पुराना नियम · गिनती · अध्याय 21 / 36
गिनती 21
1जब नेगेव में रहने वाले कनानी राजा अराद ने सुना कि अथारीम में इस्राएल आ रहे हैं तो उसने इस्राएलियों से लड़कर कुछ को बन्धुवा बना लिया।
2तब इस्राएलियों ने यहोवा से मन्नत मानी और कहा, “यदि तू सचमुच उन लोगों को हमारे हाथ में कर दे तो हम उनके नगरों का सर्वनाश कर देंगे।”
3और यहोवा ने इस्राएलियों की सुनकर कनानियों को उनके वश में कर दिया तब उन्होंने उनका और उनके नगरों का भी सर्वनाश कर दिया। इस प्रकार उस स्थान का नाम होर्मा पड़ा।
4फिर वे होर पर्वत से कूच करके लाल समुद्र के किनारे होकर चले कि एदोम देश के बाहर-बाहर घूम कर जाए। और लोगों का मन यात्रा के कारण बहुत अशान्त हो गया।
5वे लोग परमेश्वर और मूसा के विरोध में बोलने लगे, “तुम लोग हमको मिस्र से जंगल में मरने के लिए क्यों ले आए हो? यहां न तो रोटी है, न पानी और इस निकम्मे भोजन से हमारा मन भर गया है।”
6तब यहोवा ने उन लोगों में विषैले सर्प भेजे जिन्होंने लोगों को डसा और बहुत से इस्राएल मर गए।
7अतः लोग मूसा के पास जाकर कहने लगे, “हमने पाप किया है क्योंकि हमने यहोवा और तेरे विरुद्ध बातें की है। यहोवा से प्रार्थना कर कि वह सर्पों को हमसे दूर करे।” तब मूसा ने उनके लिए प्रार्थना की।
8तब यहोवा ने मूसा से कहा, “एक विषैला सर्प बनाकर खम्भे पर लटका और ऐसा होगा कि सर्प से डसा हुआ हर एक व्यक्ति जो उसे देखेगा वह जीवित रहेगा।”
9तब मूसा ने कांसे का एक सर्प बनाकर खम्भे पर लटकाया और ऐसा हुआ कि सर्प के डसे हुए जिस-जिस व्यक्ति ने कांसे के उस सर्प की ओर देखा वह जीवित रहा।
10फिर इस्राएलियों ने कूच करके ओबोत में पड़ाव डाला।
11और उन्होंने ओबोत से कूच करके ईय्ये-अबारीम अर्थात् उस जंगल में पड़ाव डाला जो पूर्व की ओर मोआब के सामने के जंगल में है।
12वहां से कूच करके उन्होंने जेरेद नाम की घाटी में पड़ाव डाला।
13वहां से कूच करके उन्होंने अर्नोन के पास पड़ाव डाला जो उस जंगल में है जो एमोरियों की सीमा से आरम्भ होता है क्योंकि अर्नोन नदी मोआब और एमोरियों के मध्य मोआब की सीमा पर है।
14इस कारण यहोवा की संग्राम नामक पुस्तक में यह कहा गया है, “सूपा में वाहेब, और अर्नोन की घाटी
15और उन घाटियों की ढलान जो आर नामक नगर तक फैली है और जो मोआब के सिवाने पर है।”
16फिर वहां से कूच करके वे बैर तक गए अर्थात् उस कुएं तक जहां यहोवा ने मूसा से कहा था, “उन लोगों को इकट्ठा कर कि मैं उन्हें पानी दू।”
17तब इस्राएलियों ने यह गीत गाया, “हे कुएं, फूट पड़! इसके लिए गाओ!
18जिसे हाकिमों ने खोदा, और इस्रााएल के रईसों ने अपने राजदण्ड और लाठियों से खोदा।” फिर वे जंगल से मत्ताना,
19और मत्ताना से नहलीएल, और नहलीएल से बामोत,
20और बामोत से कूच करके उस तराई तक जो मोआब के मैदान में है, और पिसगा के उस सिरे तक भी जहां से यशीमोन दिखता है, पहुंच गए।
21तब इस्राएलियों ने एमोरियों के राजा सीहोन के पास दूतों द्वारा यह कहला भेजा,
22“हमें अपने देश में से होकर जाने दे। हम मुड़कर किसी खेत व दाख की बारी में न जाएंगे; न किसी कुएं का पानी पीएंगे। और जब तक तेरे देश से बाहर न हो जाएं तब तक राज-मार्ग ही पर चलेंगे।”
23परन्तु सीहोन ने इस्राएलियों को अपने देश से होकर जाने की आज्ञा न दी। अतः सीहोन अपने सब लोगों को इकट्ठा करके इस्राएलियों के विरुद्ध जंगल में निकल आया और यहस में आकर इस्राएलियों से लड़ा।
24तब इस्राएलियों ने उसको तलवार के घाट उतार दिया और अर्नोन से यब्बोक अर्थात् अम्मोनियों की सीमा तक उसके देश को अपने अधिकार में ले लिया। अम्मोनियों की सीमा सुदृढ़ थी।
25तब इस्राएलियों ने इन सब नगरों को ले लिया और इस्राएल एमोरियों के सब नगरों में, हेशबोन और उसके सब गांवों में रहने लगे।
26हेशबोन तो एमोरियों के राजा सीहोन का नगर था जिसने मोआब के पहले राजा से युद्ध करके अर्नोन तक उसका सारा देश उसके हाथ से ले लिया था।
27इसलिए कहावत कहने वालों का कथन हैः “हेशबोन में आओ! यह बस जाए। यों सीहोन का नगर स्थापित हो जाए।
28क्योंकि हेशबोन से एक आग निकली, सीहोन के नगर से एक ज्वाला जिसने मोआब के आर को अर्थात् अर्नोन के ऊंचे स्थानों को निगल लिया।
29हे मोआब, तुझ पर हाय! हे कमोश के लोगों, तुम नष्ट हो गए! उसने अपने बेटों को भगोड़ा बना दिया, और अपनी बेटियों को एमोरी राजा सीहोन की दासियां बना दिया।
30परन्तु हमने उसे गिरा दिया, हेशबोन को दीबोन तक नष्ट कर दिया, और हमने नोपह को भी जो मेदबा तक फैला है उजाड़ दिया।”
31इस प्रकार इस्राएल, एमोरियों के देश में रहने लगे।
32तब मूसा ने याजेर नगर का भेद लेने के लिए भेजा। और उन्होंने वहां के गांवों को लेकर उनमें से एमोरियों को निकाल दिया।
33तब वे मुड़कर बाशान के मार्ग से जाने लगे। और बाशान का राजा ओग युद्ध करने के लिए अपने सब लोगों के साथ एद्रेई में निकल आया।
34यहोवा ने मूसा से कहा, “उससे मत डर, क्योंकि मैंने उसे, उसके सब लोगों और उसके देश को तेरे हाथ में दे दिया है। जैसा तूने हेशबोन में रहने वाले एमोरियों के राजा सीहोन के साथ किया है, वैसा ही उसके साथ भी करना।”
35अतः उन्होंने उसको, उसके पुत्रों, और उसकी सब प्रजा को यहां तक मारा कि कोई न बचा; और उन्होंने उसके देश पर अधिकार कर लिया।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)