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पुराना नियम · गिनती · अध्याय 2 / 36

गिनती 2

1यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

2“इस्राएल अपने-अपने पूर्वजों के घराने के झंडे तथा प्रतीक अपने डेरे के समीप खड़े करे। वे मिलापवाले तम्बू के चारों ओर कुछ दूसरी पर अपनी छावनी डाले।

3जो पूर्व में सूर्योदय की ओर अपने-अपने दल के अनुसार डेरे खड़े करें, वे यहूदा की छावनी वाले झंडे के लोग हो। वे यहूदा-वंशियों के प्रधान अर्थात् अम्मीनादाब के पुत्र नहशोन के साथ रहे।

4उसके दल के गिने हुए पुरुष चौहत्तर हजार छः सौ है।

5उनके समीप इस्साकार के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् सूआर के पुत्र नतनेल के साथ अपने डेरे खड़े करे।

6उसके दल के गिने हुए पुरुष चौवन हजार चार सौ है।

7फिर जबूलून के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् हेलोन के पुत्र एलीआब के साथ रहे।

8उसके दल के गिने हुए पुरुष सत्तावन हजार चार सौ है।

9दलों के अनुसार यहूदा की छावनी के गिने हुए पुरुषों की कुल संख्या एक लाख छियासी हजार चार सौ है। ये ही पहले प्रस्थान किया करे।

10“दक्षिण की ओर अपने दलों के अनुसार रूबेन की छावनी के झंडे के लोग अपने प्रधान अर्थात् शदेऊर के पुत्र एलीसूर के साथ रहें,

11उसके दल के गिने हुए पुरुष छियालीस हजार पांच सौ है।

12और उनके समीप शमौन के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् सूरीशद्दै के पुत्र शलूमीएल के साथ अपने डेरे खड़े करे।

13उसके दल के गिने हुए पुरुष उनसठ हजार तीन सौ है।

14फिर गाद के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् दूएल के पुत्र एल्यासाप के साथ अपने डेरे खड़े करें,

15उसके दल के गिने हुए पुरुष पैतालिस हजार छः सौ पचास है।

16दलों के अनुसार रूबेन की छावनी के गिने हुए पुरुषों की कुल संख्या एक लाख इक्यावन हजार चार सौ पचास है। प्रस्थान क्रम में ये दूसरे रहे।

17“फिर छावनियों के मध्य मिलापवाले तम्बू के साथ लेवियों की छावनी हो। जिस क्रम में उनकी छावनी हो, उसी क्रम में वे प्रस्थान करेंगे, हर एक अपने स्थान में अपने झंडे के समीप चले।

18“पश्चिम की ओर अपने दलों के अनुसार एप्रैम के गौत्र की छावनी के झंडे के लोग अपने प्रधान अर्थात् अम्मीहूद के पुत्र एलीशामा के साथ अपने डेरे खड़े करे।

19उसके दल के गिने हुए पुरुष चालीस हजार पांच सौ है।

20उनके समीप मनश्शे के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् पदासूर के पुत्र गमलिएल के साथ रहे।

21उसके दल के गिने हुए पुरुष बत्तीस हजार दो सौ है।

22फिर बिन्यामीन के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् गिदोनी के पुत्र अबीदान के साथ रहे।

23उसके दल के गिने हुए पुरुष पैंतीस हजार चार सौ है।

24दलों के अनुसार एप्रैम की छावनी के गिने हुए पुरुषों की कुल संख्या एक लाख आठ हजार एक सौ है, तथा प्रस्थान क्रम में वे तीसरे रहे।

25“उत्तर की ओर अपने दलों के अनुसार दान की छावनी के झंडे के लोग अपने प्रधान अर्थात् अम्मीशद्दै के पुत्र अहीएजेर के साथ अपने डेरे खड़े करे।

26उसके दल के गिने हुए पुरुष बासठ हजार सात सौ है।

27फिर आशेर के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् ओक्रान के पुत्र पगीएल के साथ अपने डेरे खड़े करे।

28उसके दल के गिने हुए पुरुष इकतालीस हजार पांच सौ है।

29फिर नप्ताली के गोत्र के लोग अपने प्रधान अर्थात् एनान के पुत्र अहीरा के साथ रहे।

30उसके दल के गिने हुए पुरुष तिरपन हजार चार सौ है।

31दान की छावनी में गिने हुए पुरुषों की कुल संख्या एक लाख सत्तावन हजार छः सौ है। वे अपने झुंडों के साथ प्रस्थान क्रम में अंतिम रहे।”

32अपने पूर्वजों के घरानों के अनुसार इस्राएल के गिने हुए पुरुष ये ही हैं: दलों के अनुसार उनकी छावनियों के गिने हुए पुरुषों की कुल संख्या छः लाख तीन हजार पांच सौ पचास थी।

33परन्तु यहोवा ने मूसा को जो आज्ञा दी थी, उसके अनुसार इस्राएलियों के साथ लेवीय गिने नहीं गए।

34यहोवा ने मूसा को जो आज्ञा दी थी, उसी के अनुसार इस्राएल अपने झंडे के साथ डेरे खड़े किया करते थे और हर एक अपने गोत्र और अपने पूर्वज के घराने के अनुसार पड़ाव डालता और प्रस्थान किया करता था।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)