त हो जाएगी और उनका लहू पीकर छक जाएगी। क्योंकि उत्तरी देश में फ़रात नदी के किनारे सेनाओं के यहोवा प्रभु के लिए बलि-पर्व होगा।

11हे मिस्र की कुंवारी कन्या गिलाद जाकर मरहम ले आ! तूने तो व्यर्थ ही उपचारों के ढेर लगाए हैं, तेरे लिए कोई चंगाई नही।

12जाति-जाति ने तेरी लज्जा की बातें सुनी हैं, और पृथ्वी तेरी व्यथा की पुकार से भर गई है; क्योंकि योद्धा से योद्धा ठोकर खाता और दोनों साथ-साथ गिर पड़ते है।

13यहोवा ने यिर्मयाह नबी से कहा कि बेबीलोन का राजा नबूकदनेस्सर आकर मिस्र देश को किस प्रकार तहस-नहस करेगा, यही वह वचन हैः

14मिस्र में सुनाओ, मिग्दोल में प्रचार करो, मेम्फिस और तहपन्हेस में भी प्रचार करो और कहो, “मोर्चा बांधो और तैयार हो जाओ, क्योंकि जो तुम्हारे चारों ओर हैं उनको तलवार ने निगल लिया है।

15तेरे शूरवीर क्यों औंधे मुंह गिर पड़े? वे उठ नहीं सकते क्योंकि यहोवा ने उन्हें नीचे पटक दिया है।

16वे ठोकर खाते चले गए, वरन् एक दूसरे पर गिर पड़े। तब उन्होंने कहा, ‘उठो! अत्याचारी तलवार से दूर अपनी-अपनी जन्म भूमि में अपने ही लोगों के पास लौट चलें!

17वहां वे पुकार कर कहते हैं कि मिस्र का राजा फि़रौन तो मात्र एक बड़ा बोल है; उसने तो बहुमूल्य अवसर खो दिया है!

18राजाधिराज जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है उसकी यह वाणी है, कि मेरे जीवन की सौगन्ध! पर्वतों के मध्य जैसा ताबोर और समुद्र के किनारे जैसा कर्मेल पर्वत विशाल है वैसा ही एक आएगा।

19हे मिस्र में रहने वाली पुत्री, बन्धुवाई में जाने का समान तैयार कर, क्योंकि मेम्फिस उजड़ जाएगा; वह जला दिया जाएगा और निर्जन हो जाएगा।

20मिस्र एक सुन्दर बछिया है परन्तु विनाशक डाँस उत्तर दिशा से चला आ रहा है-वह आ रहा है!

21उनके मध्य भाड़े के सिपाही पाले हुए बछड़ों के समान हैं, क्योंकि वे भी मुंह मोड़कर एक साथ भाग खड़े हुए। वे मोर्चे पर खड़े न रह सके, क्योंकि उनकी विपत्ति का दिन अर्थात् उनको दण्ड दिए जाने का समय उन पर आ पड़ा है।

22उसकी आवाज सांप के चलने की सी है, और शत्रु दल बल सहित चढ़े आ रहे है। वे उसके पास पेड़ काटने वालों के समान कुल्हाड़ी लिए चले आ रहे है।

23यहोवा की यह वाणी है कि चाहे उसका वन कितना ही घना हो, वे उसको काट डालेंगे, क्योंकि वे टिड्डियों से भी अधिक हैं वे अनगिनत है।

24मिस्र की कन्या लज्जित कर दी गई है और उसे उत्तर दिशा के लोगों के हाथ सौंप दिया गया है।

25इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा कहता है, “देखो, मैं नोह के आमोन, फि़रौन तथा मिस्र को उसके देवताओं और राजाओं हां फि़रौन को उन सबके समेत जो उस पर भरोसा रखते हैं, दण्ड देने पर हू।

26मैं उनको उनके प्राण के खोजी अर्थात् बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर और उसके कर्मचारियों के हाथ में कर दूंगा। इसके पश्चात फिर भी वह प्राचीनकाल के समान फिर से बसाया जाएगा। यहोवा की यही वाणी है।

27“परन्तु हे मेरे दास याकूब तू मत डर। हे इस्राएल, भयभीत न हो। देख, मैं तुझे दूर देश से और तेरे वंश को उनके बन्धुवाई के देश से छुड़ा ले आऊंगा। तब याकूब लौटकर चैन से और सुरक्षित रहेगा और कोई उसे डराने न पाएगा।”

28यहोवा की वाणी है, “हे याकूब, हे मेरे दास, मत डर क्योंकि मैं तेरे साथ हूं, यघपि मैं उन सब राज्यों का जिनमें मैंने तुझे खदेड़ा था पूर्णतः अन्त कर दूंगा फिर भी तेरा पूर्णतः अन्त न करूंगा। मैं तेरी ताड़ना उचित रूप से करूंगा, और किसी प्रकार तुझे दण्ड दिए बिना न छोडूंगा।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)