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पुराना नियम · गिनती · अध्याय 3 / 36

गिनती 3

1जिस समय यहोवा के सीनै पर्वत पर मूसा से बातें की उस समय हारून और मूसा की वंशावली यह थी।

2हारून के पुत्रों के नाम ये हैं: नादाब, जो पहलौठा था, फिर अबीहू, एलीआजार और ईतामार।

3ये हारून के पुत्रों के नाम हैं जो अभिषिक्त याजक थे, जिन्हें उसने याजकीय सेवा के लिए नियुक्त किया था।

4इनमें से नादाब और अबीहू, यहोवा के सामने उस समय मर गए जिस समय उन्होंने सीनै के जंगल में यहोवा के सामने अपवित्र आग अर्पित की। वे तो निस्सन्तान थे, अतः एलीआजार और ईतामार अपने पिता हारून के जीवन भर याजकीय सेवा करते रहे।

5फिर यहोवा ने मूसा से यह कहा,

6“लेवी गोत्र के लोगों को समीप लाकर, हारून याजक के सामने खड़ा कर कि वे उसकी सेवा-टहल करे।

7जो कुछ उसकी ओर से, तथा जो कुछ सारी मंडली की ओर से उनको सौंपा जाए वह सब कार्य वे मिलापवाले तम्बू के सामने पूरा करे। इस प्रकार वे तम्बू की सेवा करे।

8तम्बू की सेवा करने के लिए इस्राएलियों के कर्त्तव्य को पूरा करने के साथ-साथ मिलापवाले तम्बू के सब सामानों की देखभाल भी करे।

9इस प्रकार तू लेवियों को हारून और उसके पुत्रों के अधिकार में दे देना। वे उसको इस्राएलियों में से पूर्णतः समर्पित किए गए है।

10अतः तू हारून और उसके पुत्रों को नियुक्त करना कि वे अपने याजक-पद को सम्भालें, परन्तु यदि कोई अन्य व्यक्ति समीप आए तो वह मार डाला जाए।”

11तब यहोवा ने मूसा से कहा,

12“देख, मैं इस्राएलियों में से लेवियों को उन सब पहलौठे पुत्रों के बदले में ले लेता हूं जो इस्राएल स्त्रियों के गर्भ से प्रथम सन्तान हो। अतः लेवीय मेरे हो।

13सब पहलौठे मेरे है। जिस दिन मैंने मिस्र देश में सब पहलौठों को मारा, उस दिन मैंने इस्राएल में मनुष्य से लेकर पशु तक सभी के पहलौठों को अपने लिए पवित्र ठहराया। वे मेरे हैं; मैं यहोवा हू।”

14तब यहोवा ने सीनै के जंगल में मूसा से यह कहाः

15“लेवियों के एक महीने और उससे अधिक आयु के पुरुषों की गणना उनके पूर्वजों के गोत्रों और घरानों के अनुसार कर।”

16अतः मूसा ने उनकी गणना यहोवा के वचन के अनुसार ठीक वैसी ही की जैसी उसको आज्ञा दी गई थी।

17लेवी के पुत्रों के नाम ये थेः गेर्शोन, कहात और मरारी।

18गेर्शोन के पुत्रों के नाम, उनके घरानों के अनुसार ये थेः लिब्नी और शिमी।

19कहात के पुत्र उनके घरानों के अनुसार ये थेः अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल।

20मरारी के पुत्र, उनके घरानों के अनुसार थेः महली और मूशी। लेवियों के कुल उनके पूर्वजों के घरानों के अनुसार ये ही थे।

21गेर्शोन से लिब्नियों और शिमियों के घराने चले। गेर्शोनियों के ये ही घराने थे।

22जब एक माह और अधिक आयु के पुरुष गिने गए, तो गिने हुए पुरुष सात हजार पांच सौ थे।

23गेर्शोनियों के घरानों को निवासस्थान के पीछे पश्चिम दिशा की ओर डेरे डालने थे।

24गेर्शोनियों के पूर्वजों के घरानों का प्रधान लाएल का पुत्र एल्यासाप था।

25मिलापवाले तम्बू में गेर्शोन-वंशियों को इनकी देख-भाल सौंपी गईः निवासस्थान, तम्बू, उसका आवरण, मिलापवाले तम्बू के द्वार के पर्दे,

26और जो आंगन, निवासस्थान और वेदी के चारों ओर था उसके पर्दे, उसके द्वार का पर्दा तथा सब डोरियां जो उसमें काम आती थी।

