पुराना नियम · गिनती · अध्याय 25 / 36
गिनती 25
1जब इस्राएल शित्तीम में रहते थे तो वे मोआबी लड़कियों के साथ मिलकर व्यभिचार करने लगे।
2क्योंकि जब उन स्त्रियों ने उन लोगों को अपने देवताओं के आगे बलि के उत्सव में आमन्त्रित किया तो उन्होंने खाया और उनके देवताओं को दण्डवत् किया।
3इस प्रकार इस्राएल पोर के बाल की पूजा में सम्मिलित हो गए। तब यहोवा का कोप इस्राएल पर भड़क उठा।
4और यहोवा ने मूसा से कहा, “प्रजा के सब प्रधानों को पकड़कर यहोवा के लिए धूप में लटका दे जिससे कि मेरा भड़का हुआ कोप इस्राएल के ऊपर से दूर हो जाए।”
5तब मूसा ने इस्राएल के न्यायियों से कहा, “तुम में से हर एक अपने उन लोगों को घात करे जो पोर के बाल से मिल गए है।”
6जब इस्राएलियों की समस्त मंडली मिलापवाले तम्बू के द्वार पर रो रही थी तो एक इस्राएल पुरुष एक मिघानी स्त्री को खुलेआम मूसा और इस्राएलियों की समस्त मंडली के सामने, अपने सम्बन्धियों के पास ले आया।
7जब एलीआजार के पुत्र पीनहास ने, जो हारून याजक का पोता था, इसे देखा तो उसने मंडली के बीच से उठकर अपने हाथ में भाला ले लिया
8और उस इस्राएल पुरुष के पीछे-पीछे तम्बू में जाकर उन दोनों अर्थात् उस पुरुष और उस स्त्री के पेट में भाला आर-पार भोंक दिया। इस प्रकार इस्राएलियों में फैली मरी थम गई।
9इस मरी से चौबीस हजार मनुष्य मर गए।
10तब यहोवा ने मूसा से कहा,
11“हारून याजक के पोते अर्थात् एलीआजार के पुत्र पीनहास ने मेरी जलजलाहट को इस्राएलियों पर से दूर कर दिया है क्योंकि उसे उनके बीच मेरी भांति जलन हुई इसलिए मैंने अपनी जलन में उनका सर्वनाश नहीं किया।
12अतः इस प्रकार कहः “देख, ‘ मैं उससे शान्ति की वाचा बांधता हू।
13और वह उसके और उसके बाद उसके वंश के लिए सदा के याजकपद की वाचा होगी, क्योंकि उसे अपने परमेश्वर के लिए जलन हुई और उसने इस्राएलियों के लिए प्रायश्चित्त किया’।”
14वह इस्राएल पुरुष जो मिघानी स्त्री के साथ मारा गया, उसका नाम जिम्री था जो सालू का पुत्र और शिमोनियों के पूर्वजों के एक घराने का प्रधान था।
15और जो मिघानी स्त्री मारी गई उसका नाम कोजबी था। वह सूर की बेटी थी जो मिघान के पूर्वजों के घराने का प्रधान था।
16फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
17“मिघानियों का शत्रु बन, और उन्हें मार।
18क्योंकि उन्होंने पोर और कोजबी के सम्बन्ध में तुम्हें छला और तुमसे शत्रुता की है। कोजबी तो मिघानी प्रधान की बेटी और उनकी जाति-बहन थी जो मरी के दिन पोर के कारण मारी गई थी।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)