पुराना नियम · यहोशू · अध्याय 11 / 24
यहोशू 11
1जब हासोर के राजा याबीन ने यह सुना तब उसने मादोन के राजा योबाब को तथा शिम्रोन के राजा, और अक्षाप के राजा,
2उत्तर के पहाड़ी देश के राजाओं और अराबा के अर्थात् किन्नेरेत के दक्षिण में निचले प्रदेश तथा पश्चिम की ओर दोर के ऊंचे प्रदेशों के राजाओं,
3पूर्व और पश्चिम के कनानियों, एमोरियों, हित्तियों, परिज्जियों, पहाड़ी यबूसियों और मिस्पा देश के हेर्मोन पहाड़ी के नीचे रहने वाले हिव्वयों को बुलवा भेजा।
4और वे सब अपनी-अपनी सेनाओं सहित समुद्र-तट की रेत के समान बड़ी संख्या में निकल आए। उनके साथ बहुत से घोड़े और रथ भी थे।
5ये सब मिलने के लिए सहमत हुए और उन्होंने मेरोम नामक जलाशय के समीप आकर इस्राएल के विरुद्ध युद्ध करने के लिए एक साथ छावनी डाली।
6तब यहोवा ने यहोशू से कहा, “उनके कारण मत डर क्योंकि मैं कल इसी समय मारे गए लोगों के शवों को इस्राएल को सौंप दूंगा। तब तू उनके घोड़ों की सुम की नस कटवा डालना तथा रथों को आग लगाकर फूंक देना।”
7इसलिए यहोशू अपने सब योद्धाओं सहित मेरोम नामक जलाशय के पास पहुंचकर अचानक उन पर टूट पड़ा।
8और यहोवा ने उनको इस्राएलियों के हाथ में कर दिया जिससे उन्होंने उनको हरा दिया और महान् सीदोन, मिस्रपोत-मेम तथा पूर्व में मिस्पा की तराई तक उनका पीछा किया, और उनको ऐसा मारा कि कोई जीवित न बचा।
9तब यहोशू ने वैसा ही किया जैसा यहोवा ने उससे कहा था। उसने उनके घोड़ों के सुम की नसें कटवा दीं और उनके रथ आग में फुंकवा दिए।
10तब यहोशू ने पीछे लौटकर हासोर को जो पहले इन सब राज्यों में मुख्य था अधिकार में ले लिया तथा उसके राजा को तलवार के घाट उतार दिया।
11उन्होंने उसमें के प्रत्येक व्यक्ति को तलवार के घाट उतार कर सर्वनाश कर दिया। वहां कोई भी जीवित न बचा। और उसने हासोर को आग लगवाकर फुंकवा दिया।
12यहोशू ने इन राजाओं के सब नगरों और उनके सब राजाओं पर अधिकार कर लिया तथा जैसा यहोवा के दास मूसा ने आज्ञा दी थी उनको तलवार के घाट उतार कर सर्वनाश कर डाला।
13परन्तु हासोर को छोड़ जिसे यहोशू ने फुंकवा दिया था, इस्राएल ने टीले पर बसे हुए और किसी नगर को नहीं जलाया।
14इन नगरों की सारी लूट और पशुओं को इस्राएलियों ने अपनी लूट के रूप में रख लिया। परन्तु उन्होंने प्रत्येक मुनष्य को तलवार के घाट उतार कर सबका ऐसा सर्वनाश किया कि कोई भी जीवित न बचा।
15जैसे कि यहोवा ने अपने दास मूसा को आज्ञा दी थी वैसे ही मूसा ने यहोशू को आज्ञा दी, और यहोशू ने वैसा ही किया भी, और जो-जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी उनमें से एक को भी यहोशू ने पूरा किए बिना न छोड़ा।
16इस प्रकार यहोशू ने उस पूरे देश, अर्थात् पहाड़ी देश, सारे नेगेव, गोशेन का पूरा देश, तराई, अराबा, इस्राएल के पहाड़ी प्रदेश और उसकी तराई अर्थात्
17सेईर की चढ़ाई पर हालाक पर्वत से लेकर हेर्मोन पर्वत के नीचे लेबनोन की तराई में स्थित बालगाद तक के पूरे देश को अपने अधिकार में कर लिया। उसने उनके सब राजाओं को पकड़ कर मार डाला।
18इन सब राजाओं के साथ यहोशू ने लम्बे समय तक युद्ध किया।
19गिबोन में रहने वाले हिव्वयों को छोड़ और किसी नगर ने इस्राएलियों के साथ मेल नहीं किया। और सब नगरों को उन्होंने युद्ध में जीत लिया।
20यह यहोवा की ओर से हुआ कि उनके हृदय कठोर कर दिए गए कि वे युद्ध में इस्राएल का सामना करें जिससे कि वह उनका सर्वनाश करे और उन पर कोई दया न हो, परन्तु जैसे यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी उसी के अनुसार वह उनका सर्वनाश करे।
21उस समय यहोशू ने पहाड़ी देश में आकर हेब्रोन, दबीर, अनाब तथा यहूदा और इस्राएल के सारे पहाड़ी प्रदेश से अनाकियों का नाश किया। यहोशू ने उनको उनके सारे नगरों समेत नष्ट कर दिया।
22अब इस्राएलियों के देश में एक भी अनाकी न रहा। केवल गाजा, गत और अश्दोद में कुछ रह गए थे।
23जैसा यहोवा ने मूसा से कहा था वैसा ही यहोशू ने पूरे देश पर अधिकार कर लिया; और उसे इस्राएलियों को उनके गोत्रों और कुलों के अनुसार मीरास में दे दिया। इस प्रकार देश को युद्ध से शान्ति मिली।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)