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पुराना नियम · गिनती · अध्याय 17 / 36

गिनती 17

1तब यहोवा ने मूसा से कहा,

2“इस्राएलियों से बात करके उनके पूर्वजों के प्रत्येक घराने से एक लाठी अर्थात् उनके पूर्वजों के घरानों के अनुसार सब प्रधानों से कुल बारह लाठियां ले और प्रत्येक प्रधान का नाम उसी की लाठी पर लिख दे।

3लेवी की लाठी पर हारून का नाम लिख दे, क्योंकि पूर्वजों के घरानों के प्रत्येक प्रधान की एक लाठी होगी।

4उन लाठियों को मिलापवाले तम्बू में साक्षी के सन्दूक के आगे रख दे जहां मैं तुमसे भेंट किया करता हू।

5और ऐसा होगा कि जिस पुरुष को मैं चुनूंगा उसकी लाठी से कोंपलें फूट निकलेंगी। इस्राएल जो तुम पर कुड़कुड़ाते रहते हैं, वह कुड़कुड़ाना मैं अपने ऊपर से दूर करूंगा।”

6इसलिए मूसा ने इस्राएलियों से बातें की और उनके सब प्रधानों ने अपने-अपने पूर्वजों के घरानों के अनुसार एक-एक लाठी अर्थात् कुल बारह लाठियां उसे दी। उनमें हारून की लाठी भी थी।

7तब मूसा ने उन लाठियों को साक्षी के तम्बू में यहोवा के सम्मुख रख दिया।

8दूसरे दिन ऐसा हुआ जब मूसा साक्षी के तम्बू में गया तो क्या देखा कि हारून की लाठी जो लेवी के घराने के लिए थी उसमें न केवल कोंपलें वरन् कलियां, फूल और पके बादाम भी लगे है।

9तब मूसा सब लाठियां यहोवा के सामने से सब इस्राएलियों के पास ले आया; उन्होंने देखा और अपनी-अपनी लाठी ले ली।

10तब यहोवा ने मूसा से कहा, “हारून की लाठी साक्षी के सन्दूक के सामने फिर से रख दे कि वह विद्रोहियों के निमित्त चिह्न ठहरे, और इस प्रकार तू उनका कुड़कुड़ाना जो मेरे विरुद्ध होता है, बन्द कर दे, ऐसा न हो कि वे मर जाए।”

11मूसा ने ऐसा ही किया। जो आज्ञा यहोवा ने उसे दी, उसी के अनुसार उसने किया।

12तब इस्राएलियों ने मूसा से कहा, “देख, हम नष्ट होने को हैं, हम मर रहे हैं, हम सबके-सब मर रहे है।

13जो कोई यहोवा के निवास के तम्बू के समीप भी जाता है वह अवश्य मर जाता है। क्या हम सबके-सब नष्ट हो जाएं?”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)