पुराना नियम · लैव्यवस्था · अध्याय 21 / 27
लैव्यवस्था 21
1तब यहोवा ने मूसा से कहा, “हारून के पुत्र जो याजक हैं उनसे यह कहः यदि तुम्हारे लोगों में से कोई मरे तो उसके कारण कोई अपने आपको अशुद्ध न करे।
2केवल अपने निकट के कुुटुम्बी, अर्थात् अपनी माता और अपने पिता और अपने पुत्र और अपनी पुत्री और अपने भाई,
3और अपनी कुँवारी बहन के कारण जिसका विवाह नहीं हुआ है और जो उसकी निकट सम्बन्धी है, वह अशुद्ध हो सकता है।
4वह अपने लोगों में बड़ा होने का कर्त्तव्य निभाकर अपने आपको अशुद्ध न करे जिससे अपवित्र हो जाए।
5वे न तो अपने सिर मुड़ाएं, न अपनी दाढ़ी के कोने मुड़ाएं और न अपने शरीर को चीरे।
6वे अपने परमेश्वर के लिए पवित्र बने रहें और अपने परमेश्वर के नाम को अपवित्र न करें, क्योंकि वे परमेश्वर का भोजन अर्थात् यहोवा के लिए अग्निबलि चढ़ाया करते है। इसलिए वे पवित्र बने रहे।
7वे न तो वेश्यावृति से अपवित्र हुई किसी स्त्री और न पति द्वारा त्यागी हुई किसी स्त्री से विवाह करें, क्योंकि याजक तो अपने परमेश्वर के लिए पवित्र है।
8अतः तुम उसे पवित्र जानना, क्योंकि वह तुम्हारे परमेश्वर के लिए भोजन चढ़ाया करता है। वह तेरे लिए पवित्र ठहरे, क्योंकि तुझे पवित्र करने वाला मैं यहोवा पवित्र हू।
9और यदि किसी याजक की पुत्री वेश्या बन कर अपने आपको अपवित्र करे तो वह अपने पिता को भी अपवित्र ठहराती है, वह आग में जलाई जाए।
10“जो याजक अपने भाइयों में महायाजक है, जिसके सिर पर अभिषेक का तेल डाला गया और जिसका संस्कार पवित्र वस्त्रों को पहनने के लिए हुआ हो, वह न तो अपने सिर के बाल बिखरने दे और न अपने वस्त्र फाड़े।
11वह किसी मृतक के पास न जाए, यहां तक कि न तो अपने पिता और न अपनी माता के कारण अपने को अशुद्ध करे।
12वह न पवित्रस्थान से बाहर निकले और न अपने परमेश्वर के पवित्रस्थान को अपवित्र ठहराए क्योंकि वह अलग किया गया है। उस पर उसके परमेश्वर के अभिषेक का तेल है। मैं यहोवा हू।
13और वह कुँवारी से ही विवाह करे।
14जो विधवा, या त्यागी हुई, या वेश्यावृति से भ्रष्ट हो, इनसे वह विवाह न करे, परन्तु अपनी ही जाति की किसी कुँवारी से ही विवाह करे,
15ऐसा न हो कि वह अपनी सन्तान को अपनी जाति में अपवित्र ठहराए, क्योंकि मैं उसका पवित्र ठहराने वाला यहोवा हू।”
16तब यहोवा ने मूसा से कहा,
17“हारून से यह कहः तेरे वंश में पीढ़ी से पीढ़ी तक यदि कोई अपंग हो तो वह परमेश्वर के लिए भोजन चढ़ाने समीप न जाए।
18कोई भी अपंग व्यक्ति समीप न आए, चाहे वह अन्धा हो, या लंगड़ा, या विकृत चेहरे वाला, या विकलांग हो,
19या लूला व लंगड़ा हो,
20या कुबड़ा, या बौना हो, या उसकी आंख में दोष हो या उसके खुजली अथवा चाईं हो, या उसके अण्ड पिचके हो।
21हारून याजक के वंश में से कोई भी अपंग, यहोवा के लिए अग्निबलि चढ़ाने समीप न जाए। वह अपंग है। वह कभी अपने परमेश्वर के लिए भोजन चढ़ाने समीप न जाए।
22वह अपने परमेश्वर के पवित्र और परमपवित्र, दोनों प्रकार की भोजन-वस्तु खा सकता है।
23इसलिए कि वह अपंग है वह केवल पर्दे के अन्दर और वेदी के समीप न जाए, ऐसा न हो कि वह मेरे पवित्रस्थान को अपवित्र करे। क्योंकि मैं उनका पवित्र करने वाला यहोवा हू।”
24अतः मूसा ने हारून, और उसके पुत्रों तथा सब इस्राएलियों से ये बातें कही।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)