पुराना नियम · लैव्यवस्था · अध्याय 10 / 27
लैव्यवस्था 10
1हारून के पुत्रों, नादाब और अबीहू ने अपना-अपना धूपदान लेकर उसमें आग भरी और उसमें सुगन्धित द्रव्य डालकर यहोवा के सामने उस बाहरी आग को अर्पित किया जिसकी आज्ञा यहोवा ने नहीं दी थी।
2तब यहोवा की ओर से आग निकलकर उन्हें भस्म कर गई और वे यहोवा के सामने मर गए।
3तब मूसा ने हारून से कहा, “यह वही वचन है जो यहोवा ने कहा थाः जो मेरे निकट आए वह मुझे पवित्र माने, हाँ, सब लोगों के सामने मेरी महिमा हो।”तब हारून चुप रहा।
4मूसा ने हारून के चाचा उज्जीएल के पुत्रों, मीशाएल और एलसाफान को भी बुलाकर उनसे कहा, “निकट आओ और अपने भाइयों को पवित्रस्थान के सामने से हटाकर छावनी के बाहर ले जाओ।”
5तब वे मूसा की आज्ञा के अनुसार निकट आकर उन्हें अंगरखों सहित छावनी के बाहर ले गए।
6तब मूसा ने हारून और उसके पुत्रों, एलीआजार और ईतामार से कहा, “तुम अपने सिरों के बाल मत बिखराओ और न अपने वस्त्रों को फाड़ो, कहीं ऐसा न हो कि तुम भी मर जाओ और सारी मंडली पर यहोवा का क्रोध भड़क उठे। केवल तुम्हारे कुटुम्बी अर्थात् इस्राएल का सम्पूर्ण घराना यहोवा के द्वारा भस्म किए हुओं के लिए विलाप करे।
7तुम लोग मिलापवाले तम्बु के द्वार के भी बाहर मत जाना, ऐसा न हो कि तुम मर जाओ, क्योंकि यहोवा के अभिषेक का तेल तुम पर लगा हुआ है।” तब उन्होंने मूसा के कहे वचन के अनुसार कार्य किया।
8तब यहोवा ने हारून से कहाः
9“जब कभी तू या तेरे पुत्र मिलापवाले तम्बू में आएं, तब तुम न तो दाखमधु और न कोई नशीली वस्तु पीना, ऐसा न हो कि तुम मर जाओ। यह तुम्हारी आने वाली पीढ़ियों के लिए चिरस्थायी विधि हो,
10जिससे कि तुम पवित्र और अपवित्र में, तथा शुद्ध और अशुद्ध में अन्तर कर सको
11और इस्राएलियों को वे सब विधियां सिखा सको जिन्हें यहोवा ने मूसा के द्वारा उनको बता दिया है।”
12तब मूसा ने हारून और उसके बचे हुए दोनों पुत्रों अर्थात् एलीआजार और ईतामार से कहा, “यहोवा के लिए चढ़ाए हुए अग्निबलियों में से जो अन्नबलि बची है, उसे लो और वेदी के निकट बिना ख़मीर के खाओ, क्योंकि वह अत्यन्त पवित्र है।
13वरन् तुम उसे किसी पवित्रस्थान में खाना, क्योंकि यह तो यहोवा के लिए चढ़ाए हुए अग्निबलि मेें से तेरा और तेरे पुत्रों का निर्धारित भाग है, मुझे तो यही आज्ञा मिली है।
14परन्तु हिलाई हुई भेंट का सीना और उठाई हुई भेंट की जांघ को तुम और तुम्हारे साथ तुम्हारे बेटे-बेटियां स्वच्छ स्थान में खाया करें, क्योंकि वे इस्राएलियों के मेलबलियों में से तुम्हारे और तुम्हारी सन्तान के लिए निर्धारित की गई है।
15चरबी की अग्निबलियों के साथ उठाई हुई भेंट की जांघ, और हिलाई हुई भेंट का सीना यहोवा के सामने हिलाने के भेंट-स्वरूप लाए जाए। यहोवा की आज्ञा के अनुसार यह सर्वदा के लिए तेरा और तेरी सन्तान का निर्धारित भाग होगा।”
16जब मूसा ने पापबलि के बकरे के विषय में खोज-बीन की तो देखो, वह जला दिया गया था। इस कारण वह हारून के बचे पुत्रों, एलीआजार और ईतामार पर क्रोधित हुआ और कहने लगाः
17“तुमने पापबलि के मांस को पवित्रस्थान में क्यों नहीं खाया? यह तो अत्यन्त पवित्र है। इसे यहोवा ने तुम्हें इसलिए दिया कि तुम मंडली के पाप को अपने ऊपर लेकर उनके लिए यहोवा के सामने प्रायश्चित्त करो।
18देखो, इसका लहू तो पवित्रस्थान के भीतर लाया ही नहीं गया। तुम्हें तो मेरी आज्ञा के अनुसार इसका मांस अवश्य ही पवित्रस्थान में खाना चाहिए था।
19परन्तु हारून ने मूसा से कहा, “देख, आज ही उन्होंने अपने पापबलि और होमबलि को यहोवा के सामने चढ़ाया है। मुझ पर ऐसी विपत्तियों के आने पर भी यदि मैं आज पापबलि का मांस खाता तो क्या यहोवा की दृष्टि में यह बात उचित होती?”
20जब मूसा ने यह सुना तो यह बात उसे उचित जान पड़ी।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)