27फिर कहात से अम्रामियों, यिसहारियों, हेब्रोनियों और उज्जीएलियों के घराने चले। कहातियों के घराने ये ही है।

28उनके एक महीने और उससे अधिक आयु के पुरुष गिने गए तो वे आठ हजार छः सौ थे। उन्हें पवित्र स्थान का उत्तरदायित्व सौंपा गया।

29कहाती घराने के लोग निवासस्थान के दक्षिणी ओर डेरे डाला करें,

30तथा कहाती कुल के पूर्वजों के घरानों का प्रधान उज्जीएल का पुत्र एलीसापान था।

31उनको सन्दूक, मेज, दीवट, वेदियां, पवित्रस्थान के वे सब बर्तन जिनसे सेवा सम्पन्न की जाती है, पर्दे तथा सेवा में काम आने वाले सारे सामानों का उत्तरदायित्व सौंपा गया था।

32हारून याजक का पुत्र एलीआजार लेवियों के प्रधानों का प्रधान, तथा पवित्रस्थान की सेवा करने वालों का निरीक्षक था।

33मरारी से महलियों, और मूशियों के घराने चले। ये ही मरारी के घराने थे।

34जब एक माह और उससे अधिक आयु के पुरुषों की गिनती की गई तो गिने हुए पुरुष छः हजार दो सौ थे।

35अबीहैल का पुत्र सूरीएल मरारी कुल के पूर्वजों के घराने का प्रधान था। इनको निवासस्थान के उत्तरी ओर डेरे डालने थे।

36मरारीवंशियों को इस सेवा से सम्बन्धित इन वस्तुओं का उत्तरदायित्व सौंपाः निवासस्थान और उसके तख़्ते, बेंड़ें, खम्भे, कुर्सियां, उसके सारे सामान,

37आंगन के चारों ओर के खम्भे, उनकी कुर्सियां, खूंटे और डोरिया।

38निवासस्थान के आगे अर्थात् मिलापवाले तम्बू के आगे, पूर्व की ओर अर्थात् सूर्योदय की ओर, जिन्हें डेरे डालना था वे मूसा, हारून और उसके पुत्र थे। उन्हें इस्राएलियों के बदले पवित्रस्थान में सेवा का उत्तरदायित्व निभाना था। अन्य कोई मनुष्य जो उसके समीप आता, वह मार डाला जाता था।

39जब मूसा और हारून ने यहोवा की आज्ञा के अनुसार एक माह और उससे अधिक आयु के पुरुषों की गिनती उनके घरानों के अनुसार की तो लेवियों के गिने हुए पुरुष बाईस हजार थे।

40तब यहोवा ने मूसा से कहा, “इस्राएलियों का प्रत्येक पहलौठा पुरुष जो एक माह और उससे अधिक आयु का है उसे गिनकर उन सबके नामों की सूची बना।

41फिर इस्राएलियों के पहलौठों के बदले लेवियों को, और इस्राएलियों के सब चौपायों के पहलौठों के बदले लेवियों के चौपायों को मेरे लिए ले। मैं यहोवा हू।”

42अतः मूसा ने यहोवा की आज्ञा के अनुसार इस्राएलियों के सब पहलौठों को गिना।

43अर्थात् नामों की संख्या के अनुसार एक माह और उससे अधिक आयु के पहलौठों को, और गिने हुए पुरुष बाई हजार दो सौ तिहत्तर थे।

44तब यहोवा ने मूसा से कहा,

45“इस्राएलियों के पहलौठों के बदले लेवियों को, और उनके पशुओं के बदले लेवियों के पशुओं को ले। लेवीय मेरे ही ठहरें; मैं यहोवा हू।

46इस्राएलियों के पहलौठों में लेवियों की संख्या से जो दो सौ तिहत्तर पुरुष अधिक हैं उनके छुटकारे के लिए

47पुरुष-पीछे पांच शेकेल ले। वे पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से हों, अर्थात् बीस गेरा का एक शेकेल,

48जो गिनती में अधिक हैं उनके छुटकारे का रुपया हारून और उसके बेटों को दे।”

49अतः लेवियों के द्वारा छुड़ाए हुओं से जितने अधिक थे उनसे मूसा ने छुटकारे का रुपया ले लिया।

50इस्राएलियों के पहलौठों से उसने पवित्रस्थान के शेकेले के हिसाब से एक हजार तीन सौ पैंसठ शेकेल वसूल किए।

51तब जैसे यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी ठीक उसके वचन के अनुसार मूसा ने यह रुपया हारून और उसके पुत्रों को दे दिया।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)