पुराना नियम · नहूम · अध्याय 2 / 3
नहूम 2
1विध्वंस करने वाला तेरे विरफ़द्ध चढ़ आया है। गढ़ पर पहरेदार नियुक्त कर, मार्ग की चौकसी कर; अपनी कमर कस ले, अपनी सारा शक्ति जुटा ले।
2यहोवा तो याकूब का वैभव इस्राएल के वैभव के समान पुनः प्रतिष्ठित करेगा, क्योंकि उजाड़ने वालों ने उन्हें उजाड़ दिया था और उनकी दाख की लता की डालियों को नष्ट कर दिया था।
3उसके शूरवीरों की ढालें लाल हैं, योद्धा लाल रंग के वस्र पहने हुए है। जब वह युद्ध के लिए कूच करने को तैयार होता है तब रथों का लोहा आग के समान चमकता है, और भाले हिलाए जाते है।
4रथ सड़कों पर वेग से दौड़ते हैं, वे चौराहों पर इधर-उधर भागते हैं, वे मशालों जैसे दिखाई देते हैं, वे बिजली के समान इधर-उधर दौड़ते है।
5वह अपने सेनापतियों को स्मरण करता है, वे चलते चलते ठोकर खाते है। वे शहरपनाह की ओर फुर्ती से जाते और सुरक्षा आवरण तैयार किया जाता है।
6नदियों के फाटक खोल दिए जाते हैं और राजमहल गलकर बैठा जाता है।
7तब निश्चित हैः वह नंगी की जाकर बन्धुवाई में ले जाई गई और उसकी दासियां अपनी छाती पीटती हुई पंडुकों जैसा कराहती है।
8यघपि नीनवे नगर अपने सब दिन मानो जल से भरा ताल था, फिर भी अब लोग भागे जा रहे है। “ठहरो, ठहरो,” पुकारे जाने पर भी कोई नहीं ठहरता।
9चांदी लूटो! सोना लूटो! वहां असीमित धन है, हर प्रकार की मनभावनी वस्तुओं का भंडार है।
10वह खाली कर दी गई! हां, वह सुनसान और उजाड़ हो गई! हृदय बैठे जा रहे हैं और घुटने कांप रहे हैं! पूरे शरीर में भी वेदना हो रही है, और उन सबके चेहरे पीले पड़ गए है।
11सिंहों की मांद और जवान सिंहों के लिए आखेट का वह स्थान कहां रहा जिसमें सिंह, सिंहनी और उनके बच्चे बेखटके घूमा करते थे?
12सिंह अपने बच्चों के लिए बहुत अहेर ले आता, और अपनी सिंहनी के लिए भी मार कर लाता और अपनी गु़फ़ा को फाड़े हुए मांस और अपनी मांद को अहेर से भर लेता।
13सेनाओ के यहोवा की यह वाणी हैः “देख, मैं तेरे विरफ़द्ध हू। मैं उसके रथ जलाकर फूंक दूंगा, और तलवार से तेरे जवान सिंह मारे जाएंगे। मैं पृथ्वी पर से तेरे अहेर को समाप्त कर दूंगा, और तेरे दूतों की वाणी फिर कभी सुनाई नहीं देगी।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)