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पुराना नियम · गिनती · अध्याय 26 / 36

गिनती 26

1फिर ऐसा हुआ कि मरी के बाद यहोवा ने मूसा से और हारून याजक के पुत्र एलीआजार से कहा,

2“इस्राएलियों की सारी मंडली में जितने लोग बीस वर्ष के व उससे अधिक आयु के हों और इस्राएलियों में से युद्ध करने के योग्य हों उनके पूर्वजों के घरानों के अनुसार उन सबकी गिनती करो।”

3अतः मूसा और एलीआजार याजक ने मोआब के मैदान में यरदन नदी के किनारे यरीहो के पास लोगों से कहा,

4“बीस वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की गिनती करो जैसा कि यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।” मिस्र देश से जो इस्राएल बाहर निकल आए थे वे ये हैं:

5रूबेन जो इस्राएल का पहलौठा था उसके पुत्र ये थेः हनोक जिसके हनोक-वंशियों का घराना चला; पल्लू जिससे पल्लू-वंशियों का घराना चला;

6हेस्रोन, जिससे हेस्रोन-वंशियों का घराना चला; कर्मी, जिससे कर्मी-वंशियों का घराना चला।

7रूबेन-वंशियों के घराने ये ही थे, और जो पुरुष गिने गए वे तैंतालीस हजार सात सौ तीस थे।

8और पल्लू का पुत्र एलीआब था।

9और एलीआब के पुत्र नमूएल, दातान और अबीराम थे। ये वे ही दातान और अबीराम हैं जो मंडली द्वारा बुलाए गए थे। जब कोरह की मंडली ने यहोवा का विरोध किया था तब इन्हीं लोगों ने मूसा और हारून का विरोध किया था।

10और पृथ्वी ने अपना मुंह खोलकर उन लोगों को कोरह के साथ निगल लिया, जब अग्नि ने दो सौ पचास लोगों को भस्म कर दिया और वह मंडली मर मिटी, अतः वे एक दृष्टान्त ठहरे।

11फिर भी कोरह की सन्तान तो नहीं मरी थी।

12शमौन-वंशी अपने-अपने घरानों के अनुसार ये थे अर्थात् नमूएल जिससे नमूएल-वंशियों का घराना चला, और यामीन जिससे यामीन-वंशियों का घराना चला, और याकीन जिससे याकीन-वंशियों का घराना चला,

13और जेरह जिससे जेरह-वंशियों का घराना चला, और शाऊल जिससे शाऊल-वंशियों का घराना चला।

14शिमौन-वंशियों के घरानों में ये ही बाईस हजार दो सौ पुरुष थे।

15और गाद-वंशी अपने-अपने घरानों के अनुसार ये थेः सोपान जिससे सोपान-वंशियों का घराना चला, और हाग्गी, जिससे हाग्गी-वंशियों का घराना चला, और शूनी, जिससे शून-वंशियों का घराना चला।

16और ओजनी जिससे ओजनी-वंशियों का घराना चला, और ऐरी जिससे ऐरी-वंशियों का घराना चला,

17और अरोद, जिससे अरोद-वंशियों का घराना चला, और अरेली, जिससे अरेली-वंशियों का घराना चला।

18गादियों के घराने ये ही थे; इनमें से जो पुरुष गिने गए थे चालीस हजार पांच सौ थे।

19यहूदा के पुत्र एर और ओनान थे, परन्तु वे कनान देश में मर गए।

20और यहूदा-वंशी अपने-अपने घराने के अनुसार ये थेः शेलाह, जिससे शेलाह-वंशियों का घराना चला; और पेरेस, जिससे पेरेस-वंशियों का घराना चला; और जेरह, जिससे जेरह-वंशियों का घराना चला।

21और पेरेस के पुत्र ये थेः हेस्रोन, जिससे हेस्रोन-वंशियों का घराना चला, और हामूल, जिससे हामूल-वंशियों का घराना चला।

