पुराना नियम · नहेमायाह · अध्याय 11 / 13
नहेमायाह 11
1प्रजा के प्रधान तो यरूशलेम में रहते थे, परन्तु शेष लोगों ने चिट्ठियां डालीं कि दस मनुष्यों में से एक को पवित्र नगर यरूशलेम में रहने के लिए भेजा जाए और बाकी नौ अन्य नगरों में रहे।
2तब लोगों ने उन सबको जिन्होंने स्वेच्छा से यरूशलेम में रहना चाहा, आशीर्वाद दिया।
3परन्तु यहूदा के नगरों में तो कुछ इस्राएली, अर्थात् याजक, लेवीय, मन्दिर के सेवक और सुलैमान के कर्मचारियों की सन्तान सब अपने ही नगर में अपनी निज भूमि पर रहते थे, परन्तु प्रान्तों के मुख्य अगुवे जो यरूशलेम में बस गये थे वे ये हैं:
4यरूशलेम में कुछ यहूदी औेर कुछ बिन्यामीनी रहते थे। यहूदियों में सेः पेरेस-वंशीय अतायाह जो उज्जियाह का, जो जकर्याह का, जो अमर्याह का, जो शपत्याह का, जो महलालेल का पुत्र था;
5और मासेयाह जो बारूक का, जो कोलहोजे का, जो हजायाह का, जो अदायाह का, जो योयारीब का, जो जकर्याह का, और जो शीलोई का पुत्र था।
6पेरेस-वंशीय जो यरूशलेम में रहते थे, वे सब मिलाकर चार सौ अड़सठ शूरवीर थे।
7और बिन्यामीनियों में से सल्लू जो मशुल्लाम का, जो योएद का, जो पदायाह का, जो कोलायाह का, जो मासेयाह का, जो इतिएल का, जो यशायाह का पुत्र था;
8और उसके बाद गब्बै और सल्लै। कुल नौ सौ अट्ठाइस पुरुष थे।
9इनका प्रधान जिक्री का पुत्र योएल था, और हस्सनूआ का पुत्र यहूदा तो नगर के प्रधान का नयाब था।
10फिर याजकों में से योयारीब का पुत्र यदायाह और याकीन,
11और सरायाह जो परमेश्वर के भवन का प्रधान था और हिल्कियाह का पुत्र था, जो मशुल्लाम, जो सादोक का, जो मरायोत का, जो अहीतूब का पुत्र था।
12और इनके भाई-बन्धु जो मन्दिर में सेवा करते थे कुल मिलाकर आठ सौ बाईस; और अदायाह, जो यरोहाम का, जो पलल्याह का, जो अम्सी का, जो जकर्याह का, जो पशहूर का, जो मल्कियाह का पुत्र था।
13और इसके भाई-बन्धु जो पितरों के घरानों के प्रधान थे कुल दो सौ बयालीस; और अमशै जो अजरेल का, जो अहजै का, जो मशिलैमोत का जो इम्मेर का पुत्र था।
14और इनके भाई-बन्धु जो शूरवीर थे कुल एक सौ अट्ठाईस। और इनका प्रधान हग्गदोलीम का पुत्र जब्दीएल था।
15फिर लेवियों में सेः शमायाह जो हश्शूब का, जो अज्रीकाम का, जो हुशब्याह का, जो बुन्नी का पुत्र था;
16और शब्बत और योजाबाद जो मुख्य लेवियों में से परमेश्वर के भवन के बाहरी काम पर नियुक्त थे।
17और मत्तन्याह जो मीका का पुत्र और जब्दी का पोता, और आसाप का परपोता था, वह प्रार्थना में धन्यवाद करनेवालों का मुखिया था, और बकबुक्याह जो अपने भाइयों में नायब था, और अब्दा जो शम्मू का पुत्र, और गलाल का पोता, और यदूतून का परपोता था।
18जो लेवीय पवित्र नगर में रहते थे, वे कुल दो सौ चौरासी थे।
19और द्वारपालः अक्कूब, तल्मोन और उनके भाई जो फाटकों के रखवाले थे, कुल एक सौ बहत्तर थे।
20और शेष इस्राएल, याजक और लेवीय, यहूदा के सब नगरों में अपने-अपने निज भाग में रहते थे।
21और मन्दिर के सेवक ओपेल में रहते थे, और उनके ऊपर सीहा, और गिश्पा ठहराए गए थे।
22और जो लेवीय यरूशलेम में रहकर परमेश्वर के भवन में सेवा करते थे, उनका मुखिया उज्जी था। वह आसाप-वंशी गवैयो में का था, जो बानी का, जो हशब्याह का, जो मत्तन्याह का, और जो मीका का पुत्र था।
23उनके विषय में राजा की आज्ञा थी, और प्रतिदिन के लिए संगीत निर्देशकों का विशेष प्रबन्ध था।
24मशेजबेल का पुत्र पत“याह जो यहूदा के पुत्र जेरह के वंश में था, वह प्रजा से सम्बन्धित हर बात के लिए राजा का प्रतिनिधि था।
25गांव और उनके खेत, इस प्रकार बसा दिए गएः कुछ यहूदी किर्यतर्बा और उसके गांवों में, कुछ दीबोन और उसके गांवों में, कुछ यकब्सेल और उसके गांवों में
26फिर येशू, मोलादा, बेत-पेलेत,
27हसर-शूआल, और बेर्शेबा और उसके गांवों में,
28और सिकलग और मकोना और उनके गांवों में,
29एन-रिमोन, सोरा यर्मूत,
30जानोह और अदुल्लाम और उनके गांवों में, लाकीश, और उसके खेतों में अजेका, और उसके गांवों में, और उन्होंने बेर्शेबा से हिन्नोम की तराई तक डेरे डाले।
31ओर बिन्यामीनी इन स्थानों में रहते थेः गेबा से लेकर मिकमश, अय्या और बेत-एल और उसके गांवों में,
32अनातोत, नोब, अनन्याह,
33हासोर, रामा, गितैम,
34हादीद, सबोईम, नबल्लत,
35लोद, और ओनो जो कारीगरों की तराई है।
36और यहूदा के कुछ लेवीय दल बिन्यामीन के प्रान्त में बस गए।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)