पुराना नियम · गिनती · अध्याय 28 / 36
गिनती 28
1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
2“इस्राएलियों को यह आज्ञा सुना, ‘तुम मेरे लिए भेंट, अर्थात् मेरा हव्यरूपी भोजन जो मेरे लिए सुखदायक सुगन्ध है, निर्धारित समय पर चढ़ाने का ध्यान रखना।’
3और तू उनसे कह, ‘जो-जो चढ़ावा तुम्हें यहोवा के लिए चढ़ाना होगा वह यह है; अर्थात् नित्य होमबलि के लिए भेड़ के एक-एक वर्ष के दोषरहित दो नर बच्चे प्रतिदिन चढ़ाया करना।
4एक मेमना भोर को और दूसरे मेमने को गोधूलि के समय चढ़ाना;
5और एपा के दसवें भाग भर मैदे को, कूट-कूट कर निकाले हुए तेल के हीन के एक चौथाई भाग से गूंध कर अन्नबलि भी चढ़ाना।
6“यह एक नित्य होमबलि है जिसे सीनै पर्वत पर यहोवा के लिए सुखदायक सुगन्ध वाला हव्य ठहराया गया है।
7फिर मेमने पीछे हीन का एक चौथाई अर्घ के रूप में अर्थात् पवित्रस्थान में मदिरा का यह अर्घ यहोवा के लिए देना
8और दूसरे मेमने को तुम गोधूलि के समय बलि चढ़ाना। अन्नबलि और अर्घ सहित भोर के होमबलि के समान उसे यहोवा के लिए सुखदायक सुगन्ध देने वाला हव्य करके चढ़ाना।
9“फिर सब्त को दोषरहित एक-एक साल के दो नर मेमने और तेल से गुंधा हुआ दो दसवां अंश मैदा अर्घ के साथ अन्नबलि चढ़ाना।
10नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अतिरिक्त प्रत्येक विश्राम दिन का यही होमबलि ठहरा है।
11“फिर प्रतिमाह अपने महीनों के आरम्भ में यहोवा के लिए होमबलि चढ़ाना, अर्थात् दो बछड़े, एक मेढ़ा और एक-एक वर्ष के सात दोषरहित नर मेमने।
12और बछड़े पीछे अन्नबलि के लिए तेल से गुंधा हुआ एपा का तीन दसवां अंश मैदा; और मेढ़े पीछे अन्नबलि के लिए तेल से गुंधा हुआ दो दसवां अंश मैदा;
13और मेमने पीछे तेल से गुंधा हुआ एपा का दसवां अंश मैदा अन्नबलि करके चढ़ाना, वह सुखदायक सुगन्ध वाला होमबलि और यहोवा के लिए हव्य ठहरेगा
14और उनके साथ यह अर्घ हो, अर्थात् बछड़ा पीछे आधा हीन, मेढ़ा पीछे तिहाई हीन और मेमने पीछे चौथाई हीन दाखमधु दिया जाए, वर्ष के सब महीनों में से प्रत्येक महीने का यही होमबलि ठहरे।
15और यहोवा के लिए एक बकरा पापबलि करके चढ़ाया जाए, यह नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाया जाए।
16“फिर पहले महीने के चौदहवें दिन यहोवा का फसह हो।
17और उसी महीने के पन्द्रहवें दिन पर्व हो; सात दिन तक अख़मीरी रोटी खाई जाए।
18पहले दिन पवित्र सभा हो, और उस दिन परिश्रम का कोई काम न किया जाए।
19उसमें तुम यहोवा के लिए हव्य अर्थात् होमबलि चढ़ाना, दो बछड़े, एक मेढ़ा और एक-एक वर्ष के सात मेमने-ये सब दोषरहित हो।
20और उनके अन्नबलि के लिए तुम तेल से सना हुआ मैदा चढ़ानाः बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश और मेढ़े पीछे दो दसवां अंश मैदा हो।
21सातों मेमनों में से मेमने पीछे एपा का दसवा अंश,
22और अपने प्रायश्चित्त के लिए एक बकरा पापबलि के रूप में चढ़ाना।
23भोर का होमबलि अर्थात् जो नित्य का होमबलि ठहरा है, उसके अतिरिक्त तुम इन्हें चढ़ाना।
24इस प्रकार तुम सात दिनों तक यहोवा के लिए सुखदायक सुगन्ध देने वाला हव्य का भोजन चढ़ाना; यह नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अतिरिक्त हो।
25और सातवें दिन तुम्हारी पवित्र सभा हो; उस दिन तुम परिश्रम का कोई काम न करना।
26पहली उपज के दिन जब तुम अपने सप्ताहों के पर्व में यहोवा के लिए नया अन्नबलि चढ़ाओ तब तुम पवित्र सभा करना और परिश्रम का कोई कार्य न करना।
27और यहोवा के लिए सुखदायक सुगन्ध देने को एक होमबलि चढ़ाना अर्थात् दो बछड़े, एक मेढ़ा, और एक-एक वर्ष के सात मेमने।
28और उनका अन्नबलि तेल से गुँधे हुए मैदे का हो, अर्थात् बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां भाग और मेढ़ें पीछे एपा का दो दसवां भाग,
29और सातों मेमनों में से एक-एक मेमने पीछे एपा का दसवां भाग चढ़ाना।
30और अपने प्रायश्चित्त के लिए एक बकरा भी चढ़ाना।
31वे सब दोषरहित हों नित्य होमबलि और इसके अन्नबलि के अतिरिक्त तुम उन्हें इनके अर्घ के साथ चढ़ाना।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)