22यहूदा के घराने ये ही थे; इनमें से जो पुरुष गिने गए वे छिहत्तर हजार पांच सौ थे।

23इस्साकार-वंशी अपने-अपने घरानों के अनुसार ये थेः तोला जिससे तोला-वंशियों का घराना चला, और पुव्वा, जिससे पुव्वा-वंशियों का घराना चला,

24और याशूब जिससे याशूब-वंशियों का घराना चला; और शिम्रोन, जिससे शिम्रोन-वंशियों का घराना चला।

25इस्साकार के घराने ये ही थे, इनमें से जो पुरुष गिने गए वे चौंसठ हजार तीन सौ थे।

26जबूलून-वंशी अपने-अपने घराने के अनुसार ये थेः सेरेद, जिससे सेेरेद-वंशियों का घराना चला, और एलोन, जिससे एलोन-वंशियों का घराना चला; और यहलेल, जिससे यहलेल-वंशियों का घराना चला।

27जबूलून- वंशियों के घराने ये ही थे, इनमें से जो पुरुष गिने गए वे साठ हजार पांच सौ थे।

28यूसुफ-वंशी अपने-अपने घराने के अनुसार ये थेः मनश्शे और एप्रैम।

29मनश्शे के पुत्र ये थेः माकीर, जिससे माकीर-वंशियों का घराना चला; और माकीर से गिलाद उत्पन्न हुआ; और गिलाद से गिलाद-वंशियों का घराना चला।

30गिलाद के पुत्र ये थेः ईएजेर, जिससे ईएजेर-वंशियों का घराना चला; हेलेक जिससे हेलेक-वंशियों का घराना चला;

31अस्रीएल, जिससे अस्रीएल-वंशियों का घराना चला; और शेकेम, जिससे शेकेम-वंशियों का घराना चला;

32और शमीदा, जिससे शमीदा-वंशियों का घराना चला, और हेपेर, जिससे हेपेर-वंशियों का घराना चला।

33और हेपेर के पुत्र सलोफाद के कोई पुत्र नहीं, केवल पुत्रियां थीं; और सलोफाद की पुत्रियों के नाम थे, महला, नोआ, होग्ला, मिल्का, और तिर्सा।

34मनश्शे के घराने ये ही थे; और इनमें से जो पुरुष गिने गए वे बावन हजार सात सौ थे।

35एप्रैम वंशी अपने-अपने घराने के अनुसार ये थेः शूतेलह, जिससे शूतेलह-वंशियों का घराना चला; और बेकर, जिससे बेकर-वंशियों का घराना चला, और तहन, जिससे तहन- वंशियों का घराना चला।

36और शूतेलह के ये ही पुत्र हुएः एरान, जिससे एरान-वंशियों का घराना चला।

37एप्रैम-वंशियों के घराने ये ही थे; इन में से जो पुरुष गिने गए वे बत्तीस हजार पांच सौ थे। यूसुफ-वंशी अपने-अपने घराने के अनुसार ये ही थे।

38बिन्यामीन वंशी अपने-अपने घराने के अनुसार ये थेः बेला, जिससे बेला-वंशियों का घराना चला; और अशबेल, जिससे अशबेल-वंशियाें का घराना चला; और अहीराम, जिससे अहीराम-वंशियों का घराना चला

39और शपूपाम, जिससे शूपाम-वंशियों का घराना चला; और हूपाम, जिससे हूपाम-वंशियों का घराना चला।

40और बेला के पुत्र अर्द और नामान थेः अर्द से अर्द-वंशियों का घराना, और नामान से नामान-वंशियों का घराना चला।

41बिन्यामीन के घराने ये ही थे; और इनमें से जो पुरुष गिने गए वे पैंतालीस हजार छः सौ थे।

42दान-वंशी अपने-अपने घराने के अनुसार ये थेः शूहाम, जिससे शूहाम-वंशियों का घराना चला। दान के घराने ये ही थे।

