पुराना नियम · यिर्मयाह · अध्याय 47 / 52
यिर्मयाह 47
1फि़रौन द्वारा गाजा को जीत लेने से पूर्व यहोवा का वचन यिर्मयाह नबी के पास पलिश्तियों के विषय में पहुंचा।
2यहोवा यों कहता हैः “देखो, उत्तर दिशा से सोते फूटेंगे और वे उमड़ती जलधारा बन जाएंगे। वे सम्पूर्ण देश और उसमें जो कुछ है उस सबको अर्थात् नगर को और उसमें बसने वालों को डुबो लेंगे। लोग चिल्लाएंगे और उस देश का प्रत्येक निवासी हाय, हाय करेगा।
3युद्ध के घोड़ों की टाप और रथों के वेग से चलने तथा उनके पहियों की घड़घड़ाहट से उनके हाथ-पांव ऐसे ढीले पड़ गए कि किसी भी पिता ने मुड़कर अपने बच्चों को नहीं देखा।
4यह उस दिन होगा जो आने वाला है, जिसमें समस्त पलिश्ती नष्ट किए जाएंगे और सूर और सैदा का जो भी सहायक रह गया हो मिटा दिया जाएगा; क्योंकि यहोवा बचे हुए पलिश्तियों को जो कप्तोर के समुद्र तट से आए, नष्ट करने वाला है।
5गाजा ने विलाप में सिर मुड़ा लिया है, अश्कलोन उजड़ गया है। उनकी घाटियों में बचे हुए, हे लोगो, तुम कब तक अपने को चीरते-फाड़ते रहोगे?
6“हे यहोवा की तलवार, तू कब तक शान्त न होगी? अपनी मियान में चली जा, सुस्ता ले और थम जा!
7तू कैसे शान्त रह सकती है? यहोवा ने तो तुझे आदेश देकर अश्कलोन और समुद्रतट के विरफ़द्ध ठहराया है।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)