43शूहामियों के घरानों में जो पुरुष गिने गए वे कुल चौंसठ हजार चार सौ थे।

44आशेर-वंशी अपने-अपने घरानों के अनुसार ये थेः यिम्ना, जिससे यिम्ना-वंशियों का घराना चला; यिश्वी, जिससे यिश्वी-वंशियों का घराना चला; और बरीआ, जिससे बरीआ-वंशियों का घराना चला।

45बरीआ के पुत्र ये थेः हेबेर, जिससे हेबेर-वंशियों का घराना चला; और मल्कीएल, जिससे मल्कीएल-वंशियों का घराना चला।

46और आशेर की बेटी का नाम सेरह था।

47आशेर-वंशियों के घराने ये ही थे इनमें जो पुरुष गिने गए वे तिरपन हजार चार सौ थे।

48नप्ताली-वंशी अपने-अपने घरानों के अनुसार ये थेः यिहसेल जिससे यिहसेल-वंशियों का घराना चला; और गूनी, जिससे गूनी-वंशियों, का घराना चला;

49येसेर, जिससे येसेर-वंशियों का घराना चला; और शिल्लेम जिससे शिल्लेम-वंशियों का घराना चला।

50नप्ताली के घराने ये ही थे, इनमें से जो पुरुष गिने गए वे पैंतालीस हजार चार सौ थे।

51इस्राएलियों में से जो पुरुष गिने गए वे छः लाख एक हजार सात सौ तीस थे।

52फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

53“इन लोगों में यह भूमि इनका निज भाग होने के लिए इनके नामों की गिनती के अनुसार बांट दी जाए।

54बड़े घराने का निज भाग तू बढ़ा देना और छोटे घराने का निज भाग तू कम कर देना; प्रत्येक को उसका भाग उसके गिने हुए लोगों के अनुसार देना।

55परन्तु देश को चिट्ठी डालकर बांटना। वे अपना निज भाग अपने पूर्वजों के घराने के नाम के अनुसार पाए।

56घराने छोटे हों या बड़े उनका निज भाग चिट्ठी डाल कर बांटा जाए।”

57फिर लेवियों में से जो अपने घरानों के अनुसार गिने गए वे ये हैं: गेर्शोन से निकला हुआ गेर्शोन-वंशियों का घराना, कहात से निकला हुआ कहात-वंशियों का घराना; और मरारी से निकला हुआ मरारी-वंशियों का घराना।

58लेवियों के घराने ये हैं: लिब्नियों का घराना, हेब्रोनियों का घराना, महलियों का घराना, मूशियों का घराना और कोरहियों का घराना। और कहात से अम्राम उत्पन्न हुआ।

59और अम्राम की पत्नी का नाम योकेबेद था। वह लेवी की बेटी थी जो लेवी से मिस्र देश में उत्पन्न हुई थी। और उसने अम्राम से हारून और मूसा और उनकी बहन मरियम को जन्म दिया।

60और हारून से नादाब, अबीहू, एलीआजार और ईतामार उत्पन्न हुए।

61नादाब और अबीहू तो उस समय मर गए जब वे यहोवा के सामने अपवित्र आग ले गए।

62और जो उनमें से गिने गए, वे तेईस हज़ार थे अर्थात् वे पुरुष जो एक महीने या उससे अधिक आयु के थे। वे इस्राएलियों में इसलिए नहीं गिने गए क्योंकि उन्हें इस्राएलियों के साथ कोई भाग नहीं दिया गया था।

63ये वे लोग हैं जिन्हें मूसा और एलीआज़ार याजक ने गिना था। उन्होंने इस्राएलियों को मोआब के मैदानों में यरीहों के निकट यरदन नदी के तट पर गिना।

64परन्तु जिन लोगों की गिनती की गई उनमें एक भी पुरुष ऐसा नहीं था, जिसे मूसा और हारून ने सीनै में इस्राएलियों की गिनती के समय गिना हो।

65क्योंकि यहोवा ने उनके विषय में कहा था, “वे निश्चय जंगल में मर जाएंगे।” इसलिए यपुन्ने के पुत्र कालेब और नून के पुत्र यहोशू को छोड़ उनमें से एक भी पुरुष नहीं बचा था